2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर, 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी के मिलेंगे मौके

Government Jobs Ex Agniveer: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर इस साल 4 साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद रिटायर्ड होंगे. कार्यकाल पूरा होने के बाद सेना के बाहर निकलने वाले इन अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार अलग-अलग सरकारी विभागों में रोजगार के ऑप्शन तैयार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को आगे नौकरी के लिए अपनी पसंद का विभाग या स्थान चुनने का ऑप्शन मिल सकता है. इस संबंध में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ गृह मंत्रालय की ओर से बैठक भी की जा चुकी है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि 2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी कर सकेंगे. रेलवे में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण  पूर्व अग्निवीरों के लिए भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच सहयोग का ढांचा तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य अग्निवीरों और सेना से नागरिक जीवन में आने वाले कर्मियों के लिए रिटायरमेंट के बाद रोजगार का अवसर बढ़ाना है. इसके तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे में लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर पांच फीसदी, जबकि लेवल 1 के पदों पर 10 फीसदी  आरक्षण का प्रावधान किया गया है. वहीं पूर्व सैनिकों के लिए लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर 10 फीसदी तथा लेवल 1 के पदों पर 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है.  CAPF और असम राइफल्स में भी 50% आरक्षण  पूर्व अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ा ऑप्शन केंद्रीय सशस्त्र बल पुलिस बलों और असम राइफल्स में भी है. गृह मंत्रालय पहले ही ऐलान कर चुका है कि इन बलों में कांस्टेबल जनरल ड्यूटी और राइफलमैन जैसे पदों की भर्ती में 50 फीसदी पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे. इन पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा में छूट देने की जानकारी भी गृह मंत्रालय ने संसद में दी है. इसके अलावा उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट से भी छूट दी जाएगी.  ये भी पढ़ें-NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल राज्यों में भी सरकारी नौकरी के मौके  केंद्र के अलावा कुछ राज्यों में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान किया है. ऐसे पदों पर आरक्षण की सीमा अलग-अलग राज्यों में 10 से 20 फीसदी तक बताई गई है. चंडीगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए कई  विभागों में आरक्षण को मंजूरी दी गई है. चंडीगढ़ के जेल विभाग में ग्रुप-सी जेल वार्डर के सीधी भर्ती वाले पदों पर 20 फीसदी आरक्षण दिया गया. इसके अलावा चंडीगढ़ फायर सर्विस और वन विभाग में पात्र पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है.  4 साल के बाद क्या होगा? केंद्र सरकार की ओर से पूर्व अग्निवीरों को सेना से बाहर आने के बाद अलग-अलग सरकारी संगठनों में रोजगार के ऑप्शन देने की तैयारी की जा रही है. इसमें केंद्रीय बल, रेलवे और राज्य स्तरीय पुलिस तथा अन्य सरकारी विभाग शामिल है. इसके साथ ही जुलाई की कुछ रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों में अग्निवीरों की एक बड़ी संख्या को 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित सेवा में बनाए रखने पर विचार कर रही है. ये भी पढ़ें-सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025-26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप

Aug 14, 2026 - 04:30
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2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर, 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी के मिलेंगे मौके

Government Jobs Ex Agniveer: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर इस साल 4 साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद रिटायर्ड होंगे. कार्यकाल पूरा होने के बाद सेना के बाहर निकलने वाले इन अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार अलग-अलग सरकारी विभागों में रोजगार के ऑप्शन तैयार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को आगे नौकरी के लिए अपनी पसंद का विभाग या स्थान चुनने का ऑप्शन मिल सकता है. इस संबंध में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ गृह मंत्रालय की ओर से बैठक भी की जा चुकी है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि 2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी कर सकेंगे.

रेलवे में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 

पूर्व अग्निवीरों के लिए भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच सहयोग का ढांचा तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य अग्निवीरों और सेना से नागरिक जीवन में आने वाले कर्मियों के लिए रिटायरमेंट के बाद रोजगार का अवसर बढ़ाना है. इसके तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे में लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर पांच फीसदी, जबकि लेवल 1 के पदों पर 10 फीसदी  आरक्षण का प्रावधान किया गया है. वहीं पूर्व सैनिकों के लिए लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर 10 फीसदी तथा लेवल 1 के पदों पर 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है. 

CAPF और असम राइफल्स में भी 50% आरक्षण 

पूर्व अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ा ऑप्शन केंद्रीय सशस्त्र बल पुलिस बलों और असम राइफल्स में भी है. गृह मंत्रालय पहले ही ऐलान कर चुका है कि इन बलों में कांस्टेबल जनरल ड्यूटी और राइफलमैन जैसे पदों की भर्ती में 50 फीसदी पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे. इन पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा में छूट देने की जानकारी भी गृह मंत्रालय ने संसद में दी है. इसके अलावा उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट से भी छूट दी जाएगी. 

ये भी पढ़ें-NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल

राज्यों में भी सरकारी नौकरी के मौके 

केंद्र के अलावा कुछ राज्यों में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान किया है. ऐसे पदों पर आरक्षण की सीमा अलग-अलग राज्यों में 10 से 20 फीसदी तक बताई गई है. चंडीगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए कई  विभागों में आरक्षण को मंजूरी दी गई है. चंडीगढ़ के जेल विभाग में ग्रुप-सी जेल वार्डर के सीधी भर्ती वाले पदों पर 20 फीसदी आरक्षण दिया गया. इसके अलावा चंडीगढ़ फायर सर्विस और वन विभाग में पात्र पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है. 

4 साल के बाद क्या होगा?

केंद्र सरकार की ओर से पूर्व अग्निवीरों को सेना से बाहर आने के बाद अलग-अलग सरकारी संगठनों में रोजगार के ऑप्शन देने की तैयारी की जा रही है. इसमें केंद्रीय बल, रेलवे और राज्य स्तरीय पुलिस तथा अन्य सरकारी विभाग शामिल है. इसके साथ ही जुलाई की कुछ रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों में अग्निवीरों की एक बड़ी संख्या को 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित सेवा में बनाए रखने पर विचार कर रही है.

ये भी पढ़ें-सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025-26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप

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