12000 लोगों को निकाला, अब Oracle ने इस महिला को करोड़ों देकर नौकरी पर रखा, कौन है ये?

Oracle New CFO Hillary Maxon: दुनिया की सबसे बड़ी आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक ओरेकल ने हिलरी मैक्सन को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है. उन्हें एक बहुत ही आकर्षक सैलरी पैकेज दिया गया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कंपनी ने हाल ही में दुनिया भर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, जिसमें भारत के लगभग 12,000 कर्मचारी भी शामिल हैं. इस नियुक्ति का समय और सैलरी पैकेज का बड़ा आकार लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है, क्योंकि कंपनी एक तरफ खर्चों में कटौती कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ बड़े पदों पर नई नियुक्तियां भी कर रही है. ओरेकल की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मैक्सन को सालाना $950,000 की बेसिक सैलरी मिलेगी, जो भारतीय रुपये में लगभग 7.8 करोड़ रुपये के बराबर है. इसके अलावा उन्हें परफॉर्मेंस के आधार पर बोनस भी मिलेगा, जिसका लक्ष्य $2.5 मिलियन रखा गया है, जो करीब 20.75 करोड़ रुपये होता है. लंबे समय के इंसेंटिव के लिए इक्विटी ग्रांट यह बोनस कुछ खास परफॉर्मेंस पैमानों को पूरा करने पर निर्भर करेगा और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (जो 31 मई, 2026 को खत्म होगा) के लिए यह बोनस आनुपातिक रूप से (pro-rated) दिया जाएगा. इस तरह, स्टॉक-आधारित इंसेंटिव को छोड़कर, उनकी कुल सालाना कैश सैलरी संभावित रूप से $3.45 मिलियन तक पहुंच सकती है, जो 29 करोड़ रुपये सालाना है. मैक्सन की सैलरी का एक बड़ा हिस्सा स्टॉक-आधारित रिवॉर्ड के रूप में मिलेगा. ओरेकल ने उन्हें $26 मिलियन मूल्य की इक्विटी दी है, जो भारतीय रुपये में लगभग ₹215–₹216 करोड़ के बराबर है. इसमें से $20.8 (करीब ₹172 करोड़) मिलियन की इक्विटी समय-आधारित होगी, जो चार साल की अवधि में उन्हें पूरी तरह से मिल जाएगी. बाकी $5.2 मिलियन (करीब ₹43 करोड़) की इक्विटी परफॉर्मेंस-आधारित होगी, जो कंपनी के लक्ष्यों और लंबे समय के उद्देश्यों से जुड़ी होगी. मैक्सन 6 अप्रैल को CFO का पद संभालेंगी कंपनी के फैसलों के आधार पर इस इक्विटी में स्टॉक ऑप्शन और 'restricted stock units' (RSUs) शामिल हो सकते हैं. सैलरी और इक्विटी के अलावा, मैक्सन को 'relocation support' (एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद) भी मिलेगी. ओरेकल ने 12 महीने की अवधि में relocation से जुड़े खर्चों के लिए $250,000 (करीब ₹2 करोड़) तक की रकम वापस करने (reimburse करने) पर सहमति जताई है. उनकी नौकरी "at-will" आधार पर है, जो अमेरिका में कॉर्पोरेट नौकरियों के लिए एक आम बात है. इसका मतलब है कि दोनों में से कोई भी पक्ष किसी भी समय नौकरी खत्म कर सकता है. मैक्सन 6 अप्रैल, 2026 को CFO का पद संभालेंगी और CEO Safra Catz को रिपोर्ट करेंगी. वह ओरेकल के वैश्विक वित्त कार्यों का नेतृत्व ऐसे समय में करेंगी जब कंपनी को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI से जुड़ी सेवाओं की भारी मांग देखने को मिल रही है. एक सोची-समझी योजना के तहत किए जा रहे बदलावों के हिस्से के रूप में, वह मौजूदा वित्त नेतृत्व की जगह लेंगी. हिलरी मैक्सन कौन हैं? मैक्सन के पास कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री और MBA की डिग्री है. वह एंग्लो अमेरिकन plc में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर भी काम करती हैं और ऑडिट कमिटी की चेयरपर्सन हैं. ओरेकल में शामिल होने से पहले, मैक्सन ने Schneider Electric में Executive Vice President और Group CFO के तौर पर काम किया था. यह कंपनी इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोमेशन और डिजिटल सिस्टम के क्षेत्र में अपने काम के लिए दुनिया भर में जानी जाती है और इसकी सालाना कमाई $45 बिलियन से ज़्यादा है, जो भारतीय रुपये में 3.7 लाख करोड़ (लगभग) होता है. कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद हुई नियुक्ति यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई है. खबरों के मुताबिक, कंपनी ने हाल के महीनों में करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसमें अकेले भारत में ही करीब 12,000 नौकरियां कम की गई हैं. ये छंटनियां लागत कम करने के बड़े उपायों का हिस्सा थीं, क्योंकि ओरेकल ने अपने कामकाज को फिर से व्यवस्थित किया और क्लाउड और AI-आधारित ग्रोथ पर ज़्यादा ध्यान दिया. हालांकि टेक इंडस्ट्री में इस तरह का पुनर्गठन आम बात है, लेकिन बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती और अधिकारियों के ऊंचे वेतन के बीच का अंतर शायद चर्चा का विषय बना रहेगा. दुनिया भर के टेक सेक्टर में, कंपनियां कर्मचारियों की संख्या कम करती रही हैं, जबकि वे लीडरशिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे तेज़ी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में भारी निवेश कर रही हैं. ओरेकल का यह कदम इसी बड़े ट्रेंड को दिखाता है, जिसमें कंपनियां कुछ क्षेत्रों में लागत कम कर रही हैं, जबकि भविष्य की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दूसरे क्षेत्रों में जमकर खर्च कर रही हैं.

Apr 8, 2026 - 00:30
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12000 लोगों को निकाला, अब Oracle ने इस महिला को करोड़ों देकर नौकरी पर रखा, कौन है ये?

Oracle New CFO Hillary Maxon: दुनिया की सबसे बड़ी आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक ओरेकल ने हिलरी मैक्सन को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है. उन्हें एक बहुत ही आकर्षक सैलरी पैकेज दिया गया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कंपनी ने हाल ही में दुनिया भर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, जिसमें भारत के लगभग 12,000 कर्मचारी भी शामिल हैं.

इस नियुक्ति का समय और सैलरी पैकेज का बड़ा आकार लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है, क्योंकि कंपनी एक तरफ खर्चों में कटौती कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ बड़े पदों पर नई नियुक्तियां भी कर रही है. ओरेकल की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मैक्सन को सालाना $950,000 की बेसिक सैलरी मिलेगी, जो भारतीय रुपये में लगभग 7.8 करोड़ रुपये के बराबर है. इसके अलावा उन्हें परफॉर्मेंस के आधार पर बोनस भी मिलेगा, जिसका लक्ष्य $2.5 मिलियन रखा गया है, जो करीब 20.75 करोड़ रुपये होता है.

लंबे समय के इंसेंटिव के लिए इक्विटी ग्रांट

यह बोनस कुछ खास परफॉर्मेंस पैमानों को पूरा करने पर निर्भर करेगा और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (जो 31 मई, 2026 को खत्म होगा) के लिए यह बोनस आनुपातिक रूप से (pro-rated) दिया जाएगा. इस तरह, स्टॉक-आधारित इंसेंटिव को छोड़कर, उनकी कुल सालाना कैश सैलरी संभावित रूप से $3.45 मिलियन तक पहुंच सकती है, जो 29 करोड़ रुपये सालाना है.

मैक्सन की सैलरी का एक बड़ा हिस्सा स्टॉक-आधारित रिवॉर्ड के रूप में मिलेगा. ओरेकल ने उन्हें $26 मिलियन मूल्य की इक्विटी दी है, जो भारतीय रुपये में लगभग ₹215–₹216 करोड़ के बराबर है. इसमें से $20.8 (करीब ₹172 करोड़) मिलियन की इक्विटी समय-आधारित होगी, जो चार साल की अवधि में उन्हें पूरी तरह से मिल जाएगी. बाकी $5.2 मिलियन (करीब ₹43 करोड़) की इक्विटी परफॉर्मेंस-आधारित होगी, जो कंपनी के लक्ष्यों और लंबे समय के उद्देश्यों से जुड़ी होगी.

मैक्सन 6 अप्रैल को CFO का पद संभालेंगी

कंपनी के फैसलों के आधार पर इस इक्विटी में स्टॉक ऑप्शन और 'restricted stock units' (RSUs) शामिल हो सकते हैं. सैलरी और इक्विटी के अलावा, मैक्सन को 'relocation support' (एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद) भी मिलेगी. ओरेकल ने 12 महीने की अवधि में relocation से जुड़े खर्चों के लिए $250,000 (करीब ₹2 करोड़) तक की रकम वापस करने (reimburse करने) पर सहमति जताई है.

उनकी नौकरी "at-will" आधार पर है, जो अमेरिका में कॉर्पोरेट नौकरियों के लिए एक आम बात है. इसका मतलब है कि दोनों में से कोई भी पक्ष किसी भी समय नौकरी खत्म कर सकता है. मैक्सन 6 अप्रैल, 2026 को CFO का पद संभालेंगी और CEO Safra Catz को रिपोर्ट करेंगी. वह ओरेकल के वैश्विक वित्त कार्यों का नेतृत्व ऐसे समय में करेंगी जब कंपनी को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI से जुड़ी सेवाओं की भारी मांग देखने को मिल रही है. एक सोची-समझी योजना के तहत किए जा रहे बदलावों के हिस्से के रूप में, वह मौजूदा वित्त नेतृत्व की जगह लेंगी.

हिलरी मैक्सन कौन हैं?

मैक्सन के पास कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री और MBA की डिग्री है. वह एंग्लो अमेरिकन plc में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर भी काम करती हैं और ऑडिट कमिटी की चेयरपर्सन हैं. ओरेकल में शामिल होने से पहले, मैक्सन ने Schneider Electric में Executive Vice President और Group CFO के तौर पर काम किया था. यह कंपनी इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोमेशन और डिजिटल सिस्टम के क्षेत्र में अपने काम के लिए दुनिया भर में जानी जाती है और इसकी सालाना कमाई $45 बिलियन से ज़्यादा है, जो भारतीय रुपये में 3.7 लाख करोड़ (लगभग) होता है.

कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद हुई नियुक्ति

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई है. खबरों के मुताबिक, कंपनी ने हाल के महीनों में करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसमें अकेले भारत में ही करीब 12,000 नौकरियां कम की गई हैं. ये छंटनियां लागत कम करने के बड़े उपायों का हिस्सा थीं, क्योंकि ओरेकल ने अपने कामकाज को फिर से व्यवस्थित किया और क्लाउड और AI-आधारित ग्रोथ पर ज़्यादा ध्यान दिया.

हालांकि टेक इंडस्ट्री में इस तरह का पुनर्गठन आम बात है, लेकिन बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती और अधिकारियों के ऊंचे वेतन के बीच का अंतर शायद चर्चा का विषय बना रहेगा. दुनिया भर के टेक सेक्टर में, कंपनियां कर्मचारियों की संख्या कम करती रही हैं, जबकि वे लीडरशिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे तेज़ी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में भारी निवेश कर रही हैं. ओरेकल का यह कदम इसी बड़े ट्रेंड को दिखाता है, जिसमें कंपनियां कुछ क्षेत्रों में लागत कम कर रही हैं, जबकि भविष्य की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दूसरे क्षेत्रों में जमकर खर्च कर रही हैं.

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