12 अगस्त से देशभर में चक्का जाम का ऐलान, क्या पाकिस्तान में फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
Petrol-Diesel Rate in Pakistan: पाकिस्तान इस वक्त गहरे सुरक्षा और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. PoK और बलूचिस्तान में विरोध की आग सुलग रही है. वहीं, अब देश के भीतर आर्थिक मोर्चे पर भारी हंगामा खड़ा हो गया है. पाकिस्तान के ट्रांसपोर्टर्स ने कह दिया है कि अगर सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी-भरकम लेवी और करों को कम नहीं किया, तो वे 12 अगस्त, 2026 से देश भर में अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल शुरू कर देंगे. ट्रांसपोर्टरों की क्या है डिमांड? बता दें कि ऑल पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स फेडरेशन (APPTF) और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि 12 अगस्त, 2026 की सुबह से पाकिस्तान में ट्रकों, बसों और अंतर-राज्यीय परिवहन पूरी तरह से रोक दिए जाएंगे. ट्रांसपोर्टर्स सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के बजट में पेट्रोल और डीजल पर लगाई गई 70-80 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ है. उनका कहना है कि इस भारी टैक्स और टोल प्लाजा शुल्कों के कारण उनके लिए कारोबार करना अब असंभव सा होता जा रहा है. पाकिस्तान मिनी माज्दा एसोसिएशन और ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इन संगठनों के नेताओं का कहना है कि रोजाना ईंधन की कीमतें तय करने की सरकार की नीति से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी बोझ पड़ रहा है. वे मांग कर रहे हैं कि कारोबार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कीमतें महीने के आधार पर तय की जाएं. इस बात पर भी भड़के ट्रांसपोर्टर ट्रांसपोर्टरों का यह भी आरोप है कि हर साल टोल के तौर पर अरबों रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन बदले में सड़कें खराब हालत में रहती हैं और सिस्टम में भ्रष्टाचार फैला हुआ है. उन्होंने एक्सल-लोड नियमों के नाम पर मनमानी वसूली का भी आरोप लगाया है. गौरतलब है कि पाकिस्तानी सरकार ने हाल ही में पेट्रोल की कीमत में 3.19 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. इसके बावजूद, पेट्रोल अभी लगभग 329.82 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 382.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है और दोनों पर भारी टैक्स लगता है. क्या पाकिस्तान में फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? 12 अगस्त से चक्का जाम होने पर कराची पोर्ट जैसे बंदरगाहरें से रिफाइनरियों और वहां से शहरों के पेट्रोल पंपों तक कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई पूरी तरह से ठप्प हो जाएंगी. इससे ईंधन की किल्लत होगी और स्थानीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग शुरू हो सकती है, जिससे रिटेल स्तर पर कीमतें आसमान छू सकती हैं. पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 7 बिलियन डॉलर के बैलआउट पैकेज की अगली किस्त पाने के लिए पेट्रोलियम लेवी को और बढ़ाने का दबाव है. ग्लोबल लेवल पर भले ही कूटनीतिक वार्ताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें गिरकी 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ जाए, लेकिन पाकिस्तान सरकार आईएमएफ की शर्तों के कारण इसका फायदा जनता को देने में असमर्थ है. ये भी पढ़ें: चीनी की कीमतों में लगी आग, दिल्ली से मुंबई तक बढ़े रेट; जानें अब 1 किलो की कीमत?
Petrol-Diesel Rate in Pakistan: पाकिस्तान इस वक्त गहरे सुरक्षा और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. PoK और बलूचिस्तान में विरोध की आग सुलग रही है. वहीं, अब देश के भीतर आर्थिक मोर्चे पर भारी हंगामा खड़ा हो गया है. पाकिस्तान के ट्रांसपोर्टर्स ने कह दिया है कि अगर सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी-भरकम लेवी और करों को कम नहीं किया, तो वे 12 अगस्त, 2026 से देश भर में अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल शुरू कर देंगे.
ट्रांसपोर्टरों की क्या है डिमांड?
बता दें कि ऑल पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स फेडरेशन (APPTF) और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि 12 अगस्त, 2026 की सुबह से पाकिस्तान में ट्रकों, बसों और अंतर-राज्यीय परिवहन पूरी तरह से रोक दिए जाएंगे. ट्रांसपोर्टर्स सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के बजट में पेट्रोल और डीजल पर लगाई गई 70-80 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ है. उनका कहना है कि इस भारी टैक्स और टोल प्लाजा शुल्कों के कारण उनके लिए कारोबार करना अब असंभव सा होता जा रहा है.
पाकिस्तान मिनी माज्दा एसोसिएशन और ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन ने कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इन संगठनों के नेताओं का कहना है कि रोजाना ईंधन की कीमतें तय करने की सरकार की नीति से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी बोझ पड़ रहा है. वे मांग कर रहे हैं कि कारोबार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कीमतें महीने के आधार पर तय की जाएं.
इस बात पर भी भड़के ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्टरों का यह भी आरोप है कि हर साल टोल के तौर पर अरबों रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन बदले में सड़कें खराब हालत में रहती हैं और सिस्टम में भ्रष्टाचार फैला हुआ है. उन्होंने एक्सल-लोड नियमों के नाम पर मनमानी वसूली का भी आरोप लगाया है. गौरतलब है कि पाकिस्तानी सरकार ने हाल ही में पेट्रोल की कीमत में 3.19 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. इसके बावजूद, पेट्रोल अभी लगभग 329.82 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 382.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है और दोनों पर भारी टैक्स लगता है.
क्या पाकिस्तान में फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
12 अगस्त से चक्का जाम होने पर कराची पोर्ट जैसे बंदरगाहरें से रिफाइनरियों और वहां से शहरों के पेट्रोल पंपों तक कच्चे तेल और ईंधन की सप्लाई पूरी तरह से ठप्प हो जाएंगी. इससे ईंधन की किल्लत होगी और स्थानीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग शुरू हो सकती है, जिससे रिटेल स्तर पर कीमतें आसमान छू सकती हैं.
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 7 बिलियन डॉलर के बैलआउट पैकेज की अगली किस्त पाने के लिए पेट्रोलियम लेवी को और बढ़ाने का दबाव है. ग्लोबल लेवल पर भले ही कूटनीतिक वार्ताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें गिरकी 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ जाए, लेकिन पाकिस्तान सरकार आईएमएफ की शर्तों के कारण इसका फायदा जनता को देने में असमर्थ है.
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