सावधान! साइबर ठगों ने बना डाली SBI-Axis बैंक की नकली वेबसाइट, अब कैसे रहेंगे सुरक्षित?
अगर आपके फोन पर बैंक, क्रेडिट कार्ड या PM-KISAN से जुड़ा कोई लिंक आता है, तो उस पर जल्दबाजी में क्लिक करना मुश्किल में डाल सकता है. साइबर फ्रॉड अब ऐसी नकली वेबसाइट और ऐप बना रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं. इनका इस्तेमाल लोगों की बैंकिंग और प्राइवेट जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा है. SBI, ICICI Bank और Axis Bank के नाम पर भी ऐसे फर्जी पेज सामने आए हैं. सरकार की साइबर सेफ्टी एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर I4C ने 57 शक वाली वेबसाइट, फिशिंग पेज और डेटाबेस की पहचान की है. इसके बाद इसे हटाने के लिए Google को बोल दिया गया. जांच में कम से कम 7 पेज ऐसे मिले, जो SBI, ICICI Bank और Axis Bank की असली वेबसाइट जैसे दिखाई देते थे. यह भी पढ़े : LPG e-KYC की डेडलाइन हो गई खत्म, अब कट जाएगा आपका गैस कनेक्शन? बैंक की जानकारी चुराने का तरीका इन फर्जी वेबसाइट पर लोगों को बैंक जैसा लॉगिन पेज दिखाया जाता था. यहां यूजर से बैंक आईडी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी भरने को कहा जाता था. जानकारी डालते ही वो फ्रॉड तक पहुंच सकती थी. यानी कस्टमर को भनक लगे बिना उसकी जरूरी बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती थी. Google Firebase वेबसाइट और ऐप बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है. साइबर फ्रॉड ने इसके कुछ टूल्स का गलत इस्तेमाल कर नकली पेज तैयार किए. भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होने की वजह से ये पेज पहली नजर में लोगों को असली लग सकते थे. PM-KISAN और रिवॉर्ड के नाम पर फ्रॉड फ्रॉड किसानों को PM-KISAN की अगली किस्त का लालच देकर फर्जी ऐप डाउनलोड करा रहे थे. वहीं, कुछ लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट मिलने का लालच दिया गया. इसके लिए APK फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता था. ऐसी फाइल फोन में इंस्टॉल होने के बाद OTP, कार्ड और दूसरी प्राइवेट जानकारी चुराने की कोशिश कर सकती है. बैंक से जुड़े काम के लिए SMS, WhatsApp या ईमेल में आए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करे. बैंक की वेबसाइट का पता खुद टाइप करें और URL की स्पेलिंग चेक करें. अनजान APK डाउनलोड नहीं करें और बैंकिंग ऐप सिर्फ ऑफिसियल ऐप स्टोर से ही इंस्टॉल करें. थोड़ी सा ध्यान रख कर आप बड़े ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते है. यह भी पढ़े: क्या दाखिल-खारिज करा लेने से ही मिल जाएगा जमीन का मालिकाना हक? सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ
अगर आपके फोन पर बैंक, क्रेडिट कार्ड या PM-KISAN से जुड़ा कोई लिंक आता है, तो उस पर जल्दबाजी में क्लिक करना मुश्किल में डाल सकता है. साइबर फ्रॉड अब ऐसी नकली वेबसाइट और ऐप बना रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं. इनका इस्तेमाल लोगों की बैंकिंग और प्राइवेट जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा है. SBI, ICICI Bank और Axis Bank के नाम पर भी ऐसे फर्जी पेज सामने आए हैं.
सरकार की साइबर सेफ्टी एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर I4C ने 57 शक वाली वेबसाइट, फिशिंग पेज और डेटाबेस की पहचान की है. इसके बाद इसे हटाने के लिए Google को बोल दिया गया. जांच में कम से कम 7 पेज ऐसे मिले, जो SBI, ICICI Bank और Axis Bank की असली वेबसाइट जैसे दिखाई देते थे.
यह भी पढ़े : LPG e-KYC की डेडलाइन हो गई खत्म, अब कट जाएगा आपका गैस कनेक्शन?
बैंक की जानकारी चुराने का तरीका
इन फर्जी वेबसाइट पर लोगों को बैंक जैसा लॉगिन पेज दिखाया जाता था. यहां यूजर से बैंक आईडी, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी भरने को कहा जाता था. जानकारी डालते ही वो फ्रॉड तक पहुंच सकती थी. यानी कस्टमर को भनक लगे बिना उसकी जरूरी बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती थी.
Google Firebase वेबसाइट और ऐप बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है. साइबर फ्रॉड ने इसके कुछ टूल्स का गलत इस्तेमाल कर नकली पेज तैयार किए. भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होने की वजह से ये पेज पहली नजर में लोगों को असली लग सकते थे.
PM-KISAN और रिवॉर्ड के नाम पर फ्रॉड
फ्रॉड किसानों को PM-KISAN की अगली किस्त का लालच देकर फर्जी ऐप डाउनलोड करा रहे थे. वहीं, कुछ लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट मिलने का लालच दिया गया. इसके लिए APK फाइल डाउनलोड करने को कहा जाता था. ऐसी फाइल फोन में इंस्टॉल होने के बाद OTP, कार्ड और दूसरी प्राइवेट जानकारी चुराने की कोशिश कर सकती है.
बैंक से जुड़े काम के लिए SMS, WhatsApp या ईमेल में आए अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करे. बैंक की वेबसाइट का पता खुद टाइप करें और URL की स्पेलिंग चेक करें. अनजान APK डाउनलोड नहीं करें और बैंकिंग ऐप सिर्फ ऑफिसियल ऐप स्टोर से ही इंस्टॉल करें. थोड़ी सा ध्यान रख कर आप बड़े ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते है.
यह भी पढ़े: क्या दाखिल-खारिज करा लेने से ही मिल जाएगा जमीन का मालिकाना हक? सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ
What's Your Reaction?