सावधान! कहीं आपकी 12 साल पुरानी या 'प्रीमियम एज्ड' शराब में मिलावट तो नहीं? FSSAI ने कसा शिकंजा
अगर आप शराब की बोतल पर लिखा '12 साल पुरानी', 'प्रीमियम एज्ड' या किसी खास फ्लेवर का दावा देखकर उसे खरीदते हैं तो यह खबर आपके लिए है. फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने कई शराब बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. आरोप है कि कुछ कंपनियां नियमों के खिलाफ शराब में फ्लेवर मिला रही हैं और उसकी उम्र यानी Age को लेकर ऐसे दावे कर रही हैं, जो नियमों के मुताबिक नहीं हैं. क्या है मामला? FSSAI के मुताबिक जांच में तीन तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं. पहली गड़बड़ी: शराब में बाहर से फ्लेवर मिलाने को लेकर है. नियमों के मुताबिक रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे प्रोडक्ट्स में केवल उनका प्राकृतिक स्वाद और खुशबू ही होनी चाहिए, लेकिन कुछ कंपनियों पर आरोप है कि वे अतिरिक्त फ्लेवर मिलाकर असली स्वाद जैसा एहसास देने की कोशिश कर रही हैं. दूसरी गड़बड़ी: शराब की उम्र (Age) को लेकर किए जा रहे दावों से जुड़ी है. FSSAI का कहना है कि कुछ कंपनियां अपनी शराब को ज्यादा पुरानी या मैच्योर बताने वाले शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि इसके लिए तय नियमों का पालन नहीं किया गया. तीसरी गड़बड़ी: ब्लेंडेड शराब की उम्र बताने में पाई गई है. नियम कहता है कि अगर किसी बोतल पर 12 साल पुरानी शराब लिखा है तो उसमें इस्तेमाल की गई सबसे कम उम्र की स्पिरिट भी कम से कम 12 साल पुरानी होनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं है तो यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला दावा माना जाएगा. कंपनियों से मांगा जवाब FSSAI ने संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए. अगर कंपनियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. अगले हफ्ते होगी बैठक शराब उद्योग के संगठन CIABC के मुताबिक, FSSAI ने अगले हफ्ते इंडस्ट्री और दूसरे पक्षों के साथ बैठक बुलाई है. इसमें इन नियमों और उनके पालन को लेकर चर्चा होगी. पहले भी दिखा चुका है सख्त रुख हाल ही में FSSAI ने शराब की बोतलों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी को और स्पष्ट तरीके से लिखना अनिवार्य किया है. इसके अलावा कुछ समय पहले कई बड़ी बेवरेज कंपनियों को भी नोटिस भेजा गया था. उन पर अपने उत्पादों को 'एनर्जी ड्रिंक' बताकर बेचने का आरोप था, जबकि FSSAI ने इस श्रेणी के लिए अलग मानक तय नहीं किए हैं. फिलहाल FSSAI ने नोटिस पाने वाली शराब कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. ऐसे में अभी यह साफ नहीं है कि कार्रवाई किन-किन ब्रांड्स पर हो सकती है. ये भी पढ़ें: आप जो पैकेज्ड फूड खरीद रहे हैं, कहीं वह रीपैक्ड और एक्सपायर तो नहीं? जानें चेक करने के तरीके
अगर आप शराब की बोतल पर लिखा '12 साल पुरानी', 'प्रीमियम एज्ड' या किसी खास फ्लेवर का दावा देखकर उसे खरीदते हैं तो यह खबर आपके लिए है. फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने कई शराब बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. आरोप है कि कुछ कंपनियां नियमों के खिलाफ शराब में फ्लेवर मिला रही हैं और उसकी उम्र यानी Age को लेकर ऐसे दावे कर रही हैं, जो नियमों के मुताबिक नहीं हैं.
क्या है मामला?
FSSAI के मुताबिक जांच में तीन तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं.
- पहली गड़बड़ी: शराब में बाहर से फ्लेवर मिलाने को लेकर है. नियमों के मुताबिक रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे प्रोडक्ट्स में केवल उनका प्राकृतिक स्वाद और खुशबू ही होनी चाहिए, लेकिन कुछ कंपनियों पर आरोप है कि वे अतिरिक्त फ्लेवर मिलाकर असली स्वाद जैसा एहसास देने की कोशिश कर रही हैं.
- दूसरी गड़बड़ी: शराब की उम्र (Age) को लेकर किए जा रहे दावों से जुड़ी है. FSSAI का कहना है कि कुछ कंपनियां अपनी शराब को ज्यादा पुरानी या मैच्योर बताने वाले शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि इसके लिए तय नियमों का पालन नहीं किया गया.
- तीसरी गड़बड़ी: ब्लेंडेड शराब की उम्र बताने में पाई गई है. नियम कहता है कि अगर किसी बोतल पर 12 साल पुरानी शराब लिखा है तो उसमें इस्तेमाल की गई सबसे कम उम्र की स्पिरिट भी कम से कम 12 साल पुरानी होनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं है तो यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला दावा माना जाएगा.
कंपनियों से मांगा जवाब
FSSAI ने संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए. अगर कंपनियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
अगले हफ्ते होगी बैठक
शराब उद्योग के संगठन CIABC के मुताबिक, FSSAI ने अगले हफ्ते इंडस्ट्री और दूसरे पक्षों के साथ बैठक बुलाई है. इसमें इन नियमों और उनके पालन को लेकर चर्चा होगी.
पहले भी दिखा चुका है सख्त रुख
हाल ही में FSSAI ने शराब की बोतलों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी को और स्पष्ट तरीके से लिखना अनिवार्य किया है. इसके अलावा कुछ समय पहले कई बड़ी बेवरेज कंपनियों को भी नोटिस भेजा गया था. उन पर अपने उत्पादों को 'एनर्जी ड्रिंक' बताकर बेचने का आरोप था, जबकि FSSAI ने इस श्रेणी के लिए अलग मानक तय नहीं किए हैं. फिलहाल FSSAI ने नोटिस पाने वाली शराब कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. ऐसे में अभी यह साफ नहीं है कि कार्रवाई किन-किन ब्रांड्स पर हो सकती है.
ये भी पढ़ें: आप जो पैकेज्ड फूड खरीद रहे हैं, कहीं वह रीपैक्ड और एक्सपायर तो नहीं? जानें चेक करने के तरीके
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