'सत्ता में आकर लोग अहंकारी हो जाते हैं', नाम लिए बिना नितिन गडकरी ने अब किसे सुनाईं खरी-खोटी

Nitin Gadkari: बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. नागपुर में शनिवार (12 जुलाई, 2025) को शिक्षकों की एक सभा में उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता, धन, ज्ञान या सुंदरता प्राप्त करते हैं, वे अकसर अहंकारी हो जाते हैं. नितिन गडकरी ने कहा कि जब लोग यह मानने लगते हैं कि वे सबसे बुद्धिमान हैं तो उनकी हठधर्मिता दूसरों पर असर डालती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी खुद को थोपकर महान नहीं बनता. इतिहास देखिए जिन्हें अपने लोगों ने स्वीकार किया, उन्हें कभी किसी पर अपनी बात थोपनी नहीं पड़ी. 'सम्मान की मांग नहीं की जानी चाहिए, अर्जित करना चाहिए'  उन्होंने कहा कि लोगों का ये मानना कि मैं सबसे होशियार हूं. मैं 'साहब' बन गया हूं. मैं दूसरों की गिनती भी नहीं करता. ऐसा अहंकार सच्चे नेतृत्व को कमज़ोर कर देता है. टीमवर्क पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की ताकत चाहे वह राजनीति हो, सामाजिक कार्य हो या कॉर्पोरेट जीवन, मानवीय संबंधों में निहित होती है. आप अपने अधीनस्थों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह मायने रखता है. सम्मान की मांग नहीं की जानी चाहिए, इसे अर्जित किया जाना चाहिए. अगर आप इसके लायक हैं तो आपको यह मिलेगा. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत ने क्या कहा? गडकरी की इस बात पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत ने कहा कि उनका ये बयान स्पष्ट रूप से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर इशारा था, जो हाल ही में बहुत अहंकारी और आत्मकेंद्रित हो गया है. सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर क्या बोले गडकरी? सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर बात करते हुए गडकरी ने कहा कि शिक्षक भी इसमें शामिल हैं. कुछ तो नियमित नियुक्तियों के लिए भी रिश्वत मांगते हैं. उन्होंने कहा कि मैं अच्छी तरह जानता हूं कि शिक्षा विभाग में क्या चल रहा है.  अधिकारियों की जवाबदेही पर गडकरी ने कहा कि जब आपको नौकरी मिलती है तो आपकी परीक्षा होती है. मैं पूछता हूं कि क्या आप गधे को घोड़ा बना सकते हैं? यह मत कहो कि इसमें सुधार नहीं हो सकता क्योंकि सुधार के लिए ही तो आपको बुलाया गया है. ये भी पढ़ें:  पूर्व राजनायिक हर्ष श्रीगंला और उज्ज्वल निकम को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया

Jul 13, 2025 - 13:30
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'सत्ता में आकर लोग अहंकारी हो जाते हैं', नाम लिए बिना नितिन गडकरी ने अब किसे सुनाईं खरी-खोटी

Nitin Gadkari: बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. नागपुर में शनिवार (12 जुलाई, 2025) को शिक्षकों की एक सभा में उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता, धन, ज्ञान या सुंदरता प्राप्त करते हैं, वे अकसर अहंकारी हो जाते हैं.

नितिन गडकरी ने कहा कि जब लोग यह मानने लगते हैं कि वे सबसे बुद्धिमान हैं तो उनकी हठधर्मिता दूसरों पर असर डालती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी खुद को थोपकर महान नहीं बनता. इतिहास देखिए जिन्हें अपने लोगों ने स्वीकार किया, उन्हें कभी किसी पर अपनी बात थोपनी नहीं पड़ी.

'सम्मान की मांग नहीं की जानी चाहिए, अर्जित करना चाहिए' 

उन्होंने कहा कि लोगों का ये मानना कि मैं सबसे होशियार हूं. मैं 'साहब' बन गया हूं. मैं दूसरों की गिनती भी नहीं करता. ऐसा अहंकार सच्चे नेतृत्व को कमज़ोर कर देता है. टीमवर्क पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की ताकत चाहे वह राजनीति हो, सामाजिक कार्य हो या कॉर्पोरेट जीवन, मानवीय संबंधों में निहित होती है. आप अपने अधीनस्थों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, यह मायने रखता है. सम्मान की मांग नहीं की जानी चाहिए, इसे अर्जित किया जाना चाहिए. अगर आप इसके लायक हैं तो आपको यह मिलेगा.

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत ने क्या कहा?

गडकरी की इस बात पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत ने कहा कि उनका ये बयान स्पष्ट रूप से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर इशारा था, जो हाल ही में बहुत अहंकारी और आत्मकेंद्रित हो गया है.

सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर क्या बोले गडकरी?

सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर बात करते हुए गडकरी ने कहा कि शिक्षक भी इसमें शामिल हैं. कुछ तो नियमित नियुक्तियों के लिए भी रिश्वत मांगते हैं. उन्होंने कहा कि मैं अच्छी तरह जानता हूं कि शिक्षा विभाग में क्या चल रहा है. 

अधिकारियों की जवाबदेही पर गडकरी ने कहा कि जब आपको नौकरी मिलती है तो आपकी परीक्षा होती है. मैं पूछता हूं कि क्या आप गधे को घोड़ा बना सकते हैं? यह मत कहो कि इसमें सुधार नहीं हो सकता क्योंकि सुधार के लिए ही तो आपको बुलाया गया है.

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पूर्व राजनायिक हर्ष श्रीगंला और उज्ज्वल निकम को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया

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