शेख हसीना के मीडिया इवेंट पर आया भारत सरकार का बयान, जानें क्या कहा

भारत की जमीन से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ढाका में सियासी हलचल तेज हो गई. शेख हसीना के बयान के बाद बांग्लादेश और भारत के बीच तनाव बढ़ता नजर आया. बांग्लादेश ने इस पूरे मामले को लेकर भारत पर सवाल उठाए और अपनी नाराजगी जाहिर की. बांग्लादेश की आपत्तियों पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी साफ जवाब दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि शेख हसीना के इस कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था. Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (August 07, 2026)https://t.co/rT0CbgPosI — Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 7, 2026 ये भी पढ़ें: FCRA पर US के सांसद की टिप्पणी पर भड़का भारत, 'खुद अमेरिका...' शेख हसीना के बयान पर भारत का साफ जवाब विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक निजी कार्यक्रम था. इसके आयोजन में भारत सरकार की किसी भी तरह की भूमिका नहीं थी. MEA ने यह भी साफ कर दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने जो भी बयान दिए, भारत सरकार उनका समर्थन नहीं करती है. यानी भारत ने शेख हसीना के बयानों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. भारत का कहना है कि यह कार्यक्रम निजी था और इसे लेकर भारत सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी. FCRA बिल पर अमेरिकी सांसद को भारत का जवाब FCRA यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट बिल को लेकर एक अमेरिकी सांसद की ओर से सवाल उठाए जाने पर भी भारत ने अपना रुख साफ किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि FCRA बिल पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के कानून और विधायी मामलों पर अंतिम फैसला भारत की संसद करती है. ऐसे मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है. भारत ने यह भी कहा कि विदेशी फंड को नियंत्रित करने के नियम सिर्फ भारत में ही नहीं हैं. अमेरिका समेत दुनिया के कई देश अपने यहां आने वाले विदेशी फंड को नियंत्रित करते हैं. ऐसे में भारत का विदेशी फंड को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाना एक सामान्य प्रक्रिया है. ये भी पढ़ें: लोकसभा में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन? MPs को व्हीप जारी, NDA के भी निर्देश

Aug 7, 2026 - 21:30
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शेख हसीना के मीडिया इवेंट पर आया भारत सरकार का बयान, जानें क्या कहा

भारत की जमीन से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ढाका में सियासी हलचल तेज हो गई. शेख हसीना के बयान के बाद बांग्लादेश और भारत के बीच तनाव बढ़ता नजर आया. बांग्लादेश ने इस पूरे मामले को लेकर भारत पर सवाल उठाए और अपनी नाराजगी जाहिर की.

बांग्लादेश की आपत्तियों पर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी साफ जवाब दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि शेख हसीना के इस कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था.

ये भी पढ़ें: FCRA पर US के सांसद की टिप्पणी पर भड़का भारत, 'खुद अमेरिका...'

शेख हसीना के बयान पर भारत का साफ जवाब

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक निजी कार्यक्रम था. इसके आयोजन में भारत सरकार की किसी भी तरह की भूमिका नहीं थी. MEA ने यह भी साफ कर दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने जो भी बयान दिए, भारत सरकार उनका समर्थन नहीं करती है. यानी भारत ने शेख हसीना के बयानों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. भारत का कहना है कि यह कार्यक्रम निजी था और इसे लेकर भारत सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी.

FCRA बिल पर अमेरिकी सांसद को भारत का जवाब

FCRA यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट बिल को लेकर एक अमेरिकी सांसद की ओर से सवाल उठाए जाने पर भी भारत ने अपना रुख साफ किया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि FCRA बिल पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के कानून और विधायी मामलों पर अंतिम फैसला भारत की संसद करती है. ऐसे मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है. भारत ने यह भी कहा कि विदेशी फंड को नियंत्रित करने के नियम सिर्फ भारत में ही नहीं हैं. अमेरिका समेत दुनिया के कई देश अपने यहां आने वाले विदेशी फंड को नियंत्रित करते हैं. ऐसे में भारत का विदेशी फंड को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाना एक सामान्य प्रक्रिया है.

ये भी पढ़ें: लोकसभा में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन? MPs को व्हीप जारी, NDA के भी निर्देश

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