शाम होते ही घर की लाइटों के साथ करेंगे ये काम तो कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक, स्टडी में खुलासा

हम सबकी लाइफ में रोशनी बहुत जरूरी है. दिन में सूरज की रोशनी हमें एनर्जी देती है, और जैसे ही शाम होती है, हम अपने घरों को रोशनी से जगमग कर देते हैं. ऊपर से लाइट, कमरे में लैंप, टीवी की चमकती स्क्रीन और मोबाइल की ब्लू लाइट सब मिलकर रात को भी दिन जैसा उजाला बना देती हैं. सड़कों पर भी लाइटों की इतनी भरमार है कि असली अंधेरा अब शायद ही देखने को मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैॆ कि ये लगातार रहने वाली रोशनी आपके दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती है.  हाल ही में JAMA नेटवर्क में प्रकाशित एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि रात में ज्यादा रोशनी में रहने से हार्ट की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. यह सिर्फ आपकी नींद को नहीं, बल्कि शरीर की पूरी सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ देती है और इसका सीधा असर आपके हार्ट पर पड़ता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि शाम होते ही घर की लाइटों के साथ कौन सा काम कर लेंगे तो कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा.  स्टडी में क्या खुलासा हुआ? शोधकर्ताओं ने बताया कि जब हम रात में तेज रोशनी के संपर्क में आते हैं. चाहे वह कमरे की लाइट हो, मोबाइल स्क्रीन की चमक हो या फिर बाहर की स्ट्रीट लाइट, तो हमारा शरीर कंफ्यूज हो जाता है. शरीर को लगता है कि अभी दिन है, और वह जागने की अवस्था में चला जाता है. इससे हमारे हार्मोन और नींद के पैटर्न गड़बड़ा जाते हैं. इस गड़बड़ी के कारण शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, हार्ट स्पीड तेज हो जाती है, और सूजन जैसी प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं. लंबे समय तक ऐसा होने से दिल की बीमारियों, दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.  इस अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले थे. जो लोग रात में सबसे ज्यादा रोशनी में रहते थे. जैसे कि कमरे में तेज लाइट जलाकर सोना या देर रात फोन चलाना. उनमें कोरोनरी धमनी रोग का खतरा 32 प्रतिशत ज्यादा,  हार्ट अटैक का खतरा 56 प्रतिशत ज्यादा, और स्ट्रोक का खतरा 30 प्रतिशत ज्यादा पाया गया. और खास बात यह रही कि ये खतरे तब भी बने रहे जब शोधकर्ताओं ने अन्य चीजें जैसे कि एक्सरसाइज, डाइट, जेनेटिक कारण और नींद की आदतें को ध्यान में रखा यानी सिर्फ रात की रोशनी ही हार्ट के लिए एक बड़ा जोखिम बन रही थी.  लाइटों के साथ कौन सा काम कर लेंगे तो कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा अगर आप चाहते हैं कि आपका हार्ट लंबे समय तक हेल्दी रहे, तो अब रात की रोशनी को हल्का करने का समय है. विशेषज्ञों की मानें तो सूर्यास्त के बाद घर की लाइटें डिम कर दें, मोटे पर्दे या ब्लैक आउट कर्टन लगाएं ताकि बाहर की लाइट अंदर न आ सके, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप स्क्रीन देखना बंद कर दें, बेडरूम में हल्की पीली या वार्म लाइट का यूज करें और तेज सफेद रोशनी से बचें.  यह भी पढ़ें: इस बीमारी के चलते हुआ एक्टर सतीश शाह का निधन, जानें किस स्टेज में हो जाती है ये खतरनाक? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Oct 26, 2025 - 11:30
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शाम होते ही घर की लाइटों के साथ करेंगे ये काम तो कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक, स्टडी में खुलासा

हम सबकी लाइफ में रोशनी बहुत जरूरी है. दिन में सूरज की रोशनी हमें एनर्जी देती है, और जैसे ही शाम होती है, हम अपने घरों को रोशनी से जगमग कर देते हैं. ऊपर से लाइट, कमरे में लैंप, टीवी की चमकती स्क्रीन और मोबाइल की ब्लू लाइट सब मिलकर रात को भी दिन जैसा उजाला बना देती हैं. सड़कों पर भी लाइटों की इतनी भरमार है कि असली अंधेरा अब शायद ही देखने को मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैॆ कि ये लगातार रहने वाली रोशनी आपके दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती है. 

हाल ही में JAMA नेटवर्क में प्रकाशित एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि रात में ज्यादा रोशनी में रहने से हार्ट की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. यह सिर्फ आपकी नींद को नहीं, बल्कि शरीर की पूरी सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ देती है और इसका सीधा असर आपके हार्ट पर पड़ता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि शाम होते ही घर की लाइटों के साथ कौन सा काम कर लेंगे तो कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा. 

स्टडी में क्या खुलासा हुआ?

शोधकर्ताओं ने बताया कि जब हम रात में तेज रोशनी के संपर्क में आते हैं. चाहे वह कमरे की लाइट हो, मोबाइल स्क्रीन की चमक हो या फिर बाहर की स्ट्रीट लाइट, तो हमारा शरीर कंफ्यूज हो जाता है. शरीर को लगता है कि अभी दिन है, और वह जागने की अवस्था में चला जाता है. इससे हमारे हार्मोन और नींद के पैटर्न गड़बड़ा जाते हैं. इस गड़बड़ी के कारण शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, हार्ट स्पीड तेज हो जाती है, और सूजन जैसी प्रतिक्रियाएं शुरू हो जाती हैं. लंबे समय तक ऐसा होने से दिल की बीमारियों, दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. 

इस अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले थे. जो लोग रात में सबसे ज्यादा रोशनी में रहते थे. जैसे कि कमरे में तेज लाइट जलाकर सोना या देर रात फोन चलाना. उनमें कोरोनरी धमनी रोग का खतरा 32 प्रतिशत ज्यादा,  हार्ट अटैक का खतरा 56 प्रतिशत ज्यादा, और स्ट्रोक का खतरा 30 प्रतिशत ज्यादा पाया गया. और खास बात यह रही कि ये खतरे तब भी बने रहे जब शोधकर्ताओं ने अन्य चीजें जैसे कि एक्सरसाइज, डाइट, जेनेटिक कारण और नींद की आदतें को ध्यान में रखा यानी सिर्फ रात की रोशनी ही हार्ट के लिए एक बड़ा जोखिम बन रही थी. 

लाइटों के साथ कौन सा काम कर लेंगे तो कभी हार्ट अटैक नहीं आएगा
 
अगर आप चाहते हैं कि आपका हार्ट लंबे समय तक हेल्दी रहे, तो अब रात की रोशनी को हल्का करने का समय है. विशेषज्ञों की मानें तो सूर्यास्त के बाद घर की लाइटें डिम कर दें, मोटे पर्दे या ब्लैक आउट कर्टन लगाएं ताकि बाहर की लाइट अंदर न आ सके, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप स्क्रीन देखना बंद कर दें, बेडरूम में हल्की पीली या वार्म लाइट का यूज करें और तेज सफेद रोशनी से बचें. 

यह भी पढ़ें: इस बीमारी के चलते हुआ एक्टर सतीश शाह का निधन, जानें किस स्टेज में हो जाती है ये खतरनाक?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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