विदेशी निवेशकों की वापसी पर बड़ा अपडेट; इस ग्लोबल ब्रोकरेज ने बता दिया कब लौटेंगे एफआईआई, जानें डिटेल

FII Selling Trend: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. पिछले कई दिनों से बिकवाली का यह दौर चालू है. बाजार के नई ऊंचाइयों को छूने के बावजूद भी विदेशी निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह लौटता नजर नहीं आ रहा है. हाल ही में सेंसेक्स और निफ्टी 14 महीने के नए ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंचे थे. हालांकि इसके बाद भी एफआईआई लगातार बिकवाली करते रहे. बाजार में उनकी वापसी को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है. जहां कुछ लोग वैल्यूएशन को अहम मानते हैं, वहीं ग्लोबल ब्रोकरेज गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि विदेशी निवेशक तब लौटेंगे, जब कंपनियों की कमाई में मजबूत सुधार देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं, ब्रोकरेज का क्या है कहना? एफआईआई की वापसी पर गोल्डमैन सैक्स का नजरिया गोल्डमैन सैक्स के एशिया पेसिफिक इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट टिमोथी मो का कहना है कि कमजोर प्रदर्शन के बाद एफआईआई की भारत में वापसी साल 2026 में संभव है. उनका मानना है कि, यह वापसी ऊंचे वैल्यूएशन की वजह से नहीं, बल्कि कंपनियों की कमाई में सुधार के चलते होगी. ईटी नाउ से बातचीत में उन्होंने बताया कि साल 2025 में भारत एशिया और उभरते बाजारों में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहा. यह स्थिति करीब तीन दशकों में पहली बार देखने को मिली है. जब भारत का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा हैं. गोल्डमैन सैक्स की राय गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों के लिए भारत में निवेश का फैसला कंपनियों की कमाई में सुधार पर निर्भर करेगा. ब्रोकरेज के मुताबिक, साल 2026 में एमएससीआई इंडिया इंडेक्स की अर्निंग में करीब 15 प्रतिशत तक की तेजी आ सकती है. टिमोथी मो के अनुसार, इससे उभरते बाजारों में भारत औसत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल भारतीय बाजार करीब 22 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि यह महंगा तो है, लेकिन लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए इसे काफी हद तक सही माना जा सकता है. मो का कहना है कि, आने वाले समय में बाजार से मिलने वाला रिटर्न ज्यादातर कंपनियों की कमाई बढ़ने पर निर्भर करेगा, न कि वैल्यूएशन के और ऊपर जाने पर. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि, भारत की रिकवरी में थोड़ा वक्त लग सकता है. क्योंकि निवेशक पहले अर्निंग ग्रोथ के साफ संकेत देखना चाहते हैं.  यह भी पढ़ें: Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेजी बरकरार! चांदी ने लगाई 21,000 रुपये की छलांग, जानें आपके शहर का ताजा भाव

Jan 27, 2026 - 12:30
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विदेशी निवेशकों की वापसी पर बड़ा अपडेट; इस ग्लोबल ब्रोकरेज ने बता दिया कब लौटेंगे एफआईआई, जानें डिटेल

FII Selling Trend: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. पिछले कई दिनों से बिकवाली का यह दौर चालू है. बाजार के नई ऊंचाइयों को छूने के बावजूद भी विदेशी निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह लौटता नजर नहीं आ रहा है.

हाल ही में सेंसेक्स और निफ्टी 14 महीने के नए ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंचे थे. हालांकि इसके बाद भी एफआईआई लगातार बिकवाली करते रहे. बाजार में उनकी वापसी को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है. जहां कुछ लोग वैल्यूएशन को अहम मानते हैं, वहीं ग्लोबल ब्रोकरेज गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि विदेशी निवेशक तब लौटेंगे, जब कंपनियों की कमाई में मजबूत सुधार देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं, ब्रोकरेज का क्या है कहना?

एफआईआई की वापसी पर गोल्डमैन सैक्स का नजरिया

गोल्डमैन सैक्स के एशिया पेसिफिक इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट टिमोथी मो का कहना है कि कमजोर प्रदर्शन के बाद एफआईआई की भारत में वापसी साल 2026 में संभव है. उनका मानना है कि, यह वापसी ऊंचे वैल्यूएशन की वजह से नहीं, बल्कि कंपनियों की कमाई में सुधार के चलते होगी.

ईटी नाउ से बातचीत में उन्होंने बताया कि साल 2025 में भारत एशिया और उभरते बाजारों में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहा. यह स्थिति करीब तीन दशकों में पहली बार देखने को मिली है. जब भारत का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा हैं.

गोल्डमैन सैक्स की राय

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों के लिए भारत में निवेश का फैसला कंपनियों की कमाई में सुधार पर निर्भर करेगा. ब्रोकरेज के मुताबिक, साल 2026 में एमएससीआई इंडिया इंडेक्स की अर्निंग में करीब 15 प्रतिशत तक की तेजी आ सकती है.

टिमोथी मो के अनुसार, इससे उभरते बाजारों में भारत औसत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल भारतीय बाजार करीब 22 गुना फॉरवर्ड अर्निंग्स पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि यह महंगा तो है, लेकिन लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए इसे काफी हद तक सही माना जा सकता है.

मो का कहना है कि, आने वाले समय में बाजार से मिलने वाला रिटर्न ज्यादातर कंपनियों की कमाई बढ़ने पर निर्भर करेगा, न कि वैल्यूएशन के और ऊपर जाने पर. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि, भारत की रिकवरी में थोड़ा वक्त लग सकता है. क्योंकि निवेशक पहले अर्निंग ग्रोथ के साफ संकेत देखना चाहते हैं. 

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेजी बरकरार! चांदी ने लगाई 21,000 रुपये की छलांग, जानें आपके शहर का ताजा भाव

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