लैंड डील केस में कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा पर गिरी गाज, ईडी ने किया गिरफ्तार

ED arrests Kolkata DCP Santanu Sinha Biswa: कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है. सीजीओ कॉम्प्लेक्स से जुड़े मामले में करीब साढ़े दस घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी की तरफ से यह कार्रवाई की गई है. कोलकाता डीसीपी गिरफ्तार इससे पहले, बिस्वास को अप्रैल के मध्य में करीब पांच बार समन भेजा गया था, लेकिन वे साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए थे. ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मौद्रिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े विवरण देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई. गौरतलब है कि इससे पहले भी कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) बिस्वास कथित जमीन हड़पने और जबरन वसूली से जुड़े मामले में ईडी के सामने पेश हुए थे. कालीघाट थाने के पूर्व प्रभारी रहे बिस्वास को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है. लुकआाउट नोटिस किया गया था जारी ईडी ने उन्हें पहले भी कई बार पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे लगातार पेश होने से बचते रहे. इसके बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके. यह नोटिस सभी हवाई अड्डों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी भेजा गया था. जांच के दौरान ‘सोना पप्पू’ नामक व्यवसायी से जुड़े जमीन हड़पने और जबरन वसूली के मामले में बिस्वास का नाम सामने आया. इसके अलावा, बेहाला के व्यवसायी जय कामदार से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के केस में भी उनकी कथित संलिप्तता की जानकारी मिली है. फिलहाल, ईडी इस पूरे मामले में उनकी भूमिका की गहराई से जांच कर रही है और आगे की पूछताछ जारी है. ये भी पढ़ें: अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद… ब्रिक्स बैठक में इजरायल-यूएस पर भड़के ईरान के विदेश मंत्री, बोले- नहीं झुकने वाले

May 15, 2026 - 06:30
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लैंड डील केस में कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा पर गिरी गाज, ईडी ने किया गिरफ्तार

ED arrests Kolkata DCP Santanu Sinha Biswa: कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है. सीजीओ कॉम्प्लेक्स से जुड़े मामले में करीब साढ़े दस घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी की तरफ से यह कार्रवाई की गई है.

कोलकाता डीसीपी गिरफ्तार

इससे पहले, बिस्वास को अप्रैल के मध्य में करीब पांच बार समन भेजा गया था, लेकिन वे साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए थे. ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मौद्रिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े विवरण देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई.

गौरतलब है कि इससे पहले भी कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) बिस्वास कथित जमीन हड़पने और जबरन वसूली से जुड़े मामले में ईडी के सामने पेश हुए थे. कालीघाट थाने के पूर्व प्रभारी रहे बिस्वास को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है.

लुकआाउट नोटिस किया गया था जारी

ईडी ने उन्हें पहले भी कई बार पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे लगातार पेश होने से बचते रहे. इसके बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके. यह नोटिस सभी हवाई अड्डों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी भेजा गया था.

जांच के दौरान ‘सोना पप्पू’ नामक व्यवसायी से जुड़े जमीन हड़पने और जबरन वसूली के मामले में बिस्वास का नाम सामने आया. इसके अलावा, बेहाला के व्यवसायी जय कामदार से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के केस में भी उनकी कथित संलिप्तता की जानकारी मिली है. फिलहाल, ईडी इस पूरे मामले में उनकी भूमिका की गहराई से जांच कर रही है और आगे की पूछताछ जारी है.

ये भी पढ़ें: अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद… ब्रिक्स बैठक में इजरायल-यूएस पर भड़के ईरान के विदेश मंत्री, बोले- नहीं झुकने वाले

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