राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच करेगी ED? अयोध्या पुलिस लिखेगी चिट्ठी, चौंकाने वाला खुलासा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी हुई. अयोध्या पुलिस इस मामले की जांच के लिए ईडी को भी पत्र लिखेगी.  पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से कुछ आरोपी कुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरी करते थे. मगर कुंभ के दौरान मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में भारी बढ़ोतरी हुई, जिसका आरोपियों ने फायदा उठाया और मिलकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया. पुलिस के अनुसार चोरी की पूरी साजिश सभी 8 आरोपियों ने मिलकर रची थी. पुलिस जांच में बड़ा खुलासा जांच में पता चला है कि जीजा-साले की जोड़ी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम की चोरी की. जांच में दोनों से जुड़ी करीब आधा दर्जन से ज्यादा संपत्तियों की जानकारी पुलिस को मिली है. आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पूरी पड़ताल के लिए अयोध्या पुलिस आयकर विभाग की भी मदद ले रही है. जांच के दौरान SBI के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी पुलिस के शक के दायरे में आई है. बैंक से मांगे रिकॉर्ड उधर, अयोध्या पुलिस ने उन सात बैंकों से पिछले पांच साल के बैंकिंग रिकॉर्ड मांगे हैं, जहां गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी डॉक्यूमेंट, जमा रिकॉर्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल मांगी है, जिससे वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को दोबारा तैयार किया जा सके और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेरफेर की जानकारी पता लगाई जा सके. Ram Mandir Case Live: राम मंदिर चोरी केस में ED की एंट्री! जांच के लिए SIT को मिली 15 दिन की मोहलत चढ़ावा चोरी मामले में कथित चोरी, गबन और हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई. जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई, इसमें कितनी धनराशि प्रभावित हुई और किन-किन लोगों की भूमिका रही. विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. राम मंदिर एसआईटी आज नहीं देगी फाइनल रिपोर्ट? जांच के लिए मिले 15 और दिन! सपा बोली- ये सब बेकार है...

Jul 1, 2026 - 13:30
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच करेगी ED? अयोध्या पुलिस लिखेगी चिट्ठी, चौंकाने वाला खुलासा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी हुई. अयोध्या पुलिस इस मामले की जांच के लिए ईडी को भी पत्र लिखेगी. 

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से कुछ आरोपी कुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरी करते थे. मगर कुंभ के दौरान मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में भारी बढ़ोतरी हुई, जिसका आरोपियों ने फायदा उठाया और मिलकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया. पुलिस के अनुसार चोरी की पूरी साजिश सभी 8 आरोपियों ने मिलकर रची थी.

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

जांच में पता चला है कि जीजा-साले की जोड़ी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम की चोरी की. जांच में दोनों से जुड़ी करीब आधा दर्जन से ज्यादा संपत्तियों की जानकारी पुलिस को मिली है. आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पूरी पड़ताल के लिए अयोध्या पुलिस आयकर विभाग की भी मदद ले रही है. जांच के दौरान SBI के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी पुलिस के शक के दायरे में आई है.

बैंक से मांगे रिकॉर्ड

उधर, अयोध्या पुलिस ने उन सात बैंकों से पिछले पांच साल के बैंकिंग रिकॉर्ड मांगे हैं, जहां गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी डॉक्यूमेंट, जमा रिकॉर्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल मांगी है, जिससे वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को दोबारा तैयार किया जा सके और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेरफेर की जानकारी पता लगाई जा सके.

Ram Mandir Case Live: राम मंदिर चोरी केस में ED की एंट्री! जांच के लिए SIT को मिली 15 दिन की मोहलत

चढ़ावा चोरी मामले में कथित चोरी, गबन और हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई. जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई, इसमें कितनी धनराशि प्रभावित हुई और किन-किन लोगों की भूमिका रही.

विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

राम मंदिर एसआईटी आज नहीं देगी फाइनल रिपोर्ट? जांच के लिए मिले 15 और दिन! सपा बोली- ये सब बेकार है...

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