भारतीय क्रू मेंबर्स को ले जा रहे शिप लियाकी फ्रीडम पर ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने किया अटैक? MEA ने बताई हकीकत

ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज लियाकी फ्रीडम से संपर्क टूटने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उस पर हमले की अफवाह तेजी से फैल गई. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत स्थिति साफ करते हुए कहा कि जहाज के मास्टर से संपर्क हो चुका है, सभी क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले की खबरें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं. विदेश मंत्रालय ने जारी किया फैक्ट चेकविदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैक्ट चेक जारी करते हुए कहा कि लियाकी फ्रीडम पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी और भ्रामक खबरों से सावधान रहें और उन पर भरोसा न करें. जहाज से कुछ समय के लिए टूटा था संपर्कफॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जहाज का वीएचएफ (VHF) रेडियो कुछ समय तक जवाब नहीं दे रहा था, जिससे चिंता बढ़ गई थी. हालांकि संगठन ने जहाज की लोकेशन ट्रैक कर ली थी और उसके समुद्र में सुरक्षित होने की जानकारी मिली. अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ी थी चिंताहाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाओं के बाद लियाकी फ्रीडम को लेकर भी आशंका जताई गई. इसी वजह से संपर्क टूटने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर हमले की अफवाह फैल गई. Fake News Alert!Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media. pic.twitter.com/Xn8I65LdKu — MEA FactCheck (@MEAFactCheck) June 13, 2026 तीन भारतीय नाविकों की हो चुकी है मौतपिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की जिम्मेदारी अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को बताया था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. जयशंकर ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया विरोधविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है. यह भी पढ़ें: 'कमर्शियल जहाजों पर कार्रवाई उचित नहीं', एस जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में तीन भारतीयों की मौत पर मार्को रुबियो को सुनाया यह भी पढ़ें: अमेरिका ने 30 से ज्यादा देशों को की बायोलैब्स की फंडिंग, कुर्सी छोड़ने से पहले FBI डायरेक्टर तुलसी गबार्ड का बड़ा दावा सेटेबेलो जहाज हादसे में गई थी तीन भारतीयों की जानपालाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है. अन्य जहाजों के चालक दल सुरक्षितइस सप्ताह एमटी जलवीर के इंजन रूम में आग लगने के बाद चालक दल को ओमान के शिनास बंदरगाह पहुंचाया गया, जहां सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए. वहीं एमटी मैरिवेक्स पर हुए हमले के बाद भी उसमें सवार 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था. अफवाहों से बचने की अपीलविदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर पूरी तरह गलत है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचें.

Jun 13, 2026 - 15:30
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भारतीय क्रू मेंबर्स को ले जा रहे शिप लियाकी फ्रीडम पर ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने किया अटैक? MEA ने बताई हकीकत

ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज लियाकी फ्रीडम से संपर्क टूटने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उस पर हमले की अफवाह तेजी से फैल गई. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत स्थिति साफ करते हुए कहा कि जहाज के मास्टर से संपर्क हो चुका है, सभी क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले की खबरें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं.

विदेश मंत्रालय ने जारी किया फैक्ट चेक
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैक्ट चेक जारी करते हुए कहा कि लियाकी फ्रीडम पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी और भ्रामक खबरों से सावधान रहें और उन पर भरोसा न करें.

जहाज से कुछ समय के लिए टूटा था संपर्क
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जहाज का वीएचएफ (VHF) रेडियो कुछ समय तक जवाब नहीं दे रहा था, जिससे चिंता बढ़ गई थी. हालांकि संगठन ने जहाज की लोकेशन ट्रैक कर ली थी और उसके समुद्र में सुरक्षित होने की जानकारी मिली.

अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ी थी चिंता
हाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाओं के बाद लियाकी फ्रीडम को लेकर भी आशंका जताई गई. इसी वजह से संपर्क टूटने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर हमले की अफवाह फैल गई.

तीन भारतीय नाविकों की हो चुकी है मौत
पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की जिम्मेदारी अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को बताया था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था.

जयशंकर ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया विरोध
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है.

यह भी पढ़ें: 'कमर्शियल जहाजों पर कार्रवाई उचित नहीं', एस जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में तीन भारतीयों की मौत पर मार्को रुबियो को सुनाया

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने 30 से ज्यादा देशों को की बायोलैब्स की फंडिंग, कुर्सी छोड़ने से पहले FBI डायरेक्टर तुलसी गबार्ड का बड़ा दावा

सेटेबेलो जहाज हादसे में गई थी तीन भारतीयों की जान
पालाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है.

अन्य जहाजों के चालक दल सुरक्षित
इस सप्ताह एमटी जलवीर के इंजन रूम में आग लगने के बाद चालक दल को ओमान के शिनास बंदरगाह पहुंचाया गया, जहां सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए. वहीं एमटी मैरिवेक्स पर हुए हमले के बाद भी उसमें सवार 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था.

अफवाहों से बचने की अपील
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर पूरी तरह गलत है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचें.

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