बिहार में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं चिराग पासवान? NDA की बढ़ाई टेंशन; रख दी ये बड़ी शर्त!

बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अभी तक ना तो NDA और न ही महागठबंधन के दलों के बीच सीट शेयरिंग हो पाई है. पिछले दिनों बीजेपी की तरफ से चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े ने पटना में जीतनराम माझी, उपेंद्र कुशवाहा, लल्लन सिंह और संजय झा से मुलाकात की. आज मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को दिल्ली में बीजेपी नेताओं ने चिराग पासवान से मुलाकात की और सीट शेयरिंग को लेकर उनसे बात की है. बैठक में बीजेपी की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े और मंगल पांडे मौजूद थे. NDA में सीट शेयरिंग पर LJP (रामविलास) के नेता चिराग पासवान की मांग के कारण मामला लटका हुआ है. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि NDA में सीट बंटवारा अगले दो-तीन दिनों में पूरा हो जाएगा और जल्दी ही इसका ऐलान हो सकता है. BJP ने दिया ऑफर, लेकिन चिराग ने रखी ये मांग चिराग पासवान की अगर बात करें, तो उनकी पार्टी के पास बिहार में कुल पांच लोकसभा सांसद हैं. हाजीपुर, जमुई, वैशाली, समस्तीपुर और खगड़िया. हर लोकसभा क्षेत्र में औसतन 6-6 विधानसभा सीटें आती हैं. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की तरफ से लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन वाले विधानसभा क्षेत्रों को चिराग की पार्टी को ऑफर किया गया है. इस हिसाब से चिराग की पार्टी को लगभग 22-23 सीटें मिल रही हैं. इसके अलावा, कुछ और सीट चिराग को दी जा सकती हैं. जबकि चिराग चाहते हैं कि 2024 में जीती हुई 5 लोकसभा सीटों के आधार पर उनकी पार्टी को 2-2 विधानसभा सीटें इन क्षेत्रों में दी जाएं, बाकी सीटें अलग इलाकों में मिले. इससे सिर्फ इन 5 लोकसभा सीटों से ही 10 विधानसभा सीटें तय हो जाएंगी. जिससे बाकी बची हुई सीटें अन्य लोकसभाओं से मिलने से पार्टी का विस्तार होगा और मजबूती मिलेगी. इसके अलावा पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर सम्मानजनक सीटों की मांग कर रही है और बड़े नेताओं के लिए भी सीटें मांगी गई हैं. बरहमपुर, गोविंद गंज और हिसुआ की सीट पर फंसा पेच साल 2020 विधानसभा चुनाव में अकेले लड़कर चिराग पासवान ने NDA को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इस बार बीजेपी चाहती है कि चिराग NDA के साथ रहें, जिससे बड़ा संदेश चुनावों में जाए. इसके अलावा कुछ सीटों पर बीजेपी और जेडीयू के सिटिंग विधायक है, उनकी डिमांड भी चिराग कर रहे हैं. बरहमपुर और गोविंद गंज, हिसुआ की सीट पर भी पेंच हैं, ⁠बरहमपुर की सीट हुलास पांडेय के लिए और गोविंद गंज राजू तिवारी के लिए चाहते हैं, हिसुआ सीट भी धीरेंद्र कुमार मुन्ना के लिए चिराग चाहते हैं. सीट शेयरिंग को लेकर कई बार भाजपा अध्यक्ष से मिल चुके हैं चिराग पासवान भाजपा नेताओं ने उनके साथ हुई बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी मांगों पर विचार करके फिर से बैठक करने की बात कही है. चिराग पासवान की बात करें, तो वो 40 से ज्यादा सीट की डिमांड कर रहे हैं और वो सीटों के साथ बहुत ज्यादा समझौता करने के मूड में नहीं है. हालांकि. भाजपा नेताओं के साथ सीट शेयरिंग को लेकर आज पहली औपचारिक मुलाकात थी, इससे पहले चिराग कई बार भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर चुके हैं. यह भी पढ़ेंः बिहार SIR में फाइनल लिस्ट से छूटे लोगों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी, याचिकाकर्ता से पूछा- 'वास्तविक लोग सामने क्यों नहीं आ रहे?'

Oct 8, 2025 - 01:30
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बिहार में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं चिराग पासवान? NDA की बढ़ाई टेंशन; रख दी ये बड़ी शर्त!

बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अभी तक ना तो NDA और न ही महागठबंधन के दलों के बीच सीट शेयरिंग हो पाई है. पिछले दिनों बीजेपी की तरफ से चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े ने पटना में जीतनराम माझी, उपेंद्र कुशवाहा, लल्लन सिंह और संजय झा से मुलाकात की. आज मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को दिल्ली में बीजेपी नेताओं ने चिराग पासवान से मुलाकात की और सीट शेयरिंग को लेकर उनसे बात की है. बैठक में बीजेपी की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े और मंगल पांडे मौजूद थे.

NDA में सीट शेयरिंग पर LJP (रामविलास) के नेता चिराग पासवान की मांग के कारण मामला लटका हुआ है. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि NDA में सीट बंटवारा अगले दो-तीन दिनों में पूरा हो जाएगा और जल्दी ही इसका ऐलान हो सकता है.

BJP ने दिया ऑफर, लेकिन चिराग ने रखी ये मांग

चिराग पासवान की अगर बात करें, तो उनकी पार्टी के पास बिहार में कुल पांच लोकसभा सांसद हैं. हाजीपुर, जमुई, वैशाली, समस्तीपुर और खगड़िया. हर लोकसभा क्षेत्र में औसतन 6-6 विधानसभा सीटें आती हैं. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की तरफ से लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन वाले विधानसभा क्षेत्रों को चिराग की पार्टी को ऑफर किया गया है. इस हिसाब से चिराग की पार्टी को लगभग 22-23 सीटें मिल रही हैं. इसके अलावा, कुछ और सीट चिराग को दी जा सकती हैं.

जबकि चिराग चाहते हैं कि 2024 में जीती हुई 5 लोकसभा सीटों के आधार पर उनकी पार्टी को 2-2 विधानसभा सीटें इन क्षेत्रों में दी जाएं, बाकी सीटें अलग इलाकों में मिले. इससे सिर्फ इन 5 लोकसभा सीटों से ही 10 विधानसभा सीटें तय हो जाएंगी. जिससे बाकी बची हुई सीटें अन्य लोकसभाओं से मिलने से पार्टी का विस्तार होगा और मजबूती मिलेगी. इसके अलावा पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर सम्मानजनक सीटों की मांग कर रही है और बड़े नेताओं के लिए भी सीटें मांगी गई हैं.

बरहमपुर, गोविंद गंज और हिसुआ की सीट पर फंसा पेच

साल 2020 विधानसभा चुनाव में अकेले लड़कर चिराग पासवान ने NDA को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इस बार बीजेपी चाहती है कि चिराग NDA के साथ रहें, जिससे बड़ा संदेश चुनावों में जाए. इसके अलावा कुछ सीटों पर बीजेपी और जेडीयू के सिटिंग विधायक है, उनकी डिमांड भी चिराग कर रहे हैं. बरहमपुर और गोविंद गंज, हिसुआ की सीट पर भी पेंच हैं, ⁠बरहमपुर की सीट हुलास पांडेय के लिए और गोविंद गंज राजू तिवारी के लिए चाहते हैं, हिसुआ सीट भी धीरेंद्र कुमार मुन्ना के लिए चिराग चाहते हैं.

सीट शेयरिंग को लेकर कई बार भाजपा अध्यक्ष से मिल चुके हैं चिराग पासवान

भाजपा नेताओं ने उनके साथ हुई बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी मांगों पर विचार करके फिर से बैठक करने की बात कही है. चिराग पासवान की बात करें, तो वो 40 से ज्यादा सीट की डिमांड कर रहे हैं और वो सीटों के साथ बहुत ज्यादा समझौता करने के मूड में नहीं है. हालांकि. भाजपा नेताओं के साथ सीट शेयरिंग को लेकर आज पहली औपचारिक मुलाकात थी, इससे पहले चिराग कई बार भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर चुके हैं.

यह भी पढ़ेंः बिहार SIR में फाइनल लिस्ट से छूटे लोगों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी, याचिकाकर्ता से पूछा- 'वास्तविक लोग सामने क्यों नहीं आ रहे?'

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