फ्रांस में गर्मी के साथ-साथ एसी की कीमत भी निकाल रही पसीना, जानिए भारत के मुकाबले कितना महंगा

AC Price in France: फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और बेल्जियम जैसे कई यूरोपीय देशों में गर्मी ने कहर ढहाया हुआ है. आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले इन देशों में तापमान 40 डिग्री से पार पहुंच गया है. भयंकर गर्मी के कारण कई लोगों की मौत हो गई है. राहत पाने के लिए लोग एसी धड़ाधड़ एसी खरीद रहे हैं. इससे न सिर्फ एसी की डिमांड बढ़ी है बल्कि इनके दाम भी आसमान छूने लगे हैं. अगर भारत से कंपेयर किया जाए तो फ्रांस में एसी की ठंडी हवा पाना काफी महंगा है. आइए जानते हैं कि भारत के मुकाबले फ्रांस में एसी खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च करना पड़ता है. भारत में एसी की कितनी कीमत? भारत में विंडो और स्प्लिट एसी समेत कई ऑप्शंस अवेलेबल हैं और इनके ब्रांड, एनर्जी रेटिंग, कैपेसिटी के हिसाब से कीमत अलग-अलग हो सकती है. अगर एवरेज के तौर पर देखा जाए तो 1.5 टन की इन्वर्टर एसी की कीमत 30,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक जाती है. इसमें यूनिट के साथ-साथ इंस्टॉलेशन का भी खर्च आ जाता है. अगर ज्यादा कैपेसिटी और ज्यादा एनर्जी रेटिंग वाला मॉडल खरीदा जाए तो उसकी कीमत उसी हिसाब से बढ़ती जाती है.  फ्रांस में एसी लगाना कितना महंगा? भारत की तरह फ्रांस में भी लोग पोर्टेबल, विंडो और स्प्लिट एसी आदि खरीद रहे हैं. अगर कीमत की बात करें तो फ्रांस में एसी खरीदना पसीने निकाल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां पोर्टेबल एसी की कीमत लगभग 200-750 यूरो (लगभग 22,000-82,000 रुपये) तक है. इसमें इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए यह खर्चा बच जाता है. अगर स्प्लिट एसी की बात करें तो इसकी एक यूनिट के लिए फ्रांस में 1-2 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. इसके अलावा इंस्टॉलेशन का खर्चा भी लगभग 20,000 रुपये तक रह सकता है. यानी भारत में जो एसी अधिकतम 50,000 रुपये का मिलता है, उसके लिए फ्रांस में लगभग 4 गुना अधिक तक पैसा देना पड़ सकता है.  तेजी से बढ़ रही एसी की डिमांड WHO का कहना है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बना हुआ है और यहां वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार से तापमान बढ़ रहा है. यहां दशकों में एक बार आने वाली हीटवेव अब हर साल आ रही हैं और करोड़ों लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी से यहां एसी की डिमांड भी बढ़ रही है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी का अनुमान है कि 2050 तक यूरोप में एयर कंडीशनरिंग की डिमांड दोगुनी हो जाएगी. ये भी पढ़ें- क्या ई-रिक्शा की तरह ऐप से बंद हो सकता है ATM? नए वीडियो ने फैलाई सनसनी

Jul 7, 2026 - 17:30
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फ्रांस में गर्मी के साथ-साथ एसी की कीमत भी निकाल रही पसीना, जानिए भारत के मुकाबले कितना महंगा

AC Price in France: फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और बेल्जियम जैसे कई यूरोपीय देशों में गर्मी ने कहर ढहाया हुआ है. आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले इन देशों में तापमान 40 डिग्री से पार पहुंच गया है. भयंकर गर्मी के कारण कई लोगों की मौत हो गई है. राहत पाने के लिए लोग एसी धड़ाधड़ एसी खरीद रहे हैं. इससे न सिर्फ एसी की डिमांड बढ़ी है बल्कि इनके दाम भी आसमान छूने लगे हैं. अगर भारत से कंपेयर किया जाए तो फ्रांस में एसी की ठंडी हवा पाना काफी महंगा है. आइए जानते हैं कि भारत के मुकाबले फ्रांस में एसी खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च करना पड़ता है.

भारत में एसी की कितनी कीमत?

भारत में विंडो और स्प्लिट एसी समेत कई ऑप्शंस अवेलेबल हैं और इनके ब्रांड, एनर्जी रेटिंग, कैपेसिटी के हिसाब से कीमत अलग-अलग हो सकती है. अगर एवरेज के तौर पर देखा जाए तो 1.5 टन की इन्वर्टर एसी की कीमत 30,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक जाती है. इसमें यूनिट के साथ-साथ इंस्टॉलेशन का भी खर्च आ जाता है. अगर ज्यादा कैपेसिटी और ज्यादा एनर्जी रेटिंग वाला मॉडल खरीदा जाए तो उसकी कीमत उसी हिसाब से बढ़ती जाती है. 

फ्रांस में एसी लगाना कितना महंगा?

भारत की तरह फ्रांस में भी लोग पोर्टेबल, विंडो और स्प्लिट एसी आदि खरीद रहे हैं. अगर कीमत की बात करें तो फ्रांस में एसी खरीदना पसीने निकाल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां पोर्टेबल एसी की कीमत लगभग 200-750 यूरो (लगभग 22,000-82,000 रुपये) तक है. इसमें इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए यह खर्चा बच जाता है. अगर स्प्लिट एसी की बात करें तो इसकी एक यूनिट के लिए फ्रांस में 1-2 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. इसके अलावा इंस्टॉलेशन का खर्चा भी लगभग 20,000 रुपये तक रह सकता है. यानी भारत में जो एसी अधिकतम 50,000 रुपये का मिलता है, उसके लिए फ्रांस में लगभग 4 गुना अधिक तक पैसा देना पड़ सकता है. 

तेजी से बढ़ रही एसी की डिमांड

WHO का कहना है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बना हुआ है और यहां वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार से तापमान बढ़ रहा है. यहां दशकों में एक बार आने वाली हीटवेव अब हर साल आ रही हैं और करोड़ों लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं. लगातार बढ़ती गर्मी से यहां एसी की डिमांड भी बढ़ रही है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी का अनुमान है कि 2050 तक यूरोप में एयर कंडीशनरिंग की डिमांड दोगुनी हो जाएगी.

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