फील्ड पर फिट रहने के लिए कितनी मेहनत करते हैं कोहली? जानें उनका डाइट रुटीन
विराट कोहली का नाम आते ही लोगों के दिमाग में उनकी शानदार फिटनेस, मजबूत शरीर और मैदान पर फुर्ती की तस्वीर सामने आ जाती है. 5 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाले विराट कोहली ने सिर्फ अपने खेल से ही नहीं, बल्कि अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल से भी लाखों लोगों को प्रभावित किया है. उनकी फिटनेस की सबसे खास बात यह है कि इसके पीछे कोई जादुई डाइट या एक्सरसाइज नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, अनुशासन और खानपान की आदतों में बदलाव है. एक समय ऐसा भी था, जब विराट खाने-पीने के काफी शौकीन थे. हालांकि, समय के साथ उन्होंने अपनी आदतों को बदला. अब उनका खानपान काफी हद तक संतुलित और नियंत्रित रहता है. वह खाने की मात्रा, पोषण और शरीर की जरूरतों पर खास ध्यान देते हैं. आइए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं कि आखिर विराट कोहली खुद को फिट रखने के लिए कितनी मेहनत करते हैं और उनकी डाइट में क्या-क्या शामिल रहता है? ऐसे शुरू हुई फिटनेस की कहानी विराट कोहली की फिटनेस का सफर सिर्फ जिम में पसीना बहाने से शुरू नहीं हुआ. उन्होंने सबसे पहले खाने-पीने की अपनी आदतों पर काम किया. एक समय उन्हें तला-भुना खाना, नॉनवेज और मसालेदार चीजें पसंद थीं. हालांकि, फिटनेस को प्राथमिकता देने के साथ उन्होंने अपने खानपान में बड़े बदलाव किए. जुलाई 2026 में पब्लिश एक रिपोर्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व शेफ अरुण चौहान ने बताया था कि विराट पहले खाने के काफी शौकीन थे और ऑयली खाना भी पसंद करते थे. बाद में उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया. अब उनके खाने में टोफू, सलाद, स्प्राउट्स और दाल जैसी चीजें शामिल रहती हैं. विराट खुद भी कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि फिट रहने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, सिर्फ जिम में मेहनत करने से फिटनेस हासिल नहीं होती, बल्कि खाने की आदतों में सुधार करना भी उतना ही जरूरी है. 90 फीसदी खाना भाप में पका या उबला हुआ विराट कोहली के खानपान की सबसे खास बात यह है कि वह ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना पसंद नहीं करते. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके करीब 90 फीसदी खाने में स्टीम्ड और बॉयल्ड यानी भाप में पका या उबला हुआ भोजन शामिल रहता है. वह खाने में ज्यादा मसालों का इस्तेमाल नहीं करते. स्वाद के लिए नमक, काली मिर्च और नींबू का इस्तेमाल करते हैं. सलाद खाना भी उन्हें पसंद है. इसके अलावा पैन-ग्रिल्ड खाना भी उनकी डाइट का हिस्सा रहता है. विराट ने बताया था कि वह राजमा और लोबिया जैसी चीजें भी खाते हैं. पंजाबी होने के कारण इन चीजों को वह अपनी डाइट से पूरी तरह दूर नहीं रखते. उनकी डाइट का मुख्य उद्देश्य शरीर को जरूरी पोषक तत्व देना और अनावश्यक कैलोरी से बचना है. शाकाहारी खाना, प्रोटीन और सब्जियों पर खास ध्यान विराट कोहली ने साल 2018 के आसपास अपने खानपान में बड़ा बदलाव किया और शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता देना शुरू किया. साल 2021 में उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि वह शाकाहारी हैं, वीगन नहीं. वीगन डाइट में दूध, दही, पनीर और अंडे जैसे सभी पशु-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल नहीं होते. विराट ने अपने खानपान के बारे में बताते हुए सब्जियों, कुछ अंडों, दाल, क्विनोआ और पालक का जिक्र किया था. उन्होंने यह भी बताया था कि वह दो कप कॉफी पीते हैं और डोसा भी उन्हें पसंद है. हालांकि, इन सभी चीजों को वह सीमित मात्रा में लेते हैं. उनकी डाइट में प्रोटीन का खास ध्यान रखा जाता है. शाकाहारी भोजन से भी शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है. इसके लिए दाल, सोया, टोफू, राजमा, लोबिया, बीन्स और दूसरे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ अच्छे विकल्प हैं. छह महीने तक एक जैसा खाना खा सकते हैं विराट विराट कोहली की फिटनेस का एक बड़ा राज उनकी खाने की आदतों में निरंतरता है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह लगातार छह महीने तक दिन में तीन बार एक जैसा खाना खा सकते हैं. उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती. उनके मुताबिक, फिटनेस के सफर में सबसे मुश्किल काम खाने पर नियंत्रण रखना होता है. जिम जाना और एक्सरसाइज करना कई लोगों के लिए आसान हो सकता है, लेकिन स्वाद पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपनी पसंदीदा चीजें बिल्कुल नहीं खाते. विराट ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें छोले-भटूरे बेहद पसंद हैं. मौका मिलने पर वह इसका आनंद भी लेते हैं, लेकिन ऐसी चीजें उनके रोज के खानपान का हिस्सा नहीं होतीं. जिम में कितनी मेहनत करते हैं विराट कोहली? विराट की फिटनेस सिर्फ उनकी डाइट पर निर्भर नहीं करती. वह एक्सरसाइज और ट्रेनिंग को भी अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानते हैं. उनकी ट्रेनिंग में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो, फुर्ती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज और स्टैमिना से जुड़ी एक्सरसाइज शामिल होती हैं. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन उठाने और दूसरी ताकत बढ़ाने वाली एक्सरसाइज की जाती हैं. इससे शरीर की ताकत और सहनशक्ति बेहतर होती है. कार्डियो एक्सरसाइज: दौड़ना और दूसरी एरोबिक गतिविधियां दिल की सेहत और स्टैमिना को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. फुर्ती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज: जंपिंग, हॉपिंग और एगिलिटी ड्रिल्स जैसी एक्सरसाइज से शरीर का संतुलन, तालमेल और तेजी बेहतर होती हैं. रिकवरी एक्सरसाइज: कठिन ट्रेनिंग के बाद शरीर को आराम देना भी जरूरी होता है. इसके लिए स्ट्रेचिंग, मोबिलिटी और पर्याप्त आराम पर ध्यान दिया जाता है. नींद और रिकवरी को भी देते हैं बराबर महत्व अच्छी फिटनेस के लिए सिर्फ डाइट और वर्कआउट काफी नहीं होते. शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है. विराट कोहली इस बात का खास ध्यान रखते हैं. उनके मुताबिक, कठिन ट्रेनिंग के बाद शरीर को ठीक होने के लिए समय देना जरूरी है. पर्याप्त नींद लेने से मांसपेशियों को रिकवर होने और शरीर को दोबारा ऊर्जा हासिल करने में मदद मिलती है. विराट ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि वह अपनी न
विराट कोहली का नाम आते ही लोगों के दिमाग में उनकी शानदार फिटनेस, मजबूत शरीर और मैदान पर फुर्ती की तस्वीर सामने आ जाती है. 5 नवंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाले विराट कोहली ने सिर्फ अपने खेल से ही नहीं, बल्कि अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल से भी लाखों लोगों को प्रभावित किया है. उनकी फिटनेस की सबसे खास बात यह है कि इसके पीछे कोई जादुई डाइट या एक्सरसाइज नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, अनुशासन और खानपान की आदतों में बदलाव है.
एक समय ऐसा भी था, जब विराट खाने-पीने के काफी शौकीन थे. हालांकि, समय के साथ उन्होंने अपनी आदतों को बदला. अब उनका खानपान काफी हद तक संतुलित और नियंत्रित रहता है. वह खाने की मात्रा, पोषण और शरीर की जरूरतों पर खास ध्यान देते हैं. आइए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं कि आखिर विराट कोहली खुद को फिट रखने के लिए कितनी मेहनत करते हैं और उनकी डाइट में क्या-क्या शामिल रहता है?
ऐसे शुरू हुई फिटनेस की कहानी
विराट कोहली की फिटनेस का सफर सिर्फ जिम में पसीना बहाने से शुरू नहीं हुआ. उन्होंने सबसे पहले खाने-पीने की अपनी आदतों पर काम किया. एक समय उन्हें तला-भुना खाना, नॉनवेज और मसालेदार चीजें पसंद थीं. हालांकि, फिटनेस को प्राथमिकता देने के साथ उन्होंने अपने खानपान में बड़े बदलाव किए.
जुलाई 2026 में पब्लिश एक रिपोर्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व शेफ अरुण चौहान ने बताया था कि विराट पहले खाने के काफी शौकीन थे और ऑयली खाना भी पसंद करते थे. बाद में उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया. अब उनके खाने में टोफू, सलाद, स्प्राउट्स और दाल जैसी चीजें शामिल रहती हैं.
विराट खुद भी कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि फिट रहने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, सिर्फ जिम में मेहनत करने से फिटनेस हासिल नहीं होती, बल्कि खाने की आदतों में सुधार करना भी उतना ही जरूरी है.
90 फीसदी खाना भाप में पका या उबला हुआ
विराट कोहली के खानपान की सबसे खास बात यह है कि वह ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना पसंद नहीं करते. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके करीब 90 फीसदी खाने में स्टीम्ड और बॉयल्ड यानी भाप में पका या उबला हुआ भोजन शामिल रहता है.
वह खाने में ज्यादा मसालों का इस्तेमाल नहीं करते. स्वाद के लिए नमक, काली मिर्च और नींबू का इस्तेमाल करते हैं. सलाद खाना भी उन्हें पसंद है. इसके अलावा पैन-ग्रिल्ड खाना भी उनकी डाइट का हिस्सा रहता है. विराट ने बताया था कि वह राजमा और लोबिया जैसी चीजें भी खाते हैं. पंजाबी होने के कारण इन चीजों को वह अपनी डाइट से पूरी तरह दूर नहीं रखते. उनकी डाइट का मुख्य उद्देश्य शरीर को जरूरी पोषक तत्व देना और अनावश्यक कैलोरी से बचना है.
शाकाहारी खाना, प्रोटीन और सब्जियों पर खास ध्यान
विराट कोहली ने साल 2018 के आसपास अपने खानपान में बड़ा बदलाव किया और शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता देना शुरू किया. साल 2021 में उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि वह शाकाहारी हैं, वीगन नहीं. वीगन डाइट में दूध, दही, पनीर और अंडे जैसे सभी पशु-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल नहीं होते. विराट ने अपने खानपान के बारे में बताते हुए सब्जियों, कुछ अंडों, दाल, क्विनोआ और पालक का जिक्र किया था. उन्होंने यह भी बताया था कि वह दो कप कॉफी पीते हैं और डोसा भी उन्हें पसंद है. हालांकि, इन सभी चीजों को वह सीमित मात्रा में लेते हैं.
उनकी डाइट में प्रोटीन का खास ध्यान रखा जाता है. शाकाहारी भोजन से भी शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है. इसके लिए दाल, सोया, टोफू, राजमा, लोबिया, बीन्स और दूसरे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ अच्छे विकल्प हैं.
छह महीने तक एक जैसा खाना खा सकते हैं विराट
विराट कोहली की फिटनेस का एक बड़ा राज उनकी खाने की आदतों में निरंतरता है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह लगातार छह महीने तक दिन में तीन बार एक जैसा खाना खा सकते हैं. उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती. उनके मुताबिक, फिटनेस के सफर में सबसे मुश्किल काम खाने पर नियंत्रण रखना होता है. जिम जाना और एक्सरसाइज करना कई लोगों के लिए आसान हो सकता है, लेकिन स्वाद पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपनी पसंदीदा चीजें बिल्कुल नहीं खाते. विराट ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें छोले-भटूरे बेहद पसंद हैं. मौका मिलने पर वह इसका आनंद भी लेते हैं, लेकिन ऐसी चीजें उनके रोज के खानपान का हिस्सा नहीं होतीं.
जिम में कितनी मेहनत करते हैं विराट कोहली?
विराट की फिटनेस सिर्फ उनकी डाइट पर निर्भर नहीं करती. वह एक्सरसाइज और ट्रेनिंग को भी अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानते हैं. उनकी ट्रेनिंग में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो, फुर्ती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज और स्टैमिना से जुड़ी एक्सरसाइज शामिल होती हैं.
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वजन उठाने और दूसरी ताकत बढ़ाने वाली एक्सरसाइज की जाती हैं. इससे शरीर की ताकत और सहनशक्ति बेहतर होती है.
- कार्डियो एक्सरसाइज: दौड़ना और दूसरी एरोबिक गतिविधियां दिल की सेहत और स्टैमिना को बेहतर बनाने में मदद करती हैं.
- फुर्ती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज: जंपिंग, हॉपिंग और एगिलिटी ड्रिल्स जैसी एक्सरसाइज से शरीर का संतुलन, तालमेल और तेजी बेहतर होती हैं.
- रिकवरी एक्सरसाइज: कठिन ट्रेनिंग के बाद शरीर को आराम देना भी जरूरी होता है. इसके लिए स्ट्रेचिंग, मोबिलिटी और पर्याप्त आराम पर ध्यान दिया जाता है.
नींद और रिकवरी को भी देते हैं बराबर महत्व
अच्छी फिटनेस के लिए सिर्फ डाइट और वर्कआउट काफी नहीं होते. शरीर को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है. विराट कोहली इस बात का खास ध्यान रखते हैं. उनके मुताबिक, कठिन ट्रेनिंग के बाद शरीर को ठीक होने के लिए समय देना जरूरी है. पर्याप्त नींद लेने से मांसपेशियों को रिकवर होने और शरीर को दोबारा ऊर्जा हासिल करने में मदद मिलती है. विराट ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि वह अपनी नींद और शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करते. वह मेडिटेशन और माइंडफुलनेस जैसी गतिविधियों को भी अपनी दिनचर्या में जगह देते हैं.
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