Diabetes Friendly Sweets: शुगर पेशेंट कैसे मनाएं दिवाली? इन मिठाइयों को करें शामिल
दिवाली का त्योहार मिठाइयों और पकवानों के बिना अधूरा लगता है. घर में मिठाइयां आती हैं, मेहमानों का आना-जाना रहता है और हर कोई एक-दूसरे का मुंह मीठा कराता है. लेकिन डायबिटीज और शुगर के मरीजों के लिए इस दौरान खानपान का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. कई बार मिठाई खाने की इच्छा होती है, लेकिन ब्लड शुगर बढ़ने का डर भी रहता है. डायबिटीज के मरीजों को मिठाई चुनते समय उसमें मौजूद चीनी, कार्बोहाइड्रेट और खाने की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. कुछ ऑप्शन दूसरी मिठाइयों के मुकाबले बेहतर होते हैं आइए जानते हैं कि दिवाली पर शुगर पेशेंट किन मिठाइयों को सीमित मात्रा में खा सकते हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाइयां चुनें डायबिटीज के मरीज दिवाली पर बादाम कतली, पिस्ता रोल और बिना ज्यादा चीनी से बनी ड्राई फ्रूट्स की मिठाइयां खा सकते हैं. बादाम और पिस्ता में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो संतुलित डाइट का हिस्सा बनते हैं. पर इसका मतलब यह नहीं है कि इन मिठाइयों को जितना चाहें उतना खाया जा सकता है. इनमें भी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं. अंजीर रोल और खजूर से बनी मिठाइयों को भी लोग हेल्दी समझकर ज्यादा खा लेते हैं, जबकि इनमें प्राकृतिक शुगर की मात्रा होती है. इसलिए इन्हें भी कम मात्रा में ही खाएं. मिठाई खरीदते समय उसकी सामग्री जरूर पढ़ें और ऐसी चीजें चुनें जिनमें ज्यादा चीनी न हो. यह भी पढ़ें : Chronic Inflammation: शरीर में लंबे समय तक सूजन रहना खतरनाक, बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा घर पर बनाएं कम मीठी मिठाइयां बाजार की मिठाइयों में चीनी और घी की मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. ऐसे में घर पर मिठाई बनाना एक बेहतर ऑप्शन होता है. आप नारियल के लड्डू, बादाम की मिठाई या सूजी का हलवा तैयार कर सकते हैं. इनमें चीनी की जगह डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह से स्टीविया जैसे स्वीटनर का इस्तेमाल करे. मिठाई बनाते समय सूखे मेवे, नारियल और अन्य सामग्री की मात्रा का भी ध्यान रखें. सिर्फ चीनी की जगह स्वीटनर डाल देने से मिठाई पूरी तरह डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाती. सूजी, नारियल और ड्राई फ्रूट्स में भी कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी होती हैं. इसलिए घर की बनी मिठाई भी छोटी मात्रा में ही खाएं. दिवाली पर इन जरूरी बातों का रखें ध्यान डायबिटीज के मरीजों को त्योहार के दौरान अपना खानपान और दिनचर्या बिगड़ने नहीं देनी चाहिए. मिठाई खाली पेट खाने के बजाय संतुलित भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में लें. एक बार में छोटा हिस्सा खाएं और बार-बार मिठाई खाने से बचें. दाल, सब्जी, सलाद और प्रोटीन से भरपूर भोजन को अपनी डाइट में शामिल रखें. मिठाई या भोजन के बाद 10 से 15 मिनट हल्की सैर करना भी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है. बाजार में मिलने वाली शुगर-फ्री मिठाइयों को भी बिना सोचे न खाएं, क्योंकि उनमें दूसरे कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी होती हैं. त्योहार के दिनों में ब्लड शुगर की जांच करते रहें और दवाइयां समय पर लें. यह भी पढ़ें : Dust Allergy: दिवाली की सफाई के बाद क्यों आती है छींक-खांसी?
दिवाली का त्योहार मिठाइयों और पकवानों के बिना अधूरा लगता है. घर में मिठाइयां आती हैं, मेहमानों का आना-जाना रहता है और हर कोई एक-दूसरे का मुंह मीठा कराता है. लेकिन डायबिटीज और शुगर के मरीजों के लिए इस दौरान खानपान का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. कई बार मिठाई खाने की इच्छा होती है, लेकिन ब्लड शुगर बढ़ने का डर भी रहता है. डायबिटीज के मरीजों को मिठाई चुनते समय उसमें मौजूद चीनी, कार्बोहाइड्रेट और खाने की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. कुछ ऑप्शन दूसरी मिठाइयों के मुकाबले बेहतर होते हैं आइए जानते हैं कि दिवाली पर शुगर पेशेंट किन मिठाइयों को सीमित मात्रा में खा सकते हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाइयां चुनें
डायबिटीज के मरीज दिवाली पर बादाम कतली, पिस्ता रोल और बिना ज्यादा चीनी से बनी ड्राई फ्रूट्स की मिठाइयां खा सकते हैं. बादाम और पिस्ता में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो संतुलित डाइट का हिस्सा बनते हैं. पर इसका मतलब यह नहीं है कि इन मिठाइयों को जितना चाहें उतना खाया जा सकता है. इनमें भी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं. अंजीर रोल और खजूर से बनी मिठाइयों को भी लोग हेल्दी समझकर ज्यादा खा लेते हैं, जबकि इनमें प्राकृतिक शुगर की मात्रा होती है. इसलिए इन्हें भी कम मात्रा में ही खाएं. मिठाई खरीदते समय उसकी सामग्री जरूर पढ़ें और ऐसी चीजें चुनें जिनमें ज्यादा चीनी न हो.
यह भी पढ़ें : Chronic Inflammation: शरीर में लंबे समय तक सूजन रहना खतरनाक, बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा
घर पर बनाएं कम मीठी मिठाइयां
बाजार की मिठाइयों में चीनी और घी की मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. ऐसे में घर पर मिठाई बनाना एक बेहतर ऑप्शन होता है. आप नारियल के लड्डू, बादाम की मिठाई या सूजी का हलवा तैयार कर सकते हैं. इनमें चीनी की जगह डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह से स्टीविया जैसे स्वीटनर का इस्तेमाल करे. मिठाई बनाते समय सूखे मेवे, नारियल और अन्य सामग्री की मात्रा का भी ध्यान रखें. सिर्फ चीनी की जगह स्वीटनर डाल देने से मिठाई पूरी तरह डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाती. सूजी, नारियल और ड्राई फ्रूट्स में भी कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी होती हैं. इसलिए घर की बनी मिठाई भी छोटी मात्रा में ही खाएं.
दिवाली पर इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
डायबिटीज के मरीजों को त्योहार के दौरान अपना खानपान और दिनचर्या बिगड़ने नहीं देनी चाहिए. मिठाई खाली पेट खाने के बजाय संतुलित भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में लें. एक बार में छोटा हिस्सा खाएं और बार-बार मिठाई खाने से बचें. दाल, सब्जी, सलाद और प्रोटीन से भरपूर भोजन को अपनी डाइट में शामिल रखें. मिठाई या भोजन के बाद 10 से 15 मिनट हल्की सैर करना भी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है. बाजार में मिलने वाली शुगर-फ्री मिठाइयों को भी बिना सोचे न खाएं, क्योंकि उनमें दूसरे कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी होती हैं. त्योहार के दिनों में ब्लड शुगर की जांच करते रहें और दवाइयां समय पर लें.
यह भी पढ़ें : Dust Allergy: दिवाली की सफाई के बाद क्यों आती है छींक-खांसी?
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