पेट में 10.6 किलो का ट्यूमर देख उड़े डॉक्टरों के होश, 6 घंटे की सर्जरी कर हटाया

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों ने बहुत बड़ी और जोखिम भरी सर्जरी करके एक मरीज की जान बचा ली. इस मरीज के पेट में 10.6 किलो का ट्यूमर था, जो इतना बड़ा हो गया था कि वह पेट के कई जरूरी हिस्सों में फैल चुका था. यह सर्जरी VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मिलकर की. डॉक्टरों ने बताया कि मरीज पिछले आठ महीनों से इस बीमारी से परेशान थी. ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह पेट के कई अंगों पर दबाव डाल रहा था, जिससे मरीज की हालत बहुत खराब हो रही थी. इन डॉक्टरों ने की सर्जरी करीब 6 घंटे तक चले इस मुश्किल ऑपरेशन को डॉ. शिवानी बी. परुथी ने लीड किया. उनके साथ VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल, सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आर.के. चेझारा और गायनिक डिपार्टमेंट की हेड डॉ. कविता ने गाइड किया. सर्जरी के दौरान एनस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. डी.के. मीणा, डॉ. सपना भाटिया और डॉ. विष्णु ने संभाली.  इतनी बुरी हो चुकी थी हालत डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर का साइज और उसका आंतों, ब्लैडर और दूसरे अंगों से चिपके होने की वजह से सर्जरी बहुत मुश्किल थी. ट्यूमर को निकालना आसान नहीं था, क्योंकि गलती से किसी अंग को नुकसान हो सकता था. डॉक्टरों ने सटीक तकनीक से इस 10.6 किलो के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST) को पूरी तरह निकाल लिया. GIST ट्यूमर क्या है? डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि GIST एक रेयर टाइप का कैंसर है, जो पेट और आंतों के टिश्यू में होता है. ये ट्यूमर खास तरह की कोशिकाओं से बनता है, जिन्हें 'इंटरस्टिशियल सेल्स ऑफ काजल' कहते हैं. ये कोशिकाएं आंतों को कंट्रोल करने में मदद करती हैं. अगर इसका सही समय पर इलाज न हो तो ये तेजी से बढ़ सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है. डॉक्टरों ने दी यह जानकारी VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, 'ये सर्जरी हमारी टीम के टैलेंट और मेहनत का सबूत है. इतना बड़ा ट्यूमर निकालना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन हमारी टीम ने इसे कर दिखाया. हम आगे भी ऐसे मुश्किल ऑपरेशन करके मरीजों को नई जिंदगी देने की कोशिश करेंगे.' उन्होंने यह भी बताया कि सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है और उसे मेडिकल ऑन्कोलॉजी की टीम देख रही है, ताकि वह जल्दी ठीक हो सके. ये भी पढ़ें: कहीं आपके ब्रेस्ट में तो नहीं बन रही गांठ? घर में खुद ऐसे कर सकते हैं जांच Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jul 21, 2025 - 23:30
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पेट में 10.6 किलो का ट्यूमर देख उड़े डॉक्टरों के होश, 6 घंटे की सर्जरी कर हटाया

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों ने बहुत बड़ी और जोखिम भरी सर्जरी करके एक मरीज की जान बचा ली. इस मरीज के पेट में 10.6 किलो का ट्यूमर था, जो इतना बड़ा हो गया था कि वह पेट के कई जरूरी हिस्सों में फैल चुका था. यह सर्जरी VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने मिलकर की. डॉक्टरों ने बताया कि मरीज पिछले आठ महीनों से इस बीमारी से परेशान थी. ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह पेट के कई अंगों पर दबाव डाल रहा था, जिससे मरीज की हालत बहुत खराब हो रही थी.

इन डॉक्टरों ने की सर्जरी

करीब 6 घंटे तक चले इस मुश्किल ऑपरेशन को डॉ. शिवानी बी. परुथी ने लीड किया. उनके साथ VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल, सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. आर.के. चेझारा और गायनिक डिपार्टमेंट की हेड डॉ. कविता ने गाइड किया. सर्जरी के दौरान एनस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. डी.के. मीणा, डॉ. सपना भाटिया और डॉ. विष्णु ने संभाली. 

इतनी बुरी हो चुकी थी हालत

डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर का साइज और उसका आंतों, ब्लैडर और दूसरे अंगों से चिपके होने की वजह से सर्जरी बहुत मुश्किल थी. ट्यूमर को निकालना आसान नहीं था, क्योंकि गलती से किसी अंग को नुकसान हो सकता था. डॉक्टरों ने सटीक तकनीक से इस 10.6 किलो के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर (GIST) को पूरी तरह निकाल लिया.

GIST ट्यूमर क्या है?

डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि GIST एक रेयर टाइप का कैंसर है, जो पेट और आंतों के टिश्यू में होता है. ये ट्यूमर खास तरह की कोशिकाओं से बनता है, जिन्हें 'इंटरस्टिशियल सेल्स ऑफ काजल' कहते हैं. ये कोशिकाएं आंतों को कंट्रोल करने में मदद करती हैं. अगर इसका सही समय पर इलाज न हो तो ये तेजी से बढ़ सकता है और शरीर के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है.

डॉक्टरों ने दी यह जानकारी

VMMC और सफदरजंग अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, 'ये सर्जरी हमारी टीम के टैलेंट और मेहनत का सबूत है. इतना बड़ा ट्यूमर निकालना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन हमारी टीम ने इसे कर दिखाया. हम आगे भी ऐसे मुश्किल ऑपरेशन करके मरीजों को नई जिंदगी देने की कोशिश करेंगे.' उन्होंने यह भी बताया कि सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है और उसे मेडिकल ऑन्कोलॉजी की टीम देख रही है, ताकि वह जल्दी ठीक हो सके.

ये भी पढ़ें: कहीं आपके ब्रेस्ट में तो नहीं बन रही गांठ? घर में खुद ऐसे कर सकते हैं जांच

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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