देश की सुरक्षा करने की राजनीतिक....ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर क्या बोले रिटायर्ड आर्मी अफसर
Operation Sindoor First Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई को है. इस दिन भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवाद के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे. भारतीय सेना की यह कार्रवाई पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद की जवाबी कार्रवाई थी. इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था. इसी को लेकर मंगलवार को रिटायर्ड मेजर जनरल ध्रुव सी कटोच ने बयान दिया है. कटोच ने कहा कि तब से लेकर अबतक कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वास्तव में हमारे आतंकवाद को देखने के नजरिए और आतंकवादी कृत्यों पर हमारी प्रतिक्रिया के तरीके में आया है. भारत की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया गया है. इसमें साफ किया है कि भारतीय धरती पर आतंकवाद के किसी भी काम को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी. अगर हम एक साल में हुई घटनाओं पर ध्यान देते हैं, तो हम पाएंगे कि सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बदलाव और सैन्य तालमेल बहुत महत्वपूर्ण हुआ है. बस याद दिलाने के लिए बता दूं कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक हमला हुआ था. भारतीय सेना ने 6-7 मई को आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया था ऑपरेशन कटोच ने कहा कि इसी का जवाब देते हुए भारतीय सेना और भारतीय एयरफोर्स ने 6-7 मई की रात को एक ऑपरेशन चलाया. इसमें 9 आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया गया. अब मैसेज साफ है कि आतंकवाद के प्रति बिल्कुल नरमी नहीं बरती जाएगी. तब से लेकर आजतक जम्मू और कश्मीर में किसी भी आतंकवादी हमले में एक भी नागरिक की जान नहीं गई है. मुझे लगता है कि जिस तरह से वर्दीधारी जवानों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. वह हर सैनिक के लिए गर्व है. उन्होंने कहा कि जो मैसेज दिया गया, वह यह था कि भारत के पास अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता, काबिलियत और राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है. ये भी पढ़ें: Election Results 2026: 5 राज्यों में कुल कितने मुस्लिम कैंडिडेट्स चुनाव जीते? बंगाल में सबसे ज्यादा, पुडुचेरी में मुश्किल से बची साख
Operation Sindoor First Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई को है. इस दिन भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवाद के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे. भारतीय सेना की यह कार्रवाई पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद की जवाबी कार्रवाई थी. इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था. इसी को लेकर मंगलवार को रिटायर्ड मेजर जनरल ध्रुव सी कटोच ने बयान दिया है.
कटोच ने कहा कि तब से लेकर अबतक कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वास्तव में हमारे आतंकवाद को देखने के नजरिए और आतंकवादी कृत्यों पर हमारी प्रतिक्रिया के तरीके में आया है.
भारत की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया गया है. इसमें साफ किया है कि भारतीय धरती पर आतंकवाद के किसी भी काम को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी. अगर हम एक साल में हुई घटनाओं पर ध्यान देते हैं, तो हम पाएंगे कि सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बदलाव और सैन्य तालमेल बहुत महत्वपूर्ण हुआ है. बस याद दिलाने के लिए बता दूं कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक हमला हुआ था.
भारतीय सेना ने 6-7 मई को आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया था ऑपरेशन
कटोच ने कहा कि इसी का जवाब देते हुए भारतीय सेना और भारतीय एयरफोर्स ने 6-7 मई की रात को एक ऑपरेशन चलाया. इसमें 9 आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया गया. अब मैसेज साफ है कि आतंकवाद के प्रति बिल्कुल नरमी नहीं बरती जाएगी. तब से लेकर आजतक जम्मू और कश्मीर में किसी भी आतंकवादी हमले में एक भी नागरिक की जान नहीं गई है. मुझे लगता है कि जिस तरह से वर्दीधारी जवानों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. वह हर सैनिक के लिए गर्व है.
उन्होंने कहा कि जो मैसेज दिया गया, वह यह था कि भारत के पास अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता, काबिलियत और राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है.
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