दुश्मनों की खैर नहीं! DRDO ने किया विध्वंसक 'हाई कैलिबर बम' का सफल टेस्ट
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने रविवार (31 मई, 2026) को हरियाणा में एक हाई कैलिबर बम की टेस्टिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इस बम का परीक्षण हरियाणा के पंचकूला जिले के रामगढ़ स्थित डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL) में किया गया. इस हाई कैलिबर बम का परीक्षण भारतीय वायु सेना के सीनियर अधिकारियों की निगरानी में और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया है. अधिकारियों ने इस परीक्षण के बारे में बताया कि परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है और इसे निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए अंजाम दिया गया. बम परीक्षण से पहले इलाके में जारी किया गया था हाई अलर्ट रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की ओर से निर्धारित परीक्षण को देखते हुए टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL), पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पहले से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया था. सुरक्षा के प्रोटोकॉल के तहत टीबीआरएल के आसपास के सभी इलाकों में विशेष निगरानी भी रखी गई थी. 2 किलोमीटर के दायरे को घोषित किया गया संवेदनशील क्षेत्र दरअसल, अधिकारियों का इस बात की आशंका थी कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े (फ्रैगमेंट्स) करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक उड़ सकते हैं. इसी वजह से TBRL के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों की तरफ से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील इलाका घोषित किया गया था. गांवों को दी गई थी विशेष सावधानी बरतने की सलाह इसके अलावा, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आसपास के भानू और बिल्ला गांवों को रहने वाले लोगों को विशेष निर्देश जारी किए गए थे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी. परीक्षण के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रही और पूरे इलाके में पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तरफ से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी. यह भी पढ़ेंः 'सर, मेरे पापा आपकी बात नहीं मान रहे...' PM मोदी हुई BJP नेता सतीश पूनिया की शिकायत! बेटे का पोस्ट वायरल
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने रविवार (31 मई, 2026) को हरियाणा में एक हाई कैलिबर बम की टेस्टिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इस बम का परीक्षण हरियाणा के पंचकूला जिले के रामगढ़ स्थित डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL) में किया गया.
इस हाई कैलिबर बम का परीक्षण भारतीय वायु सेना के सीनियर अधिकारियों की निगरानी में और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया है. अधिकारियों ने इस परीक्षण के बारे में बताया कि परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है और इसे निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए अंजाम दिया गया.
बम परीक्षण से पहले इलाके में जारी किया गया था हाई अलर्ट
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की ओर से निर्धारित परीक्षण को देखते हुए टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL), पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पहले से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया था. सुरक्षा के प्रोटोकॉल के तहत टीबीआरएल के आसपास के सभी इलाकों में विशेष निगरानी भी रखी गई थी.
2 किलोमीटर के दायरे को घोषित किया गया संवेदनशील क्षेत्र
दरअसल, अधिकारियों का इस बात की आशंका थी कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े (फ्रैगमेंट्स) करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक उड़ सकते हैं. इसी वजह से TBRL के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों की तरफ से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील इलाका घोषित किया गया था.
गांवों को दी गई थी विशेष सावधानी बरतने की सलाह
इसके अलावा, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आसपास के भानू और बिल्ला गांवों को रहने वाले लोगों को विशेष निर्देश जारी किए गए थे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी. परीक्षण के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रही और पूरे इलाके में पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तरफ से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी.
यह भी पढ़ेंः 'सर, मेरे पापा आपकी बात नहीं मान रहे...' PM मोदी हुई BJP नेता सतीश पूनिया की शिकायत! बेटे का पोस्ट वायरल
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