जोमैटो फाउंडर दीपेन्द्र गोयल का एटरनल सीईओ पद से इस्तीफा, उनकी जगह लेंगे अलबिंदर ढींडसा

Deepinder Goyal Resigns: जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी एटरनल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दीपेन्द्र गोयल ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में गोयल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढिंढसा संभालेंगे, जिन्हें नया सीईओ नियुक्त किया गया है. सीईओ से क्यों इस्तीफा? गोयल ने अपने पत्र में कंपनी के विकास, टीम के योगदान और भविष्य की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि नेतृत्व परिवर्तन एटरनल के अगले विकास चरण के लिए जरूरी कदम है. उन्होंने भरोसा जताया कि अलबिंदर ढिंढसा के नेतृत्व में कंपनी जोमैटो और ब्लिंकिट दोनों ब्रांड्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव से एटरनल और गंभीरता के साथ अपना ध्यान केन्द्रित कर पाएगा और उन्हें नए आइडियाज पर काम करने का मौका मिल पाएगा. यह डेपलपमेंट ऐसे वक्त पर आया है, जब एटरनल को को 2 जीएसटी के ब्याज और जुर्माने के साथ कुल 27.56 करोड़ रुपये की भरपाई करने को कहा गया है. कब हुई कंपनी की शुरुआत? गौरतलब है कि साल 2008 में दीपेंद्र गोयल ने पंकज चड्ढा के साथ मिलकर जोमैटो की शुरुआत की थी. शुरुआती दौर में इस प्लेटफॉर्म को ‘फूडीबे’ के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में जोमैटो के रूप में रीब्रांड किया गया. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान गोयल ने खुलासा किया था कि वह इससे पहले भी सीईओ पद छोड़ने का मन बना चुके थे और इसको लेकर उन्होंने पेशकश भी की थी. गोयल के मुताबिक, वह खुद को एक बड़ी संस्था के सीईओ की तुलना में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (सीपीओ) की भूमिका में ज्यादा सहज और प्रभावी मानते हैं, जहां वे प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इनोवेशन पर सीधे तौर पर काम कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: सस्ता नहीं, महंगा है लेबर... फिर भी मैन्युफैक्चरिंग हब बन बैठा चीन, आखिर यहां भी क्या खेल कर गया ड्रैगन?

Jan 21, 2026 - 20:30
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जोमैटो फाउंडर दीपेन्द्र गोयल का एटरनल सीईओ पद से इस्तीफा, उनकी जगह लेंगे अलबिंदर ढींडसा

Deepinder Goyal Resigns: जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी एटरनल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दीपेन्द्र गोयल ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में गोयल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब कंपनी की कमान अलबिंदर ढिंढसा संभालेंगे, जिन्हें नया सीईओ नियुक्त किया गया है.

सीईओ से क्यों इस्तीफा?

गोयल ने अपने पत्र में कंपनी के विकास, टीम के योगदान और भविष्य की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि नेतृत्व परिवर्तन एटरनल के अगले विकास चरण के लिए जरूरी कदम है. उन्होंने भरोसा जताया कि अलबिंदर ढिंढसा के नेतृत्व में कंपनी जोमैटो और ब्लिंकिट दोनों ब्रांड्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी.

उन्होंने कहा कि इस बदलाव से एटरनल और गंभीरता के साथ अपना ध्यान केन्द्रित कर पाएगा और उन्हें नए आइडियाज पर काम करने का मौका मिल पाएगा. यह डेपलपमेंट ऐसे वक्त पर आया है, जब एटरनल को को 2 जीएसटी के ब्याज और जुर्माने के साथ कुल 27.56 करोड़ रुपये की भरपाई करने को कहा गया है.

कब हुई कंपनी की शुरुआत?

गौरतलब है कि साल 2008 में दीपेंद्र गोयल ने पंकज चड्ढा के साथ मिलकर जोमैटो की शुरुआत की थी. शुरुआती दौर में इस प्लेटफॉर्म को ‘फूडीबे’ के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में जोमैटो के रूप में रीब्रांड किया गया. हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान गोयल ने खुलासा किया था कि वह इससे पहले भी सीईओ पद छोड़ने का मन बना चुके थे और इसको लेकर उन्होंने पेशकश भी की थी.

गोयल के मुताबिक, वह खुद को एक बड़ी संस्था के सीईओ की तुलना में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (सीपीओ) की भूमिका में ज्यादा सहज और प्रभावी मानते हैं, जहां वे प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इनोवेशन पर सीधे तौर पर काम कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: सस्ता नहीं, महंगा है लेबर... फिर भी मैन्युफैक्चरिंग हब बन बैठा चीन, आखिर यहां भी क्या खेल कर गया ड्रैगन?

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