'जाओ, जाकर मोदी को बता देना', पहलगाम में पल्लवी को दी थी आतंकियों ने धमकी, ऑपरेशन महादेव में हुए ढेर

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान एक साहसी महिला पल्लवी से आतंकियों ने कहा था- "जाओ, जाकर मोदी को बता देना". यह धमकी पूरे देश को चुनौती देने जैसी थी. लेकिन अब भारतीय सुरक्षा बलों ने इसका करारा जवाब दिया है. ऑपरेशन ‘महादेव’ के तहत सुरक्षाबलों ने इस हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा समेत तीन आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. पल्लवी ने बताया था पहलगाम हमले का आंखों देखा हाल22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के समय पल्लवी नाम की एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ मौके पर मौजूद थी. आतंकी हमले में उनके पति की मौत हो गई. उन्होंने बताया था कि उस दिन पहलगाम के बैसरन वैली में आतंकी गोलियां बरसा रहे थे. आतंकियों ने उनके पति को भी गोली मार दी. जब पल्लवी ने आतंकियों से कहा कि मुझे भी मार दो अब मैं यहां क्या करुंगी, मुझे तो आपने जीते जी मार दिया है, तो एक हमलावर ने कहा कि जाओ तुम्हें जिंदा छोड़ा, जाकर मोदी को बता देना. ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकी ढेरभारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में श्रीनगर के पास लिडवास इलाके में दो दिन चला ऑपरेशन 'महादेव' सफल रहा. इस मुठभेड़ में 20 लाख के इनामी आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया गया. उसके साथ दो अन्य आतंकी भी मारे गए. पहलगाम हमले का बदला लिया22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी. उसी दौरान आतंकियों ने स्थानीय महिला पल्लवी को धमकाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया था. यह हमला देश भर में गुस्से का कारण बना था. अब सुरक्षाबलों ने उन आतंकियों को उनकी मांद में घुसकर खत्म कर दिया. घने जंगलों में चला सटीक ऑपरेशनसूत्रों के मुताबिक, दाचीगाम के जंगलों में आतंकियों की संदिग्ध बातचीत इंटरसेप्ट की गई थी. इसके बाद चिनार कॉर्प्स ने सटीक योजना बनाई. इलाके में 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा की स्पेशल यूनिट्स को भेजा गया. सर्च ऑपरेशन के दौरान सोमवार सुबह 11:30 बजे मुठभेड़ शुरू हुई और सभी आतंकी ढेर कर दिए गए. हाशिम मूसा – दो गुटों का खूंखार आतंकीहाशिम मूसा लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के संयुक्त मॉड्यूल का हिस्सा था. एनआईए ने उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसका नेटवर्क पाकिस्तान से संचालित होता था और वह घाटी में युवाओं को आतंक के रास्ते पर धकेल रहा था.

Jul 28, 2025 - 18:30
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'जाओ, जाकर मोदी को बता देना', पहलगाम में पल्लवी को दी थी आतंकियों ने धमकी, ऑपरेशन महादेव में हुए ढेर

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान एक साहसी महिला पल्लवी से आतंकियों ने कहा था- "जाओ, जाकर मोदी को बता देना". यह धमकी पूरे देश को चुनौती देने जैसी थी. लेकिन अब भारतीय सुरक्षा बलों ने इसका करारा जवाब दिया है. ऑपरेशन ‘महादेव’ के तहत सुरक्षाबलों ने इस हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा समेत तीन आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है.

पल्लवी ने बताया था पहलगाम हमले का आंखों देखा हाल
22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के समय पल्लवी नाम की एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ मौके पर मौजूद थी. आतंकी हमले में उनके पति की मौत हो गई. उन्होंने बताया था कि उस दिन पहलगाम के बैसरन वैली में आतंकी गोलियां बरसा रहे थे. आतंकियों ने उनके पति को भी गोली मार दी. जब पल्लवी ने आतंकियों से कहा कि मुझे भी मार दो अब मैं यहां क्या करुंगी, मुझे तो आपने जीते जी मार दिया है, तो एक हमलावर ने कहा कि जाओ तुम्हें जिंदा छोड़ा, जाकर मोदी को बता देना.

ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकी ढेर
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में श्रीनगर के पास लिडवास इलाके में दो दिन चला ऑपरेशन 'महादेव' सफल रहा. इस मुठभेड़ में 20 लाख के इनामी आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया गया. उसके साथ दो अन्य आतंकी भी मारे गए.

पहलगाम हमले का बदला लिया
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी. उसी दौरान आतंकियों ने स्थानीय महिला पल्लवी को धमकाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया था. यह हमला देश भर में गुस्से का कारण बना था. अब सुरक्षाबलों ने उन आतंकियों को उनकी मांद में घुसकर खत्म कर दिया.

घने जंगलों में चला सटीक ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक, दाचीगाम के जंगलों में आतंकियों की संदिग्ध बातचीत इंटरसेप्ट की गई थी. इसके बाद चिनार कॉर्प्स ने सटीक योजना बनाई. इलाके में 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा की स्पेशल यूनिट्स को भेजा गया. सर्च ऑपरेशन के दौरान सोमवार सुबह 11:30 बजे मुठभेड़ शुरू हुई और सभी आतंकी ढेर कर दिए गए.

हाशिम मूसा – दो गुटों का खूंखार आतंकी
हाशिम मूसा लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के संयुक्त मॉड्यूल का हिस्सा था. एनआईए ने उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसका नेटवर्क पाकिस्तान से संचालित होता था और वह घाटी में युवाओं को आतंक के रास्ते पर धकेल रहा था.

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