छह सालों में वंदे भारत ट्रेन से अब तक कितने यात्रियों ने किया सफर? रेल मंत्रालय ने दिया चौंकाने वाला जवाब

भारतीय रेलवे की फ्लैगशिप में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी. इसको लेकर रेल मंत्रालय ने आंकड़ा पेश किया है. मंत्रालय ने बताया कि शुरुआत से लेकर अब तक करीब साढ़े 7 करोड़ लोगों ने वंदे भारत ट्रेन से सफर किया है. मंत्रालय ने बताया कि आज देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की 164 आधुनिक ट्रेन सेवाएं देश के प्रमुख शहरों को जोड़ रही हैं, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव दे रही हैं.  7.5 करोड़ से अधिक यात्री ट्रेन से कर चुके सफर मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से अधिक यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं. मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस है वंदे भारत आपको बता दें कि मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में ही निर्मित वंदे भारत ट्रेन सेट्स में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इनमें ऑटोमैटिक प्लग डोर्स, घूमने वाली सीटें, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और पूर्ण सीसीटीवी कवरेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं. पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी वंदे भारत ट्रेन एक नए आयाम तक ले जाने में कामयाब रहीं हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवाएं से यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन को भी फायदा पहुंचा रही हैं. देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्रों को तेज गति से जोड़ते हुए ये ट्रेनें अब 274 जिलों में संचालित हो रही हैं. प्रमुख तीर्थ स्थलों तक की पहुंच हुई आसान दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी को भारत की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी से जोड़ती है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिला है. वहीं श्रीनगर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत सेवा देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक तक पहुंच को आसान बना रही है. आपको याद दिला दें कि इस रूट का उद्घाटन 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया था. इसके अलावा बेंगलुरु–हैदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस का रूट भी आईटी प्रोफेशनल्स और बिजनेस ट्रेन यात्रियों के बीच पॉपुलर है. यह ट्रेन देश के दो बड़े टेक्नोलॉजी हब्स को जोड़ती है. साल 2019 में केवल एक वंदे भारत ट्रेन से शुरू हुआ यह सफर आज 164 ट्रेनों के विशाल नेटवर्क में तब्दील चुका है. ये ट्रेनें हर महीने लाखों यात्रियों को सेवा दे रही हैं. इसके अलावा मंत्रालय ने ये भी बताया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी जल्द पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है और आने वाले समय में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात्री यात्राओं में क्रांति लाने के लिए तैयार है.

Dec 16, 2025 - 23:30
 0
छह सालों में वंदे भारत ट्रेन से अब तक कितने यात्रियों ने किया सफर? रेल मंत्रालय ने दिया चौंकाने वाला जवाब

भारतीय रेलवे की फ्लैगशिप में वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी. इसको लेकर रेल मंत्रालय ने आंकड़ा पेश किया है. मंत्रालय ने बताया कि शुरुआत से लेकर अब तक करीब साढ़े 7 करोड़ लोगों ने वंदे भारत ट्रेन से सफर किया है.

मंत्रालय ने बताया कि आज देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की 164 आधुनिक ट्रेन सेवाएं देश के प्रमुख शहरों को जोड़ रही हैं, जो यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव दे रही हैं. 

7.5 करोड़ से अधिक यात्री ट्रेन से कर चुके सफर

मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से अधिक यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं.

मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस है वंदे भारत

आपको बता दें कि मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में ही निर्मित वंदे भारत ट्रेन सेट्स में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इनमें ऑटोमैटिक प्लग डोर्स, घूमने वाली सीटें, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, जीपीएस आधारित पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और पूर्ण सीसीटीवी कवरेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम

पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी वंदे भारत ट्रेन एक नए आयाम तक ले जाने में कामयाब रहीं हैं. वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवाएं से यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन को भी फायदा पहुंचा रही हैं. देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्रों को तेज गति से जोड़ते हुए ये ट्रेनें अब 274 जिलों में संचालित हो रही हैं.

प्रमुख तीर्थ स्थलों तक की पहुंच हुई आसान

दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी को भारत की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी से जोड़ती है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिला है. वहीं श्रीनगर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत सेवा देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक तक पहुंच को आसान बना रही है. आपको याद दिला दें कि इस रूट का उद्घाटन 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया था.

इसके अलावा बेंगलुरु–हैदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस का रूट भी आईटी प्रोफेशनल्स और बिजनेस ट्रेन यात्रियों के बीच पॉपुलर है. यह ट्रेन देश के दो बड़े टेक्नोलॉजी हब्स को जोड़ती है.

साल 2019 में केवल एक वंदे भारत ट्रेन से शुरू हुआ यह सफर आज 164 ट्रेनों के विशाल नेटवर्क में तब्दील चुका है. ये ट्रेनें हर महीने लाखों यात्रियों को सेवा दे रही हैं. इसके अलावा मंत्रालय ने ये भी बताया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी जल्द पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है और आने वाले समय में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात्री यात्राओं में क्रांति लाने के लिए तैयार है.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow