चुनाव आयोग ने कर ली 5 राज्यों में SIR करवाने की तैयारी, लिस्ट में पश्चिम बंगाल भी शामिल

चुनाव आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की कवायद शुरू कर दी है. जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं उन राज्यों में चुनाव आयोग SIR करवाने की तैयारी में जुट गया है. अगले साल असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव साल 2026 में होने हैं तो ऐसे में बिहार के बाद अब इन राज्यों में SIR की तैयारी है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने तमाम राज्यों के चुनाव अधिकारियों के साथ हुई बैठक में देश भर में SIR की तैयारी को लेकर चर्चा की. इसे अंतिम रूप देने के लिए शुरू हुई दो दिनों की बैठक गुरुवार (23 अक्तूबर 2025) को समाप्त हुई. चुनाव आयोग के अधिकारियों में एक मजबूत राय यह है कि एसआईआर को फेज में आयोजित किया जाना चाहिए, जिसकी शुरुआत उन राज्यों से की जानी चाहिए जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या मतदाता सूची का पुनरीक्षण देश भर में एक साथ किया जाए या मौसम, कृषि कार्य, परीक्षाओं और अन्य स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दो चरणों में पूरा किया जाए. इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट में किसी भी प्रकार की गलतियां जैसे दोहरे नाम, गलत पते या मृत मतदाताओं के नाम हटाना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना है. (ये स्टोरी अपडेट की जा रही है...)

Oct 23, 2025 - 17:30
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चुनाव आयोग ने कर ली 5 राज्यों में SIR करवाने की तैयारी, लिस्ट में पश्चिम बंगाल भी शामिल

चुनाव आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की कवायद शुरू कर दी है. जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं उन राज्यों में चुनाव आयोग SIR करवाने की तैयारी में जुट गया है. अगले साल असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव साल 2026 में होने हैं तो ऐसे में बिहार के बाद अब इन राज्यों में SIR की तैयारी है.

केंद्रीय चुनाव आयोग ने तमाम राज्यों के चुनाव अधिकारियों के साथ हुई बैठक में देश भर में SIR की तैयारी को लेकर चर्चा की. इसे अंतिम रूप देने के लिए शुरू हुई दो दिनों की बैठक गुरुवार (23 अक्तूबर 2025) को समाप्त हुई. चुनाव आयोग के अधिकारियों में एक मजबूत राय यह है कि एसआईआर को फेज में आयोजित किया जाना चाहिए, जिसकी शुरुआत उन राज्यों से की जानी चाहिए जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या मतदाता सूची का पुनरीक्षण देश भर में एक साथ किया जाए या मौसम, कृषि कार्य, परीक्षाओं और अन्य स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दो चरणों में पूरा किया जाए. इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट में किसी भी प्रकार की गलतियां जैसे दोहरे नाम, गलत पते या मृत मतदाताओं के नाम हटाना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना है.

(ये स्टोरी अपडेट की जा रही है...)

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