कौन हैं राधा चौहान? जो करेंगी CBSE के OSM विवाद की जांच
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है.इसके लिए एक सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व IAS अधिकारी एस राधा चौहान को दी गई है. शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण सरकार ने उन पर भरोसा जताया है. कौन हैं एस राधा चौहान? एस राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी. करीब 36 साल तक प्रशासनिक सेवाओं में काम करने के दौरान उन्होंने कई बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली.फिलहाल वह क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष हैं. कई अहम विभागों में कर चुकी हैं काम अपने लंबे करियर में एस राधा चौहान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी विकास और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया है.सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और प्रशासनिक सुधारों में उनका अच्छा अनुभव माना जाता है. क्या है पूरा मामला? हाल ही में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने कई सवाल उठाए थे.कुछ लोगों का कहना था कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों के अंक प्रभावित हुए हैं.इसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया और जांच की मांग तेज हो गई. यह भी पढ़ें - CBSE के री-वैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक, 1 लाख से ज्यादा बार फाइल एक्सेस की कोशिश CBSE के बड़े अधिकारियों का हुआ तबादला विवाद बढ़ने के बाद CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया. इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए एस राधा चौहान की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला लिया. समिति क्या जांच करेगी? यह समिति ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की पूरी प्रक्रिया को देखेगी.जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि छात्रों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है और कहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई कमी तो नहीं रह गई. साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी सुझाव दिए जाएंगे. यह भी पढ़ें - कौन हैं IAS राहुल सिंह? OSM विवाद के बीच बदले गए CBSE चेयरमैन की पूरी कहानी
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है.इसके लिए एक सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व IAS अधिकारी एस राधा चौहान को दी गई है. शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण सरकार ने उन पर भरोसा जताया है.
कौन हैं एस राधा चौहान?
एस राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी. करीब 36 साल तक प्रशासनिक सेवाओं में काम करने के दौरान उन्होंने कई बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली.फिलहाल वह क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की अध्यक्ष हैं.
कई अहम विभागों में कर चुकी हैं काम
अपने लंबे करियर में एस राधा चौहान ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी विकास और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में काम किया है.सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और प्रशासनिक सुधारों में उनका अच्छा अनुभव माना जाता है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने कई सवाल उठाए थे.कुछ लोगों का कहना था कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों के अंक प्रभावित हुए हैं.इसके बाद यह मामला काफी चर्चा में आ गया और जांच की मांग तेज हो गई.
यह भी पढ़ें - CBSE के री-वैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक, 1 लाख से ज्यादा बार फाइल एक्सेस की कोशिश
CBSE के बड़े अधिकारियों का हुआ तबादला
विवाद बढ़ने के बाद CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया. इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए एस राधा चौहान की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला लिया.
समिति क्या जांच करेगी?
यह समिति ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की पूरी प्रक्रिया को देखेगी.जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि छात्रों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है और कहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में कोई कमी तो नहीं रह गई. साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी सुझाव दिए जाएंगे.
यह भी पढ़ें - कौन हैं IAS राहुल सिंह? OSM विवाद के बीच बदले गए CBSE चेयरमैन की पूरी कहानी
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