करेंसी रिंग में डॉलर ने दी रुपये को जबरदस्त पटखनी, रुपया पहुंचा रिकॉर्ड लो पर, जानें डिटेल

Indian Rupee Fall: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 2 दिसंबर को भारतीय रुपये की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया फिसलकर 89.85 प्रति डॉलर के अपने ऑल टाइम लो लेवल पर पहुंच गया है. रुपये ने कल ही अपने ऑल टाइम लो लेवक का रिकॉर्ड बनाया था और अगले ही दिन यानी आज इसे तोड़ दिया है. दिलचस्प बात यह हैं कि, रुपये में जारी यह गिरावट ऐसे समय में हो रही है, जब पिछले ही दिनों भारत के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दूसरे तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के शानदार नतीजे आए हैं. देश की जीडीपी ग्रोथ दर 8.2 प्रतिशत हैं. रुपये में हो रही यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं हैं....... रुपया में जारी है गिरावट साल 2022 में भी रुपये में इस तरह की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, और अब 2025 में रुपये पर फिर से वही दबाव दिखाई दे रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, पिछले एक महीने में रुपया करीब 90 पैसे तक टूट गया है. मंगलवार को रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले 89.70 प्रति डॉलर पर खुला. हालांकि, कुछ ही समय में इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह 89.85 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया. पिछले 6 महीनों की बात करें तो, रुपये की कुल गिरावट लगभग 4.4 फीसदी रही है.  अमेरिकी टैरिफ का असर अमेरिकी सरकार के द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर के कारण भी भारतीय करेंसी को सपोर्ट नहीं मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से जारी व्यापार वार्ता को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. कई आधिकारिक मीटिंग के बाद भी दोनों देश किसी फैसले पर नहीं पहुंच पाए हैं. लगातार रुपये में जारी गिरावट के कारण बहुत से चीजों की कीमतों में इजाफा भी संभव है. खासकर ऐसी वस्तुओं जिनका ट्रेड डॉलर में होता है. कच्चा तेल, सोना, मशीनरी और फर्टिलाइजर्स इत्यादि के दाम में तेजी आ सकती हैं.  यह भी पढ़ें: LIC ने बढ़ाई अडानी की ACC में हिस्सेदारी, आखिर क्या है सरकार का कहना? जानें पूरा मामला

Dec 2, 2025 - 16:30
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करेंसी रिंग में डॉलर ने दी रुपये को जबरदस्त पटखनी, रुपया पहुंचा रिकॉर्ड लो पर, जानें डिटेल

Indian Rupee Fall: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 2 दिसंबर को भारतीय रुपये की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया फिसलकर 89.85 प्रति डॉलर के अपने ऑल टाइम लो लेवल पर पहुंच गया है.

रुपये ने कल ही अपने ऑल टाइम लो लेवक का रिकॉर्ड बनाया था और अगले ही दिन यानी आज इसे तोड़ दिया है. दिलचस्प बात यह हैं कि, रुपये में जारी यह गिरावट ऐसे समय में हो रही है, जब पिछले ही दिनों भारत के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दूसरे तिमाही के जीडीपी ग्रोथ के शानदार नतीजे आए हैं. देश की जीडीपी ग्रोथ दर 8.2 प्रतिशत हैं. रुपये में हो रही यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं हैं.......

रुपया में जारी है गिरावट

साल 2022 में भी रुपये में इस तरह की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, और अब 2025 में रुपये पर फिर से वही दबाव दिखाई दे रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, पिछले एक महीने में रुपया करीब 90 पैसे तक टूट गया है.

मंगलवार को रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले 89.70 प्रति डॉलर पर खुला. हालांकि, कुछ ही समय में इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह 89.85 के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया. पिछले 6 महीनों की बात करें तो, रुपये की कुल गिरावट लगभग 4.4 फीसदी रही है. 

अमेरिकी टैरिफ का असर

अमेरिकी सरकार के द्वारा लगाए गए टैरिफ के असर के कारण भी भारतीय करेंसी को सपोर्ट नहीं मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से जारी व्यापार वार्ता को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. कई आधिकारिक मीटिंग के बाद भी दोनों देश किसी फैसले पर नहीं पहुंच पाए हैं.

लगातार रुपये में जारी गिरावट के कारण बहुत से चीजों की कीमतों में इजाफा भी संभव है. खासकर ऐसी वस्तुओं जिनका ट्रेड डॉलर में होता है. कच्चा तेल, सोना, मशीनरी और फर्टिलाइजर्स इत्यादि के दाम में तेजी आ सकती हैं. 

यह भी पढ़ें: LIC ने बढ़ाई अडानी की ACC में हिस्सेदारी, आखिर क्या है सरकार का कहना? जानें पूरा मामला

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