कपाट खुलते ही केदारनाथ धाम में उमड़ी आस्था की भीड़, पहले दिन 38 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!

Kedarnath Yatra 2026: उत्तराखंड के पवित्र धाम केदारनाथ मंदिर में कपाट खुलते ही आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. बुधवार सुबह विधि-विधान के साथ जैसे ही बाबा केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, वैसे ही देश-विदेश से आए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच गए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया. सुबह करीब 7:50 बजे कपाट खुलने के साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोषों से वातावरण गूंज उठा. इस पावन अवसर पर सेना की सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया. परंपरा के अनुसार, पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई. कपाटोद्घाटन के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए करीब 10 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे. मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम में उपस्थित रहे. उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की. कपाट खुलने के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे आयोजन को और भी दिव्य बना दिया. Narasimha Temples: आंध्र प्रदेश के इस रहस्यमयी जंगल में विराजते हैं भगवान नरसिंह के 9 रूप, जानें हर मंदिर की अनोखी गाथा भारी भीड़ से बढ़ी चुनौती हालांकि, भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. कई भक्तों ने बताया कि उन्हें बाबा के दर्शन के लिए 10 से 12 घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा. मंदिर तक पहुंचने वाले करीब 700 मीटर लंबे कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं, जिससे व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दिया. व्यवस्था में दिखी कमी यात्रा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात किए गए थे, लेकिन पहले दिन समन्वय की कमी भी सामने आई. मंदिर के मुख्य द्वार पर कुछ श्रद्धालु रेलिंग पार कर अंदर जाने की कोशिश करते नजर आए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे. पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. भीम शिला पर भी उमड़ी भीड़ धाम में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक बनी भीम शिला पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. वर्ष 2013 की आपदा के बाद से यह शिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद भीम शिला के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाया आकर्षण प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित कर रहा है. चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, साफ नीला आसमान और ठंडी हवाएं धाम की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं. भैरवनाथ मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालु बर्फ के बीच खेलते और तस्वीरें खींचते नजर आए. गुजरात से आए एक श्रद्धालु रमाभाई ने बताया कि इस बार कपाट खुलने के समय मौसम बेहद अनुकूल है, जिससे यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो गया है. निष्कर्ष कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के पहले ही दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला. हालांकि भारी भीड़ के कारण कुछ अव्यवस्थाएं जरूर सामने आईं, लेकिन प्रशासन ने जल्द सुधार का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा और अधिक सुगम होने की उम्मीद है. Explained: 181 दिन सन्नाटे के बाद केदारनाथ में बहार, 12 ज्योतिर्लिंग में केदारेश्वर मशहूर क्यों? रहस्यमयी धाम की अनोखी कहानी Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Apr 24, 2026 - 08:30
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कपाट खुलते ही केदारनाथ धाम में उमड़ी आस्था की भीड़, पहले दिन 38 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!

Kedarnath Yatra 2026: उत्तराखंड के पवित्र धाम केदारनाथ मंदिर में कपाट खुलते ही आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. बुधवार सुबह विधि-विधान के साथ जैसे ही बाबा केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, वैसे ही देश-विदेश से आए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच गए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया.

सुबह करीब 7:50 बजे कपाट खुलने के साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोषों से वातावरण गूंज उठा. इस पावन अवसर पर सेना की सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया. परंपरा के अनुसार, पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई. कपाटोद्घाटन के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए करीब 10 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम में उपस्थित रहे. उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की. कपाट खुलने के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे आयोजन को और भी दिव्य बना दिया.

Narasimha Temples: आंध्र प्रदेश के इस रहस्यमयी जंगल में विराजते हैं भगवान नरसिंह के 9 रूप, जानें हर मंदिर की अनोखी गाथा

भारी भीड़ से बढ़ी चुनौती

हालांकि, भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. कई भक्तों ने बताया कि उन्हें बाबा के दर्शन के लिए 10 से 12 घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा. मंदिर तक पहुंचने वाले करीब 700 मीटर लंबे कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं, जिससे व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दिया.

व्यवस्था में दिखी कमी

यात्रा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात किए गए थे, लेकिन पहले दिन समन्वय की कमी भी सामने आई. मंदिर के मुख्य द्वार पर कुछ श्रद्धालु रेलिंग पार कर अंदर जाने की कोशिश करते नजर आए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे. पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

भीम शिला पर भी उमड़ी भीड़

धाम में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक बनी भीम शिला पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. वर्ष 2013 की आपदा के बाद से यह शिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद भीम शिला के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है.

प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाया आकर्षण

प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित कर रहा है. चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, साफ नीला आसमान और ठंडी हवाएं धाम की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं. भैरवनाथ मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालु बर्फ के बीच खेलते और तस्वीरें खींचते नजर आए. गुजरात से आए एक श्रद्धालु रमाभाई ने बताया कि इस बार कपाट खुलने के समय मौसम बेहद अनुकूल है, जिससे यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो गया है.

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के पहले ही दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला. हालांकि भारी भीड़ के कारण कुछ अव्यवस्थाएं जरूर सामने आईं, लेकिन प्रशासन ने जल्द सुधार का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा और अधिक सुगम होने की उम्मीद है.

Explained: 181 दिन सन्नाटे के बाद केदारनाथ में बहार, 12 ज्योतिर्लिंग में केदारेश्वर मशहूर क्यों? रहस्यमयी धाम की अनोखी कहानी

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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