एनसीईआरटी कक्षा 3 से 12 तक के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष मॉड्यूल विकसित कर रहा है: सूत्र

देश की नई पीढ़ी अब किताबों से सिर्फ विज्ञान या गणित ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई भी समझेगी. जी हां, एनसीईआरटी अब 'ऑपरेशन सिंदूर' पर एक खास मॉड्यूल तैयार कर रहा है, जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र ये जान सकें कि जब देश पर हमला होता है तो उसका जवाब कैसे दिया जाता है. कूटनीति, सैन्य रणनीति और मंत्रालयों का आपसी समन्वय इन सभी पहलुओं को बच्चों की समझ के मुताबिक ढाला जाएगा. इस मॉड्यूल का मकसद सिर्फ ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी पैदा करना है. स्कूलों में पढ़ाया जाएगा ऑपरेशन सिंदूर! राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) 'ऑपरेशन सिंदूर' को स्कूली शिक्षा में लाने की तैयारी में है. इस विशेष शैक्षिक मॉड्यूल को दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा. पहला भाग कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों के लिए और दूसरा भाग कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए तैयार किया जा रहा है. इस मॉड्यूल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य और कूटनीतिक प्रतिक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा. एनसीईआरटी से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, यह मॉड्यूल आठ से दस पृष्ठों का होगा और इसमें यह बताया जाएगा कि किस तरह एक राष्ट्र आतंकवादी हमलों का जवाब देता है. साथ ही रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के बीच किस तरह तालमेल बनाकर एक समन्वित जवाबी रणनीति तैयार की जाती है, यह भी समझाया जाएगा. यह भी पढ़ें: दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी IGNOU की पहली महिला कुलपति बनीं उमा कांजीलाल, जानिए इनके बारे में 22 अप्रैल को हुआ था भयानक आतंकी हमला, बदले में चला था ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 निर्दोष लोगों को उनके ही परिजनों के सामने गोली मार दी गई थी. इस निर्मम घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान की सीमा के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. चार दिन तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय पक्ष की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई ने न सिर्फ आतंकी ढांचों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान को भी चेतावनी दे दी कि भारत अब हर हमले का जवाब देगा वो भी उसी भाषा में. भाषा प्रशांत दिलीप दिलीप यह भी पढ़ें: सुंदर पिचाई या एलन मस्क...कौन है ज्यादा पढ़ा-लिखा, किसके पास कितनी डिग्री?  

Jul 26, 2025 - 21:30
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एनसीईआरटी कक्षा 3 से 12 तक के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष मॉड्यूल विकसित कर रहा है: सूत्र

देश की नई पीढ़ी अब किताबों से सिर्फ विज्ञान या गणित ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई भी समझेगी. जी हां, एनसीईआरटी अब 'ऑपरेशन सिंदूर' पर एक खास मॉड्यूल तैयार कर रहा है, जिससे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र ये जान सकें कि जब देश पर हमला होता है तो उसका जवाब कैसे दिया जाता है. कूटनीति, सैन्य रणनीति और मंत्रालयों का आपसी समन्वय इन सभी पहलुओं को बच्चों की समझ के मुताबिक ढाला जाएगा. इस मॉड्यूल का मकसद सिर्फ ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर देशभक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी पैदा करना है.

स्कूलों में पढ़ाया जाएगा ऑपरेशन सिंदूर!

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) 'ऑपरेशन सिंदूर' को स्कूली शिक्षा में लाने की तैयारी में है. इस विशेष शैक्षिक मॉड्यूल को दो हिस्सों में विभाजित किया जाएगा. पहला भाग कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों के लिए और दूसरा भाग कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए तैयार किया जा रहा है. इस मॉड्यूल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य और कूटनीतिक प्रतिक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा. एनसीईआरटी से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, यह मॉड्यूल आठ से दस पृष्ठों का होगा और इसमें यह बताया जाएगा कि किस तरह एक राष्ट्र आतंकवादी हमलों का जवाब देता है. साथ ही रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के बीच किस तरह तालमेल बनाकर एक समन्वित जवाबी रणनीति तैयार की जाती है, यह भी समझाया जाएगा.

यह भी पढ़ें: दुनिया की सबसे बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी IGNOU की पहली महिला कुलपति बनीं उमा कांजीलाल, जानिए इनके बारे में

22 अप्रैल को हुआ था भयानक आतंकी हमला, बदले में चला था ऑपरेशन सिंदूर

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 निर्दोष लोगों को उनके ही परिजनों के सामने गोली मार दी गई थी. इस निर्मम घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान की सीमा के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. चार दिन तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय पक्ष की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई ने न सिर्फ आतंकी ढांचों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान को भी चेतावनी दे दी कि भारत अब हर हमले का जवाब देगा वो भी उसी भाषा में.

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप

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