इतनी तो भारत और पाकिस्तान की जनसंख्या भी नहीं, ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस के नंबर जानकर उड़ जाएंगे होश

भारत और पाकिस्तान दोनों की जनसंख्या इतनी नहीं है, जितने दुनिया में ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस हैं. कंपनी ने अपनी लेटेस्ट अर्निंग रिपोर्ट में बताया है कि दुनियाभर में उसके 2.5 अरब एक्टिव डिवाइस हैं. इनमें आईफोन, आईपैड, मैकबुक और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. इससे पता चलता है कि दुनियाभर में ऐप्पल की कितनी बड़ी मार्केट है और कंपनी को कोई भी सर्विस, सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर अपग्रेड लाने से पहले कितनी बड़ी संख्या में अपने ग्राहकों के बारे में सोचना पड़ता है.  बीते एक साल में हुई इतनी बढोतरी जनवरी 2024 में ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस की संख्या 2.2 अरब थी, जो पिछले साल जनवरी में बढ़कर 2.35 अरब हो गई. पिछले एक साल में कंपनी के एक्टिव डिवाइसेस की संख्या में करीब 15 करोड़ का इजाफा हुआ है और ये बढ़कर 2.5 अरब हो गए हैं. शिपमेंट के आंकड़े के विपरित यह संख्या ऐप्पल के रियल और एंगैज्ड यूजर्स के बारे में बताती है. हर नया डिवाइस कंपनी के सर्विस बिजनेस को मजबूती देता है. आईफोन की सबसे ज्यादा मांग ऐप्पल के आईफोन की सबसे ज्यादा मांग है. बीती तिमाही की बात करें तो आईफोन के दम पर ऐप्पल ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और प्रॉफिट कमाया है. कंपनी के सीईओ टिम कुक का कहना है कि आईफोन की मांग अविश्वसनीय रही है, जिस कारण कंपनी ने रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है. बहुत लोगों के लिए आईफोन पहला ऐप्पल प्रोडक्ट होता है और इसके एक्सपीरियंस के आधार पर वे मैक्स, ऐप्पल वॉच, एयरपॉड्स और आईपैड जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स की तरफ जाते हैं. ऐप्पल की इकोसिस्टम स्ट्रैटजी कर रही है कमाल ऐप्पल लंबे समय इकोसिस्टम स्ट्रैटजी के साथ आगे बढ़ती आ रही है. एक बार जब यूजर्स आईफोन इकोसिस्टम में आ जाते हैं तो कंपनी उसे ऐसे प्रोडक्ट्स ऑफर करती है, जो आईफोन के साथ टाइटली इंटीग्रेट होते हैं. इसका फायदा यह हो रहा है कि ऐप्पल के डिवाइसेस तो बिक ही रहे हैं, साथ ही एक ही यूजर कंपनी के एक से ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज कर रहा है. ये भी पढ़ें- Tech Explained: कैसे काम करती है लोकेशन ट्रैकिंग? जानिए इससे जुड़े सारे सवालों के जवाब

Jan 30, 2026 - 13:30
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इतनी तो भारत और पाकिस्तान की जनसंख्या भी नहीं, ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस के नंबर जानकर उड़ जाएंगे होश

भारत और पाकिस्तान दोनों की जनसंख्या इतनी नहीं है, जितने दुनिया में ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस हैं. कंपनी ने अपनी लेटेस्ट अर्निंग रिपोर्ट में बताया है कि दुनियाभर में उसके 2.5 अरब एक्टिव डिवाइस हैं. इनमें आईफोन, आईपैड, मैकबुक और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. इससे पता चलता है कि दुनियाभर में ऐप्पल की कितनी बड़ी मार्केट है और कंपनी को कोई भी सर्विस, सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर अपग्रेड लाने से पहले कितनी बड़ी संख्या में अपने ग्राहकों के बारे में सोचना पड़ता है. 

बीते एक साल में हुई इतनी बढोतरी

जनवरी 2024 में ऐप्पल के एक्टिव डिवाइसेस की संख्या 2.2 अरब थी, जो पिछले साल जनवरी में बढ़कर 2.35 अरब हो गई. पिछले एक साल में कंपनी के एक्टिव डिवाइसेस की संख्या में करीब 15 करोड़ का इजाफा हुआ है और ये बढ़कर 2.5 अरब हो गए हैं. शिपमेंट के आंकड़े के विपरित यह संख्या ऐप्पल के रियल और एंगैज्ड यूजर्स के बारे में बताती है. हर नया डिवाइस कंपनी के सर्विस बिजनेस को मजबूती देता है.

आईफोन की सबसे ज्यादा मांग

ऐप्पल के आईफोन की सबसे ज्यादा मांग है. बीती तिमाही की बात करें तो आईफोन के दम पर ऐप्पल ने रिकॉर्ड रेवेन्यू और प्रॉफिट कमाया है. कंपनी के सीईओ टिम कुक का कहना है कि आईफोन की मांग अविश्वसनीय रही है, जिस कारण कंपनी ने रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है. बहुत लोगों के लिए आईफोन पहला ऐप्पल प्रोडक्ट होता है और इसके एक्सपीरियंस के आधार पर वे मैक्स, ऐप्पल वॉच, एयरपॉड्स और आईपैड जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स की तरफ जाते हैं.

ऐप्पल की इकोसिस्टम स्ट्रैटजी कर रही है कमाल

ऐप्पल लंबे समय इकोसिस्टम स्ट्रैटजी के साथ आगे बढ़ती आ रही है. एक बार जब यूजर्स आईफोन इकोसिस्टम में आ जाते हैं तो कंपनी उसे ऐसे प्रोडक्ट्स ऑफर करती है, जो आईफोन के साथ टाइटली इंटीग्रेट होते हैं. इसका फायदा यह हो रहा है कि ऐप्पल के डिवाइसेस तो बिक ही रहे हैं, साथ ही एक ही यूजर कंपनी के एक से ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज कर रहा है.

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Tech Explained: कैसे काम करती है लोकेशन ट्रैकिंग? जानिए इससे जुड़े सारे सवालों के जवाब

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