अभिजीत दीपके CJP में विजेता दहिया को देंगे जगह? 'अच्छे हैं, लेकिन..'

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पार्टी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया को लेकर कहा है कि उनकी वापसी पर सोचेंगे. उन्होंने कहा, ''जो उस दिन हुआ वो असंवेदनशील था. लेकिन वो अच्छे व्यक्ति हैं. उनकी टाइमिंग गलत थी. ऐसा नहीं होना चाहिए था.'' अभिजीत दीपके ने दहिया को CJP के प्रवक्ता पद से हटा दिया था, जब आंदोलन के दौरान फास्ट-फूड आउटलेट पर देखा गया था. उसी समय नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हो रहा था. ये वीडियो काफी वायरल हुआ. आलोचना के बाद पार्टी ने उन्हें पद से हटा दिया. तब दहिया ने भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मुझे रोका और दो बार धक्का दिया था. वे इस बात से नाराज थे कि मैंने मिस्टर प्रेमानंद को महारा कहकर बुलाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद विवाद बर्गर की तरफ मुड़ गया कि मैंने विरोध-प्रदर्शन वाले दिन खाया था. सोनम वांगचुक पर क्या बोले अभिजीत दीपके? अभिजीत ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि उनकी वापसी पर सोचेंगे.  दीपके जंतर मंतर पर हुए आंदोलन का चेहरा रहे सोनम वांगचुक पर भी खुलकर बातचीत की. उन्होंने कहा, ''आंदोलन खत्म होने के बाद भी बात हुई, लोग कहते हैं कि मैंने उन्हें मैनिपुलेट करके अनशन पर बैठाया, वो वैज्ञानिक हैं, क्या मैं उन्हें मैनिपुलेट  कर सकता हूं. वो स्मार्ट हैं, उनका खुद का फैसला था.'' अभिजीत दीपके ने कहा, ''मैं उन्हें पूरे टाइम कहता रहा कि अनशन खत्म कर दीजिए. उन्होंने कहा कि आप क्यों अनशन खत्म करने के लिए दबाव डाल रहे हो. वो मूवमेंट के फेस थे. उनके बिना ये मूवमेंट इतना बड़ा नहीं होता. जान दांव पर लगाकर उन्होंने देश को जागरूक किया है. आज ये मूवमेंट सीजेपी और सोनम वांगचुक जरूर बड़ा हो चुका है.''  सीजेपी के फाउंडर ने कहा, ''सोनम सर को उठाकर ले गए तो, उन्होंने मिलने नहीं दिया. एक तरह से किडनैप करके रखा था.'' 

Aug 31, 2026 - 00:30
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अभिजीत दीपके CJP में विजेता दहिया को देंगे जगह? 'अच्छे हैं, लेकिन..'

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने पार्टी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया को लेकर कहा है कि उनकी वापसी पर सोचेंगे. उन्होंने कहा, ''जो उस दिन हुआ वो असंवेदनशील था. लेकिन वो अच्छे व्यक्ति हैं. उनकी टाइमिंग गलत थी. ऐसा नहीं होना चाहिए था.''

अभिजीत दीपके ने दहिया को CJP के प्रवक्ता पद से हटा दिया था, जब आंदोलन के दौरान फास्ट-फूड आउटलेट पर देखा गया था. उसी समय नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हो रहा था. ये वीडियो काफी वायरल हुआ. आलोचना के बाद पार्टी ने उन्हें पद से हटा दिया.

तब दहिया ने भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मुझे रोका और दो बार धक्का दिया था. वे इस बात से नाराज थे कि मैंने मिस्टर प्रेमानंद को महारा कहकर बुलाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद विवाद बर्गर की तरफ मुड़ गया कि मैंने विरोध-प्रदर्शन वाले दिन खाया था.

सोनम वांगचुक पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

अभिजीत ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि उनकी वापसी पर सोचेंगे.  दीपके जंतर मंतर पर हुए आंदोलन का चेहरा रहे सोनम वांगचुक पर भी खुलकर बातचीत की. उन्होंने कहा, ''आंदोलन खत्म होने के बाद भी बात हुई, लोग कहते हैं कि मैंने उन्हें मैनिपुलेट करके अनशन पर बैठाया, वो वैज्ञानिक हैं, क्या मैं उन्हें मैनिपुलेट  कर सकता हूं. वो स्मार्ट हैं, उनका खुद का फैसला था.''

अभिजीत दीपके ने कहा, ''मैं उन्हें पूरे टाइम कहता रहा कि अनशन खत्म कर दीजिए. उन्होंने कहा कि आप क्यों अनशन खत्म करने के लिए दबाव डाल रहे हो. वो मूवमेंट के फेस थे. उनके बिना ये मूवमेंट इतना बड़ा नहीं होता. जान दांव पर लगाकर उन्होंने देश को जागरूक किया है. आज ये मूवमेंट सीजेपी और सोनम वांगचुक जरूर बड़ा हो चुका है.'' 

सीजेपी के फाउंडर ने कहा, ''सोनम सर को उठाकर ले गए तो, उन्होंने मिलने नहीं दिया. एक तरह से किडनैप करके रखा था.'' 

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