अब 'ट्रोजन हॉर्स' से होगा ब्लड कैंसर का इलाज, इस देश ने तो शुरू कर दिया इस्तेमाल

ब्लड कैंसर की खतरनाक बीमारी से जूझने वालों के लिए एक नई उम्मीद जागी है. एक नई थेरेपी का ईजाद हुआ है, जो मरीजों की जान बचाने में अन्य ट्रीटमेंट की अपेक्षा अ​धिक कारगर है. इंग्लैंड में हजारों लोगों का इससे इलाज शुरू हो गया है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये थेरेपी ब्लड कैंसर मरीजों के लिए लाइफ चेंजिंग साबित हो सकती है. कीमोथेरेपी का एडवांस्ड रूप ब्लड कैंसर से जूझ रहे मरीजों के​ लिए बड़ी राहत है. उनके इलाज के लिए एक नई टारगेटेड थेरेपी का ईजाद हुआ है. इंग्लैंड में इस प्राॅब्लम से जूझने वाले मरीजों को ये थेरेपी दी गई है. ये दुनिया में पहली बार है जब मरीजों को ये दवा दी गई. 'ट्रोजन हाॅर्स ड्रग' के रूप में पहचाने वाली ये थेरेपी बेलेंटामैब माफोडोटिन है. यह दवा कीमोथेरेपी का एक उन्नत रूप है. ये मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर) को अन्य ट्रीटमेंट की अपेक्षा में तीन गुना अ​धिक समय तक रोकने में कारगर है. हर तीन हफ्ते में दी जाती है ​थेरेपी बेलेंटामैब माफोडोटिन एक विशेष तरह का एंटीबाॅडी ड्रग है. उपचार के लिए इस ड्रग का इस्तेमाल कैंसर की अन्य दवाओं के साथ किया जाता है. मरीज को हर तीसरे हफ्ते ये टारगेटेड थेरेपी दी जाती है. शरीर के अंदर पहुंचकर ये दवा कैंसर सेल को नष्ट कर देती है. कैसे करती है काम? बेलेंटामैब माफाेडोटिन, एक लीथल कीमोथेरेपी दवा है. इसे एंटीबॉडी से बांधा गया है, जो शरीर द्वारा संक्रमण से लड़ने के लिए उपयोग किए जाने वाले एंटीबॉडी के समान है. ये एंटीबॉडी कैंसरग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचते हैं. उनकी सतह पर चिपक जाते हैं. अंदर जाने के बाद वे कैंसर को मारने के लिए अपना टाॅ​क्सिक पेलोड छोड़ते हैं. जिससे कैंसर सेल नष्ट हो जाते हैं. लाइफ चेंजिंग ड्रग हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये दवा मरीज और उनकी फैमिली के लिए लाइफ चेंजिंग है. मायलोमा ब्लड कैंसर का एग्रेसिव टाइप है. इस टारगेटेड थेरेपी का इस्तेमाल उन मरीजों पर किया गया, जिसमें कैंसर लगातार बढ़ रहा था या उनमें कैंसर के शुरुआती उपचार का कोई असर नहीं दिख रहा था. मायलोमा क्या है? मल्टीपल मायलोमा एक तरह का ब्लड कैंसर यानी रक्त कैंसर है. मल्टीपल मायलोमा एक कैंसर है जो बाॅडी के व्हाइट ब्लड सेल्स में बनता है, जिसे प्लाज्मा कोशिका कहा जाता है. अस्थि मज्जा में, प्लाज्मा कोशिकाएं एंटीबॉडी बनाती हैं. ये ऐसे प्रोटीन हैं जो आपके शरीर को बीमारियों और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. हेल्दी प्लाज्मा कोशिकाएं कीटाणुओं को पहचानने और कीटाणुओं पर हमला करने, संक्रमण से लड़ने में आपकी मदद करती हैं. मायलोमा में कैंसरग्रस्त प्लाज्मा कोशिकाएं अस्थि मज्जा में जमा होती हैं और हेल्दी ब्लड कोशिकाओं को बाहर निकालती हैं. सहायक एंटीबॉडी का उत्पादन करने के बजाय, कैंसर कोशिकाएं असामान्य प्रोटीन का उत्पादन करती हैं, जो जटिलताओं का कारण बन सकती हैं. ये भी पढ़ें: कैसे होता है डीएनए टेस्ट, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बुरी तरह जले हुए शवों की कौन-सी चीज करेगी मदद? Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Jun 13, 2025 - 16:30
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अब 'ट्रोजन हॉर्स' से होगा ब्लड कैंसर का इलाज, इस देश ने तो शुरू कर दिया इस्तेमाल

ब्लड कैंसर की खतरनाक बीमारी से जूझने वालों के लिए एक नई उम्मीद जागी है. एक नई थेरेपी का ईजाद हुआ है, जो मरीजों की जान बचाने में अन्य ट्रीटमेंट की अपेक्षा अ​धिक कारगर है. इंग्लैंड में हजारों लोगों का इससे इलाज शुरू हो गया है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये थेरेपी ब्लड कैंसर मरीजों के लिए लाइफ चेंजिंग साबित हो सकती है.

कीमोथेरेपी का एडवांस्ड रूप

ब्लड कैंसर से जूझ रहे मरीजों के​ लिए बड़ी राहत है. उनके इलाज के लिए एक नई टारगेटेड थेरेपी का ईजाद हुआ है. इंग्लैंड में इस प्राॅब्लम से जूझने वाले मरीजों को ये थेरेपी दी गई है. ये दुनिया में पहली बार है जब मरीजों को ये दवा दी गई. 'ट्रोजन हाॅर्स ड्रग' के रूप में पहचाने वाली ये थेरेपी बेलेंटामैब माफोडोटिन है. यह दवा कीमोथेरेपी का एक उन्नत रूप है. ये मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर) को अन्य ट्रीटमेंट की अपेक्षा में तीन गुना अ​धिक समय तक रोकने में कारगर है.

हर तीन हफ्ते में दी जाती है ​थेरेपी

बेलेंटामैब माफोडोटिन एक विशेष तरह का एंटीबाॅडी ड्रग है. उपचार के लिए इस ड्रग का इस्तेमाल कैंसर की अन्य दवाओं के साथ किया जाता है. मरीज को हर तीसरे हफ्ते ये टारगेटेड थेरेपी दी जाती है. शरीर के अंदर पहुंचकर ये दवा कैंसर सेल को नष्ट कर देती है.

कैसे करती है काम?

बेलेंटामैब माफाेडोटिन, एक लीथल कीमोथेरेपी दवा है. इसे एंटीबॉडी से बांधा गया है, जो शरीर द्वारा संक्रमण से लड़ने के लिए उपयोग किए जाने वाले एंटीबॉडी के समान है. ये एंटीबॉडी कैंसरग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचते हैं. उनकी सतह पर चिपक जाते हैं. अंदर जाने के बाद वे कैंसर को मारने के लिए अपना टाॅ​क्सिक पेलोड छोड़ते हैं. जिससे कैंसर सेल नष्ट हो जाते हैं.

लाइफ चेंजिंग ड्रग

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये दवा मरीज और उनकी फैमिली के लिए लाइफ चेंजिंग है. मायलोमा ब्लड कैंसर का एग्रेसिव टाइप है. इस टारगेटेड थेरेपी का इस्तेमाल उन मरीजों पर किया गया, जिसमें कैंसर लगातार बढ़ रहा था या उनमें कैंसर के शुरुआती उपचार का कोई असर नहीं दिख रहा था.

मायलोमा क्या है?

मल्टीपल मायलोमा एक तरह का ब्लड कैंसर यानी रक्त कैंसर है. मल्टीपल मायलोमा एक कैंसर है जो बाॅडी के व्हाइट ब्लड सेल्स में बनता है, जिसे प्लाज्मा कोशिका कहा जाता है. अस्थि मज्जा में, प्लाज्मा कोशिकाएं एंटीबॉडी बनाती हैं. ये ऐसे प्रोटीन हैं जो आपके शरीर को बीमारियों और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. हेल्दी प्लाज्मा कोशिकाएं कीटाणुओं को पहचानने और कीटाणुओं पर हमला करने, संक्रमण से लड़ने में आपकी मदद करती हैं. मायलोमा में कैंसरग्रस्त प्लाज्मा कोशिकाएं अस्थि मज्जा में जमा होती हैं और हेल्दी ब्लड कोशिकाओं को बाहर निकालती हैं. सहायक एंटीबॉडी का उत्पादन करने के बजाय, कैंसर कोशिकाएं असामान्य प्रोटीन का उत्पादन करती हैं, जो जटिलताओं का कारण बन सकती हैं.

ये भी पढ़ें: कैसे होता है डीएनए टेस्ट, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बुरी तरह जले हुए शवों की कौन-सी चीज करेगी मदद?

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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