सुबह-सुबह कांपी धरती, इस राज्य में महसूस किए गए झटके, जानें कितनी रही तीव्रता
भारत के अरुणाचल प्रदेश में आज बुधवार (4 फरवरी) को भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप राज्य के पश्चिम कामेंग में महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 8 बजकर 57 मिनट 36 सेकंड पर आया. भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग में था, जिसकी गहराई 5 किलोमीटर थी. भूकंप के झटके 27.04 अक्षांश और 92.31 देशांतर पर महसूस किए गए. फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूकंपइससे पहले मंगलवार (3 फरवरी) को कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके रात करीब 9 बजे महसूस किए गए. कोलकाता के अलावा हावड़ा और हुगली जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने क्या बतायाइस भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जहां इसकी तीव्रता 5.9 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई है. हालांकि किसी नुकसान या किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार म्यांमार में मंगलवार सुबह 6.0 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था, जिससे इसके झटके एक बड़े क्षेत्र में अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किए गए. भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार भूकंप का केंद्र म्यांमार के येनांग्याउंग से लगभग 95 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था. म्यांमार में क्यों आते हैं सबसे ज्यादा भूकंपबता दें कि म्यांमार दुनिया के सबसे एक्टिव सिस्मिक जोन में है, जहां कई बड़ी फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं. इससे पहले मार्च 2025 में भी म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसने मध्य म्यांमार में भारी तबाही मचाई थी और थाईलैंड व चीन तक असर दिखाया था. मंगलवार रात आए झटकों के बाद अधिकारी और क्षेत्रीय एजेंसियां नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटी हैं. फिलहाल स्थिति कंट्रोल में बताई जा रही है. ये भी पढ़ें Bengal elections 2026: CM ममता वकील बनकर सुप्रीम कोर्ट में क्या देंगी दलील? इतिहास में ऐसा होगा पहली बार, सिक्योरिटी टाइट
भारत के अरुणाचल प्रदेश में आज बुधवार (4 फरवरी) को भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप राज्य के पश्चिम कामेंग में महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 8 बजकर 57 मिनट 36 सेकंड पर आया.
भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग में था, जिसकी गहराई 5 किलोमीटर थी. भूकंप के झटके 27.04 अक्षांश और 92.31 देशांतर पर महसूस किए गए. फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूकंप
इससे पहले मंगलवार (3 फरवरी) को कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए. प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके रात करीब 9 बजे महसूस किए गए. कोलकाता के अलावा हावड़ा और हुगली जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए.
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने क्या बताया
इस भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जहां इसकी तीव्रता 5.9 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई है. हालांकि किसी नुकसान या किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार म्यांमार में मंगलवार सुबह 6.0 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर था, जिससे इसके झटके एक बड़े क्षेत्र में अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किए गए. भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार भूकंप का केंद्र म्यांमार के येनांग्याउंग से लगभग 95 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था.
म्यांमार में क्यों आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप
बता दें कि म्यांमार दुनिया के सबसे एक्टिव सिस्मिक जोन में है, जहां कई बड़ी फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं. इससे पहले मार्च 2025 में भी म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसने मध्य म्यांमार में भारी तबाही मचाई थी और थाईलैंड व चीन तक असर दिखाया था. मंगलवार रात आए झटकों के बाद अधिकारी और क्षेत्रीय एजेंसियां नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटी हैं. फिलहाल स्थिति कंट्रोल में बताई जा रही है.
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