'सुखोई की जबरदस्त बमबारी...', जैसलमेर में वायुसेना की दहाड़; पाक से सटी सीमा पर एयरफोर्स ने किया युद्धाभ्यास
देश की सैन्य ताकत का नजारा देखने को मिला. राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना ने विशाल युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति 2026' की अंतिम पूर्वभ्यास गतिविधियां शुरू कर दी हैं. तपती रेत वाले प्रदेश में लड़ाकू विमानों के शोर ने दुश्मन देश को स्पष्ट संदेश दिया. साथ ही देश को विश्वास दिलाया कि बॉर्डर के इलाके पूरी तरह सुरक्षित हैं. ये रिहर्सल 27 फरवरी को होने वाले आयोजन से पहले हुआ. इसकी शुरुआत सुखोई-30 MK लड़ाकू विमान के हमले से हुई. विमान ने दुश्मन के ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया. यह ठिकाने काल्पनिक तौर पर बनाए गए थे. इस दौरान करीबन इन ठिकानों पर 44 बम गिराए गए. इस दौरान बम अपने लक्षित ठिकानों पर गिरे. इस हमलों से रेत का गुबार उठता दिखा. इनके अलावा मिग-29 विमानों ने दुश्मन टैंकों के काफिलों पर निर्धारित हमले कर ठिकाने नष्ट किए. इसका प्रदर्शन भी देखने को मिला. इस रिहर्सल के दौरान और क्या देखने को मिलाइस दौरान लड़ाकू विमानों ने भी प्रदर्शन किया. इनमें जगुआर विमानों ने लक्षित ठिकानों पर हमले किए. अधिकारियों की मानें तो करीबन एयरपोर्ट से 73 लड़ाकू विमान उड़ान भरकर जैसलमेर के चंदन क्षेत्र में अपने टारगेट को पूरा करेंगे. इन युद्धाभ्यास के दौरान 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भाग ले रहे हैं. इन रिहर्सल के दौरान विमानों की आक्रमक शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिला. इनके अलावा सी-295 परिवहन विमान अंधेरे में उतरेंगे. इनका उद्देश्य गहरे अंधेरे में सेना की सटीकता और तत्परता को परखा जाएगा. इनके अलावा सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान भी युद्ध क्षेत्र में उतारें जाएंगे. इनमें गरुड़ कमांडो दल की तैनाती की जा रही है. इनके अलावा स्वदेशी प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर ने प्रदर्शन किया. 27 फरवरी को होगा आयोजनइनके अलावा 27 फरवरी को होने वाले आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि रहेंगी. इनमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे. इन युद्धाभ्यसों का स्पष्ट उद्देश्य है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए कितना प्रतिबद्ध है.
देश की सैन्य ताकत का नजारा देखने को मिला. राजस्थान के जैसलमेर जिले में पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना ने विशाल युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति 2026' की अंतिम पूर्वभ्यास गतिविधियां शुरू कर दी हैं. तपती रेत वाले प्रदेश में लड़ाकू विमानों के शोर ने दुश्मन देश को स्पष्ट संदेश दिया. साथ ही देश को विश्वास दिलाया कि बॉर्डर के इलाके पूरी तरह सुरक्षित हैं. ये रिहर्सल 27 फरवरी को होने वाले आयोजन से पहले हुआ.
इसकी शुरुआत सुखोई-30 MK लड़ाकू विमान के हमले से हुई. विमान ने दुश्मन के ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया. यह ठिकाने काल्पनिक तौर पर बनाए गए थे. इस दौरान करीबन इन ठिकानों पर 44 बम गिराए गए. इस दौरान बम अपने लक्षित ठिकानों पर गिरे. इस हमलों से रेत का गुबार उठता दिखा. इनके अलावा मिग-29 विमानों ने दुश्मन टैंकों के काफिलों पर निर्धारित हमले कर ठिकाने नष्ट किए. इसका प्रदर्शन भी देखने को मिला.
इस रिहर्सल के दौरान और क्या देखने को मिला
इस दौरान लड़ाकू विमानों ने भी प्रदर्शन किया. इनमें जगुआर विमानों ने लक्षित ठिकानों पर हमले किए. अधिकारियों की मानें तो करीबन एयरपोर्ट से 73 लड़ाकू विमान उड़ान भरकर जैसलमेर के चंदन क्षेत्र में अपने टारगेट को पूरा करेंगे. इन युद्धाभ्यास के दौरान 100 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भाग ले रहे हैं. इन रिहर्सल के दौरान विमानों की आक्रमक शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिला.
इनके अलावा सी-295 परिवहन विमान अंधेरे में उतरेंगे. इनका उद्देश्य गहरे अंधेरे में सेना की सटीकता और तत्परता को परखा जाएगा. इनके अलावा सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान भी युद्ध क्षेत्र में उतारें जाएंगे. इनमें गरुड़ कमांडो दल की तैनाती की जा रही है. इनके अलावा स्वदेशी प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर ने प्रदर्शन किया.
27 फरवरी को होगा आयोजन
इनके अलावा 27 फरवरी को होने वाले आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि रहेंगी. इनमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे. इन युद्धाभ्यसों का स्पष्ट उद्देश्य है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए कितना प्रतिबद्ध है.
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