सिर्फ एक इंजेक्शन से वजन से लेकर डायबिटीज तक होगी कंट्रोल, रिसर्च में बढ़ाई उम्मीद
आज की बिजी लाइफ और बदलती लाइफस्टाइल के बीच मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां आम होती जा रही हैं. हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से परेशान है. खासतौर पर मोटापा और डायबिटीज अब महामारी का रूप ले चुके हैं. इन बीमारियों से न सिर्फ शरीर कमजोर होता है, बल्कि हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आपको ये बताया जाए कि सिर्फ हफ्ते में एक इंजेक्शन लेने से वजन, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक तक को कंट्रोल किया जा सकता है तो यकीन करना मुश्किल होगा. हाल ही में लखनऊ के एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हुई एक रिसर्च में कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है. पता चला है कि सिर्फ एक डोज से वजन से लेकर डायबिटीज तक को कंट्रोल किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये नई रिसर्च क्या कहती है. रिसर्च में क्या सामने आया? एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टर और उनकी टीम ने इन्क्रेटिन हार्मोन (Incretin Hormone) पर रिसर्च की. इस रिसर्च में 35 से 65 साल की उम्र के 55 मरीजों को शामिल किया गया, जिनका BMI (बॉडी मास इंडेक्स) 27 से ज्यादा था यानी वे सभी ओवरवेट या मोटापे के शिकार थे. इन सभी मरीजों को एक खास आर्टिफिशियल हार्मोन इंजेक्शन दिया गया, जिसे इंसुलिन की तरह पेट में लगाया जाता है और इसकी जरूरत सिर्फ हफ्ते में एक बार होती है. कैसे करता है यह इंजेक्शन काम? यह इंजेक्शन आर्टिफिशियल इन्क्रेटिन हार्मोन से बना होता है, जो शरीर में नेचुरल रूप से भी बनता है, लेकिन बहुत ही कम समय में खत्म हो जाता है. यह हार्मोन खाने के बाद एक्टिव होता है और इंसुलिन का लीकेज बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. साथ ही खाने को पचाने की स्पीड धीमी करता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा-भरा लगता है. इस इंजेक्शन को कुछ समय तक यूज करने के बाद मरीजों में चौंकाने वाले बदलाव देखे गए. जिससे वजन में 25 प्रतिशत तक कमी आई, हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 20 प्रतिशत कम हुआ, डायबिटीज का खतरा 40 प्रतिशत कम हुआ, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 55 प्रतिशत तक घटा. इन रिजल्ट से यह साफ है कि यह सिर्फ वजन या शुगर कंट्रोल करने वाला इंजेक्शन नहीं, बल्कि यह पूरे हार्ट और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को एक तरह से सुरक्षित रखता है. यह इंजेक्शन मार्केट में अवेलेबल है, लेकिन इसकी कीमत अभी काफी ज्यादा है, इसकी कीमत लगभग 17,000 प्रति इंजेक्शन है. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे इसका प्रोडक्शन और यूज बढ़ेगा, इसकी कीमत भी घटेगी और यह आम लोगों की पहुंच में आ सकेगा. यह भी पढ़ें : Sexual Issues in Women: 40% महिलाओं को होती है ये बीमारी, फिजिकल रिलेशन बनाना भी हो जाता है खतरनाक
आज की बिजी लाइफ और बदलती लाइफस्टाइल के बीच मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां आम होती जा रही हैं. हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से परेशान है. खासतौर पर मोटापा और डायबिटीज अब महामारी का रूप ले चुके हैं. इन बीमारियों से न सिर्फ शरीर कमजोर होता है, बल्कि हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थितियों का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आपको ये बताया जाए कि सिर्फ हफ्ते में एक इंजेक्शन लेने से वजन, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक तक को कंट्रोल किया जा सकता है तो यकीन करना मुश्किल होगा.
हाल ही में लखनऊ के एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हुई एक रिसर्च में कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है. पता चला है कि सिर्फ एक डोज से वजन से लेकर डायबिटीज तक को कंट्रोल किया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये नई रिसर्च क्या कहती है.
रिसर्च में क्या सामने आया?
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टर और उनकी टीम ने इन्क्रेटिन हार्मोन (Incretin Hormone) पर रिसर्च की. इस रिसर्च में 35 से 65 साल की उम्र के 55 मरीजों को शामिल किया गया, जिनका BMI (बॉडी मास इंडेक्स) 27 से ज्यादा था यानी वे सभी ओवरवेट या मोटापे के शिकार थे. इन सभी मरीजों को एक खास आर्टिफिशियल हार्मोन इंजेक्शन दिया गया, जिसे इंसुलिन की तरह पेट में लगाया जाता है और इसकी जरूरत सिर्फ हफ्ते में एक बार होती है.
कैसे करता है यह इंजेक्शन काम?
यह इंजेक्शन आर्टिफिशियल इन्क्रेटिन हार्मोन से बना होता है, जो शरीर में नेचुरल रूप से भी बनता है, लेकिन बहुत ही कम समय में खत्म हो जाता है. यह हार्मोन खाने के बाद एक्टिव होता है और इंसुलिन का लीकेज बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. साथ ही खाने को पचाने की स्पीड धीमी करता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा-भरा लगता है. इस इंजेक्शन को कुछ समय तक यूज करने के बाद मरीजों में चौंकाने वाले बदलाव देखे गए. जिससे वजन में 25 प्रतिशत तक कमी आई, हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 20 प्रतिशत कम हुआ, डायबिटीज का खतरा 40 प्रतिशत कम हुआ, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा 55 प्रतिशत तक घटा. इन रिजल्ट से यह साफ है कि यह सिर्फ वजन या शुगर कंट्रोल करने वाला इंजेक्शन नहीं, बल्कि यह पूरे हार्ट और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को एक तरह से सुरक्षित रखता है.
यह इंजेक्शन मार्केट में अवेलेबल है, लेकिन इसकी कीमत अभी काफी ज्यादा है, इसकी कीमत लगभग 17,000 प्रति इंजेक्शन है. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे इसका प्रोडक्शन और यूज बढ़ेगा, इसकी कीमत भी घटेगी और यह आम लोगों की पहुंच में आ सकेगा.
यह भी पढ़ें : Sexual Issues in Women: 40% महिलाओं को होती है ये बीमारी, फिजिकल रिलेशन बनाना भी हो जाता है खतरनाक
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