सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद बनने लगता है ब्रेस्ट मिल्क या नहीं, एक्सपर्ट से जानें सच?
मां बनना हर महिला के जीवन का खास पल होता है, लेकिन डिलीवरी का तरीका कई बार नई टेंशन को जन्म दे देता है. खासकर जब सिजेरियन डिलीवरी हो तो ज्यादातर मांओं के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या ऑपरेशन के तुरंत बाद ब्रेस्ट मिल्क बनेगा या इसमें देरी होगी. कहीं ऐसा तो नहीं कि बच्चा शुरुआती दिनों में पर्याप्त ब्रेस्ट फीड न कर पाए? इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी ब्रेस्ट फीड पूरी तरह संभव है, लेकिन कुछ मामलों में ब्रेस्ट मिल्क आने की प्रक्रिया में हल्की देरी हो सकती है, लेकिन यह नॉर्मल है और सही गाइडेंस से इसे सही किया जा सकता है. क्या सिजेरियन के तुरंत बाद ब्रेस्ट फीड कराया जा सकता है?डॉक्टर बताते हैं कि अगर मां और बच्चा दोनों की हालत स्थिर है, तो ऑपरेशन के तुरंत बाद भी ब्रेस्ट फीड शुरू किया जा सकता है. कई हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद स्किन टू स्किन मां और बच्चे का काॅन्टेक्ट कराया जाता है, जिससे बच्चे को मां के सीने से लगाकर फीडिंग की शुरुआत हो सके. अगर मां को जनरल एनेस्थीसिया दिया गया हो तो होश में आने के बाद ब्रेस्टफीडिंग शुरू की जा सकती है. क्या सिजेरियन के बाद ब्रेस्ट मिल्क देर से बनता है?कुछ रिसर्च के अनुसार, सिजेरियन के बाद मिल्क बनने में थोड़ी देर हो सकती है. इसकी वजह हार्मोनल बदलाव में हल्की रुकावट, ऑपरेशन के बाद दर्द, दवाओं का असर या मां और बच्चे का कुछ समय अलग रहना हो सकता है. हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि ब्रेस्ट मिल्क बनने की प्रक्रिया डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव से ही शुरू होती है. चाहे डिलीवरी नॉर्मल हो या सिजेरियन. ऑपरेशन के बाद दर्द और दवाओं का असर डॉक्टरों का कहना है कि सिजेरियन के बाद टांकों का दर्द, फीडिंग में असहजता पैदा कर सकता है. वहीं डॉक्टर आमतौर पर ऐसी पेन रिलीफ दवाई देते हैं जो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सुरक्षित मानी जाती हैं. फिर भी डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी दवा को लेकर डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है. वहीं ऑपरेशन के बाद पेट पर दबाव कम डालने वाली पोजीशन ब्रेस्ट फीडिंग के लिए बेहतर मानी जाती है. जैसे करवट लेकर फीड करना या फुटबॉल होल्ड पोजीशन सही मानी जाती है. वहीं ब्रेस्ट फीडिंग की सही पोजीशन के लिए नर्स या कंसल्टेंट की मदद ली जा सकती है. ये भी पढ़ें-Vitamin K Deficiency: मसूड़ों से खून आना और नीले निशान पड़ना है खतरे की घंटी, शरीर में हो गई है इस खास विटामिन की कमी Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
मां बनना हर महिला के जीवन का खास पल होता है, लेकिन डिलीवरी का तरीका कई बार नई टेंशन को जन्म दे देता है. खासकर जब सिजेरियन डिलीवरी हो तो ज्यादातर मांओं के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या ऑपरेशन के तुरंत बाद ब्रेस्ट मिल्क बनेगा या इसमें देरी होगी. कहीं ऐसा तो नहीं कि बच्चा शुरुआती दिनों में पर्याप्त ब्रेस्ट फीड न कर पाए? इसे लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी ब्रेस्ट फीड पूरी तरह संभव है, लेकिन कुछ मामलों में ब्रेस्ट मिल्क आने की प्रक्रिया में हल्की देरी हो सकती है, लेकिन यह नॉर्मल है और सही गाइडेंस से इसे सही किया जा सकता है.
क्या सिजेरियन के तुरंत बाद ब्रेस्ट फीड कराया जा सकता है?
डॉक्टर बताते हैं कि अगर मां और बच्चा दोनों की हालत स्थिर है, तो ऑपरेशन के तुरंत बाद भी ब्रेस्ट फीड शुरू किया जा सकता है. कई हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद स्किन टू स्किन मां और बच्चे का काॅन्टेक्ट कराया जाता है, जिससे बच्चे को मां के सीने से लगाकर फीडिंग की शुरुआत हो सके. अगर मां को जनरल एनेस्थीसिया दिया गया हो तो होश में आने के बाद ब्रेस्टफीडिंग शुरू की जा सकती है.
क्या सिजेरियन के बाद ब्रेस्ट मिल्क देर से बनता है?
कुछ रिसर्च के अनुसार, सिजेरियन के बाद मिल्क बनने में थोड़ी देर हो सकती है. इसकी वजह हार्मोनल बदलाव में हल्की रुकावट, ऑपरेशन के बाद दर्द, दवाओं का असर या मां और बच्चे का कुछ समय अलग रहना हो सकता है. हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि ब्रेस्ट मिल्क बनने की प्रक्रिया डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव से ही शुरू होती है. चाहे डिलीवरी नॉर्मल हो या सिजेरियन.
ऑपरेशन के बाद दर्द और दवाओं का असर
डॉक्टरों का कहना है कि सिजेरियन के बाद टांकों का दर्द, फीडिंग में असहजता पैदा कर सकता है. वहीं डॉक्टर आमतौर पर ऐसी पेन रिलीफ दवाई देते हैं जो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सुरक्षित मानी जाती हैं. फिर भी डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी दवा को लेकर डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है. वहीं ऑपरेशन के बाद पेट पर दबाव कम डालने वाली पोजीशन ब्रेस्ट फीडिंग के लिए बेहतर मानी जाती है. जैसे करवट लेकर फीड करना या फुटबॉल होल्ड पोजीशन सही मानी जाती है. वहीं ब्रेस्ट फीडिंग की सही पोजीशन के लिए नर्स या कंसल्टेंट की मदद ली जा सकती है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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