सिंगर जुबिन गर्ग का सिंगापुर में निधन, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- 'असम ने अपना सबसे प्रिय बेटा खो दिया'

असम के जाने-माने गायक और बॉलीवुड के लोकप्रिय सिंगर जुबिन गर्ग का 52 साल की उम्र में निधन हो गया. वह सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने पहुंचे थे, जहां स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि असम ने 'अपना सबसे प्रिय बेटा खो दिया'. स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई सांस लेने में तकलीफरिपोर्ट्स के मुताबिक जुबिन गर्ग स्कूबा डाइविंग कर रहे थे, तभी उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई. उन्हें तुरंत पानी से बाहर निकाला गया और CPR दिया गया. इसके बाद उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. दोपहर करीब 2:30 बजे (भारतीय समयानुसार) उनका निधन हो गया. असम के सीएम का भावुक बयानमुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'जुबिन बहुत जल्दी चले गए, यह जाने की उम्र नहीं थी. उनकी आवाज़ लोगों को ऊर्जा देती थी और उनका संगीत सीधे दिल और दिमाग तक पहुंचता था. असम की संस्कृति में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा.” उन्होंने लिखा कि जुबिन की आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है.

Sep 19, 2025 - 16:30
 0
सिंगर जुबिन गर्ग का सिंगापुर में निधन, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- 'असम ने अपना सबसे प्रिय बेटा खो दिया'

असम के जाने-माने गायक और बॉलीवुड के लोकप्रिय सिंगर जुबिन गर्ग का 52 साल की उम्र में निधन हो गया. वह सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने पहुंचे थे, जहां स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि असम ने 'अपना सबसे प्रिय बेटा खो दिया'.

स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई सांस लेने में तकलीफ
रिपोर्ट्स के मुताबिक जुबिन गर्ग स्कूबा डाइविंग कर रहे थे, तभी उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई. उन्हें तुरंत पानी से बाहर निकाला गया और CPR दिया गया. इसके बाद उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. दोपहर करीब 2:30 बजे (भारतीय समयानुसार) उनका निधन हो गया.

असम के सीएम का भावुक बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'जुबिन बहुत जल्दी चले गए, यह जाने की उम्र नहीं थी. उनकी आवाज़ लोगों को ऊर्जा देती थी और उनका संगीत सीधे दिल और दिमाग तक पहुंचता था. असम की संस्कृति में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा.” उन्होंने लिखा कि जुबिन की आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow