शेयर बाजार में निवेशकों लगी लंका, एक दिन में डूबे ₹9000000000000, 1000 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्स

Stock Market News: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और निवेशकों में हड़कंप मच गया. आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव के चलते बाजार चौतरफा कमजोरी के साथ बंद हुआ. कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये पर बने दबाव के कारण निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई. इसका असर यह रहा कि बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में भी साढ़े तीन सौ अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को शेयर बाजार में आयी इस बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए.  शेयर बाजार में कोहराम बीएसई पर सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी करीब 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,180.47 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह और भी नीचे फिसल गया था. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी भारी दबाव में रहा और 350 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. बाजार में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह आईटी शेयरों में कमजोरी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में बिकवाली के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी पूंजी की निकासी मानी जा रही है. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल निवेशक बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और अगली दिशा के लिए ठोस संकेतों का इंतजार कर रहे हैं. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है. इस फैसले का असर उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और रुपये में जारी कमजोरी के चलते निवेशकों की धारणा काफी कमजोर हुई है. इसका सबसे ज्यादा असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर देखने को मिल रहा है, जहां हाल के दिनों में दबाव बढ़ा है. मौजूदा हालात में लगभग सभी सेक्टर्स के प्रति नकारात्मक रुझान बना हुआ है और निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं. ये भी पढ़ें: बजट 2026: ‘चीन के एक्शन से बचाओ…’, क्यों कंपनियां लगा रही मदद की सरकार से गुहार डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

Jan 20, 2026 - 20:30
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शेयर बाजार में निवेशकों लगी लंका, एक दिन में डूबे ₹9000000000000, 1000 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्स

Stock Market News: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और निवेशकों में हड़कंप मच गया. आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव के चलते बाजार चौतरफा कमजोरी के साथ बंद हुआ. कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये पर बने दबाव के कारण निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई.

इसका असर यह रहा कि बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में भी साढ़े तीन सौ अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को शेयर बाजार में आयी इस बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए. 

शेयर बाजार में कोहराम

बीएसई पर सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी करीब 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,180.47 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह और भी नीचे फिसल गया था. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी भारी दबाव में रहा और 350 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ.

बाजार में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह आईटी शेयरों में कमजोरी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में बिकवाली के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी पूंजी की निकासी मानी जा रही है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल निवेशक बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और अगली दिशा के लिए ठोस संकेतों का इंतजार कर रहे हैं. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है. इस फैसले का असर उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है.

उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और रुपये में जारी कमजोरी के चलते निवेशकों की धारणा काफी कमजोर हुई है. इसका सबसे ज्यादा असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर देखने को मिल रहा है, जहां हाल के दिनों में दबाव बढ़ा है. मौजूदा हालात में लगभग सभी सेक्टर्स के प्रति नकारात्मक रुझान बना हुआ है और निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं.

ये भी पढ़ें: बजट 2026: ‘चीन के एक्शन से बचाओ…’, क्यों कंपनियां लगा रही मदद की सरकार से गुहार

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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