शराब नहीं पीते फिर भी फैटी लिवर के शिकार, जानें कितनी आम हो गई है यह बीमारी?
आज के समय में फैटी लिवर की समस्या काफी आम हो गई है. पहले इसे केवल उन लोगों में देखा जाता था, जो शराब का अधिक सेवन किया करते थे. हालांकि, आज के समय यह बीमारी उन लोगों में भी देखी जा रही है, जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते. आइए इसके बारे में जानते हैं. क्या होता है फैटी लिवर? फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है, जब यह चर्बी काफी अधिक मात्रा में बढ़ जाती है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है. आमतौर पर फैटी लिवर 2 प्रकार का होता है - अल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर. जो लोग शराब नहीं पीते, उनको होने वाली इस बीमारी को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता है. डॉक्टरों की मानें तो आज के समय में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर तेजी से बढ़ रहा है. शहरों में यह समस्या अधिक है. गलत खान-पान, ज्यादा ऑयली खाना, सही से आराम न करना, ज्यादा समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, व्यायाम न करना और खून में ज्यादा फैट होना इसके कुछ प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा, अगर आपको डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या है, तो इसका जोखिम और भी बढ़ जाता है. फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण इतने दिखाई नहीं देते, कई बार लोगों को काफी लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उन्हें यह बीमारी है. कई बार इसके लक्षणों में थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना, पेट फूलना, पैरों में सूजन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्यॉए इसके मुख्य संकेत होते हैं. यह भी पढ़ें- Severe Aplastic Anemia: सीवियर एप्लास्टिक एनीमिया छीन लेता सांसें, जानें स्टेम सेल डोनर ने कैसे बचाई लड़के की जान? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया जाए तो इसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली बदलें, नियमित रूप से एक्सरसाइज (Exercise) करें, संतुलित भोजन लें और जंक फूड से दूरी बनाए रखें. डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना बहुत फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा वजन को नियंत्रित रखना और समय- समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी है, जिससे समस्या बढ़ने से पहले ही आपको बीमारी का पता चल जाए. यह भी पढ़ें- Heart Disease Risk: कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल, फिर भी हार्ट अटैक का खतरा? सावधान! ये कारण हो सकता है असली विलेन डॉक्टरों का कहना है कि फैटी लिवर को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. अगर यह लंबे समय तक बना रहे, तो यह लिवर सिरोसिस (liver cirrhosis) या लिवर फेलियर (liver failure) जैसी गंभीर बीमारी में भी बदल सकता है,इसलिए अपने शरीर का ध्यान रखें, सही खान-पान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों को अपनाएं और अपने लीवर को स्वस्थ रखें.
आज के समय में फैटी लिवर की समस्या काफी आम हो गई है. पहले इसे केवल उन लोगों में देखा जाता था, जो शराब का अधिक सेवन किया करते थे. हालांकि, आज के समय यह बीमारी उन लोगों में भी देखी जा रही है, जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते. आइए इसके बारे में जानते हैं.
क्या होता है फैटी लिवर?
फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है, जब यह चर्बी काफी अधिक मात्रा में बढ़ जाती है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है. आमतौर पर फैटी लिवर 2 प्रकार का होता है - अल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर. जो लोग शराब नहीं पीते, उनको होने वाली इस बीमारी को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता है.
डॉक्टरों की मानें तो आज के समय में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर तेजी से बढ़ रहा है. शहरों में यह समस्या अधिक है. गलत खान-पान, ज्यादा ऑयली खाना, सही से आराम न करना, ज्यादा समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, व्यायाम न करना और खून में ज्यादा फैट होना इसके कुछ प्रमुख कारण हैं. इसके अलावा, अगर आपको डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या है, तो इसका जोखिम और भी बढ़ जाता है.
फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण इतने दिखाई नहीं देते, कई बार लोगों को काफी लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उन्हें यह बीमारी है. कई बार इसके लक्षणों में थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना, पेट फूलना, पैरों में सूजन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्यॉए इसके मुख्य संकेत होते हैं.
यह भी पढ़ें- Severe Aplastic Anemia: सीवियर एप्लास्टिक एनीमिया छीन लेता सांसें, जानें स्टेम सेल डोनर ने कैसे बचाई लड़के की जान?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया जाए तो इसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली बदलें, नियमित रूप से एक्सरसाइज (Exercise) करें, संतुलित भोजन लें और जंक फूड से दूरी बनाए रखें. डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना बहुत फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा वजन को नियंत्रित रखना और समय- समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी है, जिससे समस्या बढ़ने से पहले ही आपको बीमारी का पता चल जाए.
यह भी पढ़ें- Heart Disease Risk: कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल, फिर भी हार्ट अटैक का खतरा? सावधान! ये कारण हो सकता है असली विलेन
डॉक्टरों का कहना है कि फैटी लिवर को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. अगर यह लंबे समय तक बना रहे, तो यह लिवर सिरोसिस (liver cirrhosis) या लिवर फेलियर (liver failure) जैसी गंभीर बीमारी में भी बदल सकता है,इसलिए अपने शरीर का ध्यान रखें, सही खान-पान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों को अपनाएं और अपने लीवर को स्वस्थ रखें.
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