विशेषाधिकार हनन मामले में प्रिविलेज कमेटी के सामने पेश हुए जयराम रमेश, बोले- आसन का अपमान करना मकसद नहीं था...

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के खिलाफ विशेषाधिकार हनन मामले पर सोमवार (24 नवंबर, 2025) को प्रिविलेज कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह समेत राज्यसभा के सदस्य सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, कार्तिकेय शर्मा, जी.के. वासन और सुरेंद्र नागर मौजूद रहे. दो साल पहले अदाणी मामले में जयराम रमेश ने सभापति को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज हुई. सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस मामले को गंभीर माना है और संभावना है कि जयराम रमेश को दोबारा पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है. बैठक में जयराम रमेश खुद उपस्थित हुए और अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, 'आसन का अपमान करना मेरा उद्देश्य नहीं था. मैं सदन और आसन का पूरा सम्मान करता हूं.' यह विवाद अप्रैल 2023 का है, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई थी. मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है जिसमें जयराम रमेश ने संसद के पिछले बजट सत्र के दौरान कथित रूप से कहा था कि, 'सभापति को सत्तारूढ़ दल का चीयरलीडर नहीं होना चाहिए… विपक्ष को भी सुना जाना चाहिए.' यह बयान उस समय आया था जब अदाणी मुद्दे पर जेपीसी जांच की मांग को लेकर विपक्ष का लगातार हंगामा चल रहा था, जिसके चलते बजट सत्र में बार-बार व्यवधान और सदन का कामकाज लगभग ठप रहा. अब प्रिविलेज कमेटी उपलब्ध तथ्यों, जयराम रमेश की सफाई और सदन की मर्यादा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी.   यह भी पढ़ें:-Dharmendra Death News: वो पाकिस्‍तानी लड़की यूं ही मुस्‍कुरा देती और मैं उसके पास चला जाता... जब धर्मेंद्र की निजी जिदंगी में घटी गदर की कहानीजिसे परिवार ने मान लिया था मृत, वो 37 साल बाद निकला जिंदा! जानें, SIR ने बंगाल के परिवार को कैसे मिलाया

Nov 24, 2025 - 15:30
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विशेषाधिकार हनन मामले में प्रिविलेज कमेटी के सामने पेश हुए जयराम रमेश, बोले- आसन का अपमान करना मकसद नहीं था...

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के खिलाफ विशेषाधिकार हनन मामले पर सोमवार (24 नवंबर, 2025) को प्रिविलेज कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह समेत राज्यसभा के सदस्य सुधांशु त्रिवेदी, दीपक प्रकाश, कार्तिकेय शर्मा, जी.के. वासन और सुरेंद्र नागर मौजूद रहे. दो साल पहले अदाणी मामले में जयराम रमेश ने सभापति को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज हुई.

सूत्रों के अनुसार, समिति ने इस मामले को गंभीर माना है और संभावना है कि जयराम रमेश को दोबारा पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है. बैठक में जयराम रमेश खुद उपस्थित हुए और अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, 'आसन का अपमान करना मेरा उद्देश्य नहीं था. मैं सदन और आसन का पूरा सम्मान करता हूं.'

यह विवाद अप्रैल 2023 का है, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई थी. मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है जिसमें जयराम रमेश ने संसद के पिछले बजट सत्र के दौरान कथित रूप से कहा था कि, 'सभापति को सत्तारूढ़ दल का चीयरलीडर नहीं होना चाहिए… विपक्ष को भी सुना जाना चाहिए.'

यह बयान उस समय आया था जब अदाणी मुद्दे पर जेपीसी जांच की मांग को लेकर विपक्ष का लगातार हंगामा चल रहा था, जिसके चलते बजट सत्र में बार-बार व्यवधान और सदन का कामकाज लगभग ठप रहा. अब प्रिविलेज कमेटी उपलब्ध तथ्यों, जयराम रमेश की सफाई और सदन की मर्यादा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी.

 

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