विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग का खुलासा, 6 ठिकानों पर ED की छापे में 25 डेबिट कार्ड और 40 लाख नकद बरामद

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी इस मामले में अब देशभर में कई जगहों पर छापेमारी करके जांच का दायरा आगे बढ़ा रही है. दरअसल, यह कार्रवाई पिछले शनिवार और रविवार (18 और 19 अप्रैल, 2026) को देश के विभिन्न राज्यों के छह ठिकानों पर की गई. ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा? ED के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारत में बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा रही थी, जिससे रेगुलेटरी सिस्टम को दरकिनार किया जा रहा था. यह मामला ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)’ नामक एक मूवमेंट और उससे जुड़े लोगों से संबंधित है. छापेमारी के दौरान ईडी ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित कई अन्य अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं.  यह भी पढ़ेंः West Bengal Elections 2026: ‘कैसी भाषा बोल रहे गृह मंत्री’, अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने कसा तंज, लगाया ये गंभीर आरोप अमेरिका के Truist Bank से जुड़े डेबिट कार्ड भारत में क्यों लाए गए? जांच में खुलासा हुआ कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाए गए और देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम से बार-बार कैश निकाला गया. इस नकदी का उपयोग TTI की गतिविधियों के खर्चों के लिए किया जा रहा था, जो FCRA के तहत रजिस्टर्ड संगठन नहीं है. वहीं, इस मामले में ED ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े कई लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिकाह मार्क नामक व्यक्ति के पास से बरामद किए गए, जिसे बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ईडी के LOC के आधार पर पकड़ा. छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में अमेरिकी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल जांच में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में इन कार्डों के जरिए संदिग्ध लेनदेन हुए हैं. पिछले कुछ सालों में करीब 6.5 करोड़ रुपये की निकासी की गई है. ED का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं और इससे समानांतर नकद अर्थव्यवस्था खड़ी होने का खतरा है. इसके अलावा, एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इन लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से ऑपरेट किया जा रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए. फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है. यह भी पढ़ेंः भारत का कुख्यात ड्रग डॉन सलीम डोला तुर्किए में गिरफ्तार, सामने आया बड़ा सच!

Apr 26, 2026 - 14:30
 0
विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग का खुलासा, 6 ठिकानों पर ED की छापे में 25 डेबिट कार्ड और 40 लाख नकद बरामद

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी इस मामले में अब देशभर में कई जगहों पर छापेमारी करके जांच का दायरा आगे बढ़ा रही है. दरअसल, यह कार्रवाई पिछले शनिवार और रविवार (18 और 19 अप्रैल, 2026) को देश के विभिन्न राज्यों के छह ठिकानों पर की गई.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

ED के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारत में बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा रही थी, जिससे रेगुलेटरी सिस्टम को दरकिनार किया जा रहा था. यह मामला ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)’ नामक एक मूवमेंट और उससे जुड़े लोगों से संबंधित है.

छापेमारी के दौरान ईडी ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित कई अन्य अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं. 

यह भी पढ़ेंः West Bengal Elections 2026: ‘कैसी भाषा बोल रहे गृह मंत्री’, अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने कसा तंज, लगाया ये गंभीर आरोप

अमेरिका के Truist Bank से जुड़े डेबिट कार्ड भारत में क्यों लाए गए?

जांच में खुलासा हुआ कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाए गए और देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम से बार-बार कैश निकाला गया. इस नकदी का उपयोग TTI की गतिविधियों के खर्चों के लिए किया जा रहा था, जो FCRA के तहत रजिस्टर्ड संगठन नहीं है.

वहीं, इस मामले में ED ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े कई लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिकाह मार्क नामक व्यक्ति के पास से बरामद किए गए, जिसे बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ईडी के LOC के आधार पर पकड़ा.

छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में अमेरिकी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में इन कार्डों के जरिए संदिग्ध लेनदेन हुए हैं. पिछले कुछ सालों में करीब 6.5 करोड़ रुपये की निकासी की गई है. ED का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं और इससे समानांतर नकद अर्थव्यवस्था खड़ी होने का खतरा है.

इसके अलावा, एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इन लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से ऑपरेट किया जा रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए. फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है.

यह भी पढ़ेंः भारत का कुख्यात ड्रग डॉन सलीम डोला तुर्किए में गिरफ्तार, सामने आया बड़ा सच!

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow