लोकसभा चुनाव हारने पर भी गृह मंत्री बने, दिल्ली-मुंबई धमाकों के दौरान कपड़े बदलते रहे, शिवराज पाटिल के अनसुने किस्से

शिवराज पाटिल 2004 से 2008 तक यूपीए सरकार में गृह मंत्री रहे. उनके कार्यकाल में दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और मुंबई 26/11 हमले जैसे बड़े आतंकी हादसे हुए, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए. विपक्ष ने उन्हें लापरवाही का प्रतीक बताया. पाटिल को राजनीतिक वनवास के बाद पंजाब का गवर्नर भी बनाया गया था. दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और सूट बदलने का विवाद पाटिल के कार्यकाल में 2004 से 2008 के बीच देश कई आतंकी हमलों की चपेट में रहा. हैदराबाद, मालेगांव, जयपुर, अहमदाबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए. सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी पर सवाल उठे. विपक्षी बीजेपी ने पाटिल को लगातार निशाना बनाया. सबसे बड़ा विवाद 13 सितंबर 2008 को दिल्ली सीरियल ब्लास्ट के दौरान हुआ. जब दिल्ली के कई इलाकों में धमाके हुए. 30 से ज्यादा लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए. लेकिन टीवी चैनलों पर गृह मंत्री शिवराज पाटिल अलग-अलग ड्रेस में नजर आए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाटिल ने कम से कम तीन बार सूट बदला. पहले सफेद बंद गला, फिर काला सूट, फिर दोबारा सफेद. वह हर ब्लास्ट साइट पर नई ड्रेस में पहुंचे. आलोचकों ने कहा कि संकट के समय गृह मंत्री फैशन में व्यस्त थे. एक अखबार ने लिखा, 'टीवी चैनल तबाही के दृश्य दिखा रहे थे, लेकिन गृह मंत्री शिवराज पाटिल अपने वार्डरोब में व्यस्त थे.' लोग जोक बनाने लगे कि पाटिल कपड़े प्रेस करवा रहे थे, जबकि दिल्ली जल रही थी. बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा था, 'असली मुद्दा उनके कपड़े नहीं, बल्कि काम है.' यह विवाद इतना फैला कि पाटिल को 'सीरियल ड्रेसर' कहने लगे. मुंबई 26/11 हमला और देरी के आरोप 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया. ताज होटल, ओबेरॉय ट्रिडेंट, नरीमन हाउस और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर तीन दिन तक मुठभेड़ चली. 166 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए. NSG कमांडो ने 'ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो' चलाया. विपक्ष और मीडिया ने गृह मंत्रालय पर देरी के आरोप लगाते हुए कहा कि NSG को दिल्ली से मुंबई भेजने में 10 घंटे लग गए. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमले के समय पाटिल कपड़े बदलने या टीवी पर नजर आने की तैयारी में व्यस्त थे. पाटिल ने सफाई दी कि वे हमले के तीन घंटे के अंदर NSG कमांडो के साथ मुंबई पहुंच गए थे. लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ. मुंबई हमलों के बाद दिया इस्तीफा मुंबई हमलों के बाद कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में पाटिल पर तीखी आलोचना हुई. आखिरकार 30 नवंबर 2008 को पाटिल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी ली. उनकी जगह पी. चिदंबरम को गृह मंत्री बनाया गया. 2010 में उन्हें पंजाब का गवर्नर बनाया गया, जहां वह 2015 तक रहे. 2014 में अपनी आत्मकथा में उन्होंने 26/11 का जिक्र तक नहीं किया, जो एक और विवाद बना. बाद में उन्होंने कहा कि आतंक से निपटने में राजनीतिक समझदारी और सेना की ताकत का इस्तेमाल किया गया. 1935 में महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में जन्में पाटिल शिवराज पाटिल लातूर से 7 बार लोकसभा सांसद चुने गए. 1980 से लगातार सात लोकसभा चुनाव जीते और वह लोकसभा स्पीकर भी रहे. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में मंत्री बने. 2004 में यूपीए-1 सरकार बनने पर उन्हें गृह मंत्रालय मिला. उस समय वह लोकसभा चुनाव हार चुके थे, लेकिन सोनिया गांधी के करीबी होने से यह पद मिला. 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल में उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा संभाली.

Dec 12, 2025 - 15:30
 0
लोकसभा चुनाव हारने पर भी गृह मंत्री बने, दिल्ली-मुंबई धमाकों के दौरान कपड़े बदलते रहे, शिवराज पाटिल के अनसुने किस्से

शिवराज पाटिल 2004 से 2008 तक यूपीए सरकार में गृह मंत्री रहे. उनके कार्यकाल में दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और मुंबई 26/11 हमले जैसे बड़े आतंकी हादसे हुए, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए. विपक्ष ने उन्हें लापरवाही का प्रतीक बताया. पाटिल को राजनीतिक वनवास के बाद पंजाब का गवर्नर भी बनाया गया था.

दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और सूट बदलने का विवाद

पाटिल के कार्यकाल में 2004 से 2008 के बीच देश कई आतंकी हमलों की चपेट में रहा. हैदराबाद, मालेगांव, जयपुर, अहमदाबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए. सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी पर सवाल उठे. विपक्षी बीजेपी ने पाटिल को लगातार निशाना बनाया.

सबसे बड़ा विवाद 13 सितंबर 2008 को दिल्ली सीरियल ब्लास्ट के दौरान हुआ. जब दिल्ली के कई इलाकों में धमाके हुए. 30 से ज्यादा लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए. लेकिन टीवी चैनलों पर गृह मंत्री शिवराज पाटिल अलग-अलग ड्रेस में नजर आए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाटिल ने कम से कम तीन बार सूट बदला. पहले सफेद बंद गला, फिर काला सूट, फिर दोबारा सफेद. वह हर ब्लास्ट साइट पर नई ड्रेस में पहुंचे. आलोचकों ने कहा कि संकट के समय गृह मंत्री फैशन में व्यस्त थे.

एक अखबार ने लिखा, 'टीवी चैनल तबाही के दृश्य दिखा रहे थे, लेकिन गृह मंत्री शिवराज पाटिल अपने वार्डरोब में व्यस्त थे.' लोग जोक बनाने लगे कि पाटिल कपड़े प्रेस करवा रहे थे, जबकि दिल्ली जल रही थी. बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा था, 'असली मुद्दा उनके कपड़े नहीं, बल्कि काम है.' यह विवाद इतना फैला कि पाटिल को 'सीरियल ड्रेसर' कहने लगे.

मुंबई 26/11 हमला और देरी के आरोप

26 नवंबर 2008 को मुंबई पर लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया. ताज होटल, ओबेरॉय ट्रिडेंट, नरीमन हाउस और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर तीन दिन तक मुठभेड़ चली. 166 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए. NSG कमांडो ने 'ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो' चलाया. विपक्ष और मीडिया ने गृह मंत्रालय पर देरी के आरोप लगाते हुए कहा कि NSG को दिल्ली से मुंबई भेजने में 10 घंटे लग गए.

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमले के समय पाटिल कपड़े बदलने या टीवी पर नजर आने की तैयारी में व्यस्त थे. पाटिल ने सफाई दी कि वे हमले के तीन घंटे के अंदर NSG कमांडो के साथ मुंबई पहुंच गए थे. लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ.

मुंबई हमलों के बाद दिया इस्तीफा

मुंबई हमलों के बाद कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में पाटिल पर तीखी आलोचना हुई. आखिरकार 30 नवंबर 2008 को पाटिल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी ली. उनकी जगह पी. चिदंबरम को गृह मंत्री बनाया गया.

2010 में उन्हें पंजाब का गवर्नर बनाया गया, जहां वह 2015 तक रहे. 2014 में अपनी आत्मकथा में उन्होंने 26/11 का जिक्र तक नहीं किया, जो एक और विवाद बना. बाद में उन्होंने कहा कि आतंक से निपटने में राजनीतिक समझदारी और सेना की ताकत का इस्तेमाल किया गया.

1935 में महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में जन्में पाटिल

शिवराज पाटिल लातूर से 7 बार लोकसभा सांसद चुने गए. 1980 से लगातार सात लोकसभा चुनाव जीते और वह लोकसभा स्पीकर भी रहे. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में मंत्री बने. 2004 में यूपीए-1 सरकार बनने पर उन्हें गृह मंत्रालय मिला. उस समय वह लोकसभा चुनाव हार चुके थे, लेकिन सोनिया गांधी के करीबी होने से यह पद मिला. 2004 से 2008 तक मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल में उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा संभाली.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow