लाइफ इंश्योरेंस लेते समय रहे सावधान! कंपनी चुनते समय न करें ये गलती, वरना होगा भारी नुकसान

Life Insurance Tips: आज के समय में इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी हो गया है. यह मुश्किल वक्त में आपकी और आपके परिवार की आर्थिक मदद तो करता ही हैं, साथ ही आपको मेंटली शांति भी देता हैं. खासकर लाइफ इंश्योरेंस, जो भविष्य की चिंता को काफी हद तक कम कर देता है. इंश्योरेंस अचानक से आई किसी मुसीबत से आपको बचाने का काम करता है. हालांकि, बहुत से लोग इंश्योरेंस खरीदने को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. उनके दिमाग में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि, आखिर किस कंपनी से इंश्योरेंस लिया जाए. बाजार में इतने विकल्प हैं कि लोग अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं. आइए जानते हैं, किसी इंश्योरेंस कंपनी को चुनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. ताकि बाद में आपको किसी तरह की परेशानी न हो..... 1. सॉल्वेंसी रेश्यो  इंश्योरेंस कंपनी चुनते समय उसका सॉल्वेंसी रेश्यो जरूर देखना चाहिए. सॉल्वेंसी रेश्यो बताता है कि कंपनी के पास अपने ग्राहकों का क्लेम चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा है या नहीं. सॉल्वेंसी रेश्यो जितना मजबूत होता है, उतनी ही कंपनी की आर्थिक हालत बेहतर मानी जाती है. सॉल्वेंसी रेश्यो इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी क्लेम सेटल करने में ज्यादा समय नहीं लगाती है. 2. क्लेम सेटलमेंट रेश्यो क्लेम सेटलमेंट रेश्यो का मतलब होता है कि, कंपनी के पास आए हुए क्लेम में से कंपनी ने कितने क्लेमों का भुगतान किया है. जिससे पता चलता है कि कंपनी क्लेम सेटल करने में कैसा प्रदर्शन करती है. इंश्योरेंस लेते समय क्लेम सेटलमेंट रेश्यो की जानकारी लेनी चाहिए. 3. परसिस्टेंसी रेश्यो परसिस्टेंसी रेश्यो दिखाता है कि, इंश्योरेंस कंपनी के मौजूदा ग्राहकों की संख्या का कितना प्रतिशत समय पर अपना प्रीमियम भुगतान कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि कंपनी अपने पॉलिसीधारकों को अच्छी सुविधा दे रही है या नहीं? इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले परसिस्टेंसी रेश्यो के बारे में जरूर पता करना चाहिए. 4. Grievance Redressal रेश्यो Grievance Redressal रेश्यो से यह बताता है कि किसी कंपनी के खिलाफ ग्राहकों की कितनी शिकायतें आती हैं और उनमें से कितनी शिकायतों को कंपनी समय पर सुलझा पाती है. यह रेश्यो कंपनी की कस्टमर सर्विस की क्वालिटी को दिखाने का काम करती है. कम शिकायतें और ज्यादा समाधान यह संकेत देते हैं कि कंपनी ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से लेती है और शिकायतों का निपटारा अच्छे तरीके से करती है.  यह भी पढ़ें: Year Ender 2025: इस साल शेयर बाजार में इन IPO का रहा जलवा, निवेशकों की दिया 125% तक का रिटर्न

Dec 21, 2025 - 16:30
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लाइफ इंश्योरेंस लेते समय रहे सावधान! कंपनी चुनते समय न करें ये गलती, वरना होगा भारी नुकसान

Life Insurance Tips: आज के समय में इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी हो गया है. यह मुश्किल वक्त में आपकी और आपके परिवार की आर्थिक मदद तो करता ही हैं, साथ ही आपको मेंटली शांति भी देता हैं. खासकर लाइफ इंश्योरेंस, जो भविष्य की चिंता को काफी हद तक कम कर देता है.

इंश्योरेंस अचानक से आई किसी मुसीबत से आपको बचाने का काम करता है. हालांकि, बहुत से लोग इंश्योरेंस खरीदने को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. उनके दिमाग में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि, आखिर किस कंपनी से इंश्योरेंस लिया जाए.

बाजार में इतने विकल्प हैं कि लोग अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं. आइए जानते हैं, किसी इंश्योरेंस कंपनी को चुनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. ताकि बाद में आपको किसी तरह की परेशानी न हो.....

1. सॉल्वेंसी रेश्यो 

इंश्योरेंस कंपनी चुनते समय उसका सॉल्वेंसी रेश्यो जरूर देखना चाहिए. सॉल्वेंसी रेश्यो बताता है कि कंपनी के पास अपने ग्राहकों का क्लेम चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा है या नहीं. सॉल्वेंसी रेश्यो जितना मजबूत होता है, उतनी ही कंपनी की आर्थिक हालत बेहतर मानी जाती है.

सॉल्वेंसी रेश्यो इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी क्लेम सेटल करने में ज्यादा समय नहीं लगाती है.

2. क्लेम सेटलमेंट रेश्यो

क्लेम सेटलमेंट रेश्यो का मतलब होता है कि, कंपनी के पास आए हुए क्लेम में से कंपनी ने कितने क्लेमों का भुगतान किया है. जिससे पता चलता है कि कंपनी क्लेम सेटल करने में कैसा प्रदर्शन करती है. इंश्योरेंस लेते समय क्लेम सेटलमेंट रेश्यो की जानकारी लेनी चाहिए.

3. परसिस्टेंसी रेश्यो

परसिस्टेंसी रेश्यो दिखाता है कि, इंश्योरेंस कंपनी के मौजूदा ग्राहकों की संख्या का कितना प्रतिशत समय पर अपना प्रीमियम भुगतान कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि कंपनी अपने पॉलिसीधारकों को अच्छी सुविधा दे रही है या नहीं? इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले परसिस्टेंसी रेश्यो के बारे में जरूर पता करना चाहिए.

4. Grievance Redressal रेश्यो

Grievance Redressal रेश्यो से यह बताता है कि किसी कंपनी के खिलाफ ग्राहकों की कितनी शिकायतें आती हैं और उनमें से कितनी शिकायतों को कंपनी समय पर सुलझा पाती है. यह रेश्यो कंपनी की कस्टमर सर्विस की क्वालिटी को दिखाने का काम करती है.

कम शिकायतें और ज्यादा समाधान यह संकेत देते हैं कि कंपनी ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से लेती है और शिकायतों का निपटारा अच्छे तरीके से करती है. 

यह भी पढ़ें: Year Ender 2025: इस साल शेयर बाजार में इन IPO का रहा जलवा, निवेशकों की दिया 125% तक का रिटर्न

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