लड़ते रहें अमेरिका-ईरान, हम तो अपना ही देश घूम लेंगे
भारत का ट्रैवल सेक्टर इस समय बड़े बदलाव से गुजर रहा है. विदेश यात्रा से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारतीय पर्यटक अब देश के भीतर घूमने के लिए ज्यादा विकल्प तलाश रहे हैं. घरेलू पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग और MICE यानी मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशंस सेक्टर ट्रैवल इंडस्ट्री की ग्रोथ को नई रफ्तार दे रहे हैं. यह खुलासा मुंबई में चल रहे टीटीएफ 2026 में हुआ, जहां ट्रैवल इंडस्ट्री के दिग्गजों ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता, वीजा की मुश्किलों और महंगे एयर फ्यूल के बावजूद भारत का घरेलू पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. विदेश यात्रा मुश्किल, घरेलू टूरिज्म बना सहारा ट्रैवल एजेंट्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के वेस्टर्न रीजन के अध्यक्ष राजेश पोद्दार के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप के बदलते हालात, वीजा से जुड़ी चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव ने इंटरनेशनल ट्रैवल को प्रभावित किया है. इसके अलावा विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से हवाई यात्रा भी महंगी हुई है. इससे विदेश घूमने का बजट बढ़ रहा है. ऐसे में भारतीय पर्यटक देश के भीतर नए और कम चर्चित डेस्टिनेशन तलाश रहे हैं. 2025 में 4.3 अरब से ज्यादा घरेलू यात्राएं टीएएआई के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान 4.3 अरब से ज्यादा डोमेस्टिक ट्रैवल दर्ज किए गए. वहीं, करीब 3.28 करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की. यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले 6.3 पर्सेंट ज्यादा बताया जा रहा है. इसका मतलब यह है कि भारतीयों ने विदेश यात्रा काफी ज्यादा की हैं, लेकिन देश के भीतर घूमने का चलन उससे कहीं ज्यादा बढ़ा है. MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग में भी तेजी गौर करने वाली बात यह है कि ट्रैवल इंडस्ट्री की ग्रोथ सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है. कॉरपोरेट MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग भी तेजी से बढ़ रहे हैं. बता दें कि कॉरपोरेट MICE में करीब 10-15 पर्सेंट और डेस्टिनेशन वेडिंग में 15-20 पर्सेंट की ग्रोथ हुई है. इस पूरे सेगमेंट में अगले कुछ वर्षों में करीब 12-14 फीसदी सालाना ग्रोथ का अनुमान है. ये शहर भी बन रहे पसंद डेस्टिनेशन वेडिंग और MICE के लिए अब गोवा, उदयपुर, जयपुर, कोच्चि, वाराणसी और इंदौर जैसे शहर भी पसंद किए जा रहे हैं. इस ट्रेंड का फायदा सिर्फ होटल और एयरलाइंस को नहीं, बल्कि लोकल बिजनेस को भी मिल सकता है. इन बिजनेस को हो सकता है फायदा होटल और रिसॉर्ट होमस्टे स्थानीय टैक्सी और ट्रांसपोर्ट रेस्टोरेंट टूर गाइड लोकल हैंडीक्राफ्ट इवेंट और वेडिंग कंपनियां आध्यात्मिक और वेलनेस टूरिज्म भी बढ़ा ट्रैवल इंडस्ट्री के मुताबिक, भारतीय पर्यटन का दायरा अब सिर्फ पहाड़, समुद्र और ऐतिहासिक जगहों तक सीमित नहीं है. स्प्रिचुअल टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, मेडिकल टूरिज्म और स्पोर्ट्स टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है. अयोध्या-वाराणसी जैसे धार्मिक शहरों से लेकर वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म से जुड़े डेस्टिनेशन पर्यटकों के लिए नए ऑप्शन बन रहे हैं. बता दें कि भारत करीब 231.6 अरब डॉलर के योगदान के साथ ग्लोबल टूरिज्म इकोनॉमी में 8वें पायदान पर पहुंच चुका है. फेयरफेस्ट मीडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और सीईओ संजीव अग्रवाल के मुताबिक, दुनिया में भले ही ट्रैवल को लेकर अनिश्चितता दिखे, लेकिन भारत के लोग देश के भीतर पहले से कहीं ज्यादा ट्रैवल कर रहे हैं. डोमेस्टिक टूरिज्म आज ग्लोबल लेवल की सबसे मजबूत कहानी है और मुंबई इस बाजार का मुख्य केंद्र है. ये भी पढ़ें: सर्जियो गोर ने कश्मीर की जिन पॉइंट्स की सैर की, वहां कैसे जा सकते हैं आप?
भारत का ट्रैवल सेक्टर इस समय बड़े बदलाव से गुजर रहा है. विदेश यात्रा से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारतीय पर्यटक अब देश के भीतर घूमने के लिए ज्यादा विकल्प तलाश रहे हैं. घरेलू पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग और MICE यानी मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशंस सेक्टर ट्रैवल इंडस्ट्री की ग्रोथ को नई रफ्तार दे रहे हैं. यह खुलासा मुंबई में चल रहे टीटीएफ 2026 में हुआ, जहां ट्रैवल इंडस्ट्री के दिग्गजों ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता, वीजा की मुश्किलों और महंगे एयर फ्यूल के बावजूद भारत का घरेलू पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है.
विदेश यात्रा मुश्किल, घरेलू टूरिज्म बना सहारा
ट्रैवल एजेंट्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के वेस्टर्न रीजन के अध्यक्ष राजेश पोद्दार के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप के बदलते हालात, वीजा से जुड़ी चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव ने इंटरनेशनल ट्रैवल को प्रभावित किया है. इसके अलावा विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से हवाई यात्रा भी महंगी हुई है. इससे विदेश घूमने का बजट बढ़ रहा है. ऐसे में भारतीय पर्यटक देश के भीतर नए और कम चर्चित डेस्टिनेशन तलाश रहे हैं.
2025 में 4.3 अरब से ज्यादा घरेलू यात्राएं
टीएएआई के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान 4.3 अरब से ज्यादा डोमेस्टिक ट्रैवल दर्ज किए गए. वहीं, करीब 3.28 करोड़ भारतीयों ने विदेश यात्रा की. यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले 6.3 पर्सेंट ज्यादा बताया जा रहा है. इसका मतलब यह है कि भारतीयों ने विदेश यात्रा काफी ज्यादा की हैं, लेकिन देश के भीतर घूमने का चलन उससे कहीं ज्यादा बढ़ा है.
MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग में भी तेजी
गौर करने वाली बात यह है कि ट्रैवल इंडस्ट्री की ग्रोथ सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है. कॉरपोरेट MICE और डेस्टिनेशन वेडिंग भी तेजी से बढ़ रहे हैं. बता दें कि कॉरपोरेट MICE में करीब 10-15 पर्सेंट और डेस्टिनेशन वेडिंग में 15-20 पर्सेंट की ग्रोथ हुई है. इस पूरे सेगमेंट में अगले कुछ वर्षों में करीब 12-14 फीसदी सालाना ग्रोथ का अनुमान है.
ये शहर भी बन रहे पसंद
डेस्टिनेशन वेडिंग और MICE के लिए अब गोवा, उदयपुर, जयपुर, कोच्चि, वाराणसी और इंदौर जैसे शहर भी पसंद किए जा रहे हैं. इस ट्रेंड का फायदा सिर्फ होटल और एयरलाइंस को नहीं, बल्कि लोकल बिजनेस को भी मिल सकता है.
इन बिजनेस को हो सकता है फायदा
- होटल और रिसॉर्ट
- होमस्टे
- स्थानीय टैक्सी और ट्रांसपोर्ट
- रेस्टोरेंट
- टूर गाइड
- लोकल हैंडीक्राफ्ट
- इवेंट और वेडिंग कंपनियां
आध्यात्मिक और वेलनेस टूरिज्म भी बढ़ा
ट्रैवल इंडस्ट्री के मुताबिक, भारतीय पर्यटन का दायरा अब सिर्फ पहाड़, समुद्र और ऐतिहासिक जगहों तक सीमित नहीं है. स्प्रिचुअल टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, मेडिकल टूरिज्म और स्पोर्ट्स टूरिज्म भी तेजी से बढ़ रहा है. अयोध्या-वाराणसी जैसे धार्मिक शहरों से लेकर वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म से जुड़े डेस्टिनेशन पर्यटकों के लिए नए ऑप्शन बन रहे हैं.
बता दें कि भारत करीब 231.6 अरब डॉलर के योगदान के साथ ग्लोबल टूरिज्म इकोनॉमी में 8वें पायदान पर पहुंच चुका है. फेयरफेस्ट मीडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और सीईओ संजीव अग्रवाल के मुताबिक, दुनिया में भले ही ट्रैवल को लेकर अनिश्चितता दिखे, लेकिन भारत के लोग देश के भीतर पहले से कहीं ज्यादा ट्रैवल कर रहे हैं. डोमेस्टिक टूरिज्म आज ग्लोबल लेवल की सबसे मजबूत कहानी है और मुंबई इस बाजार का मुख्य केंद्र है.
ये भी पढ़ें: सर्जियो गोर ने कश्मीर की जिन पॉइंट्स की सैर की, वहां कैसे जा सकते हैं आप?
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