रॉकेट से भी तेज चांदी की रफ्तार! 10 दिन में एक 1 लाख उछली कीमत, जानें कैसे 1 लाख से पहुंची 4 लाख पार
Silver Price Surge: देश में गुरुवार, 29 जनवरी को चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के भाव 4 लाख रुपये (प्रति किलो) के स्तर से ऊपर पहुंच गए है. पिछले 10 दिनों में चांदी के दाम करीब 1 लाख रुपये चढ़ चुके हैं. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 119 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड आंकड़े पर पहुंच गई है. आइए जानते हैं, आज के ताजा भाव.... चांदी के दाम 10 दिनों में करीब 1 लाख रुपये बढ़े पिछले 10 दिनों में चांदी के दामों में करीब 1 लाख रुपये से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इस दौरान चांदी की कीमतें औसतन करीब 4 से 5 हजार रुपये प्रति दिन उछली है. 19 जनवरी को चांदी का भाव 2,93,975 रुपये था, जो 28 जनवरी तक बढ़कर 3,76,923 रुपये तक हो गया था. आज 29 जनवरी को भी यह तेजी बरकरार रही और चांदी ने 4 लाख रुपये से अधिक का स्तर छू लिया. इससे साफ है कि बीते दिनों में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. सिर्फ आज की बात करें तो एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में करीब 22 हजार रुपये की तेजी देखने को मिल रही है. 2024 से 2026 तक चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस दौरान चांदी की कीमतों में तेजी बनी रही. साल 2024 में चांदी का भाव 80 हजार से 90 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहा. इसके बाद 2025 में चांदी ने बड़ी छलांग लगाई और कीमत 1 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. वहीं, 2026 में चांदी के दाम बढ़कर 4 लाख रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच गए है. जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. एमसीएक्स पर चांदी के ताजा भाव घरेलू फ्यूचर मार्केट में चांदी की कीमतों में गुरुवार, 29 जनवरी को तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर वायदा गुरुवार को 3,99,000 रुपये (प्रति किलो) पर ओपन हुआ था. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर चांदी 3,85,366 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था. 29 जनवरी की दोपहर करीब 1:15 बजे, एमसीएक्स पर 5 मार्च का एक्सपायरी वाला सिल्वर 4,08,000 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 22,600 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 4,09,800 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. राज्यसभा में उठा चांदी का मुद्दा राज्यसभा में गुरुवार को कांगेस के एक सदस्य ने सोने-चांदी की कीमतों में हाल में बेतहाशा वृद्धि पर चिंता जतायी और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की. पीटीआई भाषा की अनुसार, उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं एवं विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है. सरकार पर साधा निशाना उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में इस कदर बेलगाम वृद्धि सरकार की गंभीर नीतिगत और आर्थिक असफलता को दर्शाता है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों में आम महिलाओं को सजा मिल रही है, वहीं जमाखोरों को संरक्षण मिल रहा है. उन्होंने मांग की कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत हस्तक्षेप और सट्टेबाजों एवं जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करें. यह भी पढ़ें: Share Market Fall: इकोनॉमिक सर्वे वाले दिन शेयर बाजार धड़ाम; इन वजहों से फिसला स्टॉक मार्केट, जानें डिटेल
Silver Price Surge: देश में गुरुवार, 29 जनवरी को चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के भाव 4 लाख रुपये (प्रति किलो) के स्तर से ऊपर पहुंच गए है. पिछले 10 दिनों में चांदी के दाम करीब 1 लाख रुपये चढ़ चुके हैं.
साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 119 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड आंकड़े पर पहुंच गई है. आइए जानते हैं, आज के ताजा भाव....
चांदी के दाम 10 दिनों में करीब 1 लाख रुपये बढ़े
पिछले 10 दिनों में चांदी के दामों में करीब 1 लाख रुपये से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इस दौरान चांदी की कीमतें औसतन करीब 4 से 5 हजार रुपये प्रति दिन उछली है. 19 जनवरी को चांदी का भाव 2,93,975 रुपये था, जो 28 जनवरी तक बढ़कर 3,76,923 रुपये तक हो गया था.
आज 29 जनवरी को भी यह तेजी बरकरार रही और चांदी ने 4 लाख रुपये से अधिक का स्तर छू लिया. इससे साफ है कि बीते दिनों में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. सिर्फ आज की बात करें तो एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में करीब 22 हजार रुपये की तेजी देखने को मिल रही है.
2024 से 2026 तक चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस दौरान चांदी की कीमतों में तेजी बनी रही. साल 2024 में चांदी का भाव 80 हजार से 90 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहा. इसके बाद 2025 में चांदी ने बड़ी छलांग लगाई और कीमत 1 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई.
वहीं, 2026 में चांदी के दाम बढ़कर 4 लाख रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच गए है. जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है.
एमसीएक्स पर चांदी के ताजा भाव
घरेलू फ्यूचर मार्केट में चांदी की कीमतों में गुरुवार, 29 जनवरी को तूफानी तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर वायदा गुरुवार को 3,99,000 रुपये (प्रति किलो) पर ओपन हुआ था. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर चांदी 3,85,366 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.
29 जनवरी की दोपहर करीब 1:15 बजे, एमसीएक्स पर 5 मार्च का एक्सपायरी वाला सिल्वर 4,08,000 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 22,600 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 4,09,800 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.
राज्यसभा में उठा चांदी का मुद्दा
राज्यसभा में गुरुवार को कांगेस के एक सदस्य ने सोने-चांदी की कीमतों में हाल में बेतहाशा वृद्धि पर चिंता जतायी और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की. पीटीआई भाषा की अनुसार, उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं एवं विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है.
सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में इस कदर बेलगाम वृद्धि सरकार की गंभीर नीतिगत और आर्थिक असफलता को दर्शाता है.
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों में आम महिलाओं को सजा मिल रही है, वहीं जमाखोरों को संरक्षण मिल रहा है. उन्होंने मांग की कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत हस्तक्षेप और सट्टेबाजों एवं जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करें.
यह भी पढ़ें: Share Market Fall: इकोनॉमिक सर्वे वाले दिन शेयर बाजार धड़ाम; इन वजहों से फिसला स्टॉक मार्केट, जानें डिटेल
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