यूएस फेड के फैसले से पहले बाजार में कोहराम-टूटा रुपया, क्या आगे और गिरने का है डर?
Dollar vs Rupee: भारतीय रुपया गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है और अमेरिकी डॉलर की तुलना में 90 का स्तर पार कर चुका है. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे टूटकर 90.15 प्रति डॉलर पर आ गया. यह गिरावट यूएस फेड के फैसले से ठीक पहले देखने को मिल रही है. इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील में अब तक खास प्रगति न होने को भी रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह माना जा रहा है. और टूटा रुपया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कृषि उत्पादों, विशेषकर चावल पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है. इसके साथ ही कनाडा की खाद पर भी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि सस्ते आयात अमेरिकी किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग से निवेशक सतर्क हो गए हैं. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.15 पर खुला, जो सोमवार के 90.05 के मुकाबले गिरावट दर्शाता है. इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.04% टूटकर 99.04 पर आ गया. घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 381.91 अंक टूटकर 84,720.78 पर खुला और बाद में 700 अंक तक गिर गया. क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? शुक्रवार को आरबीआई की तरफ से 6 महीने में पहली बार रेपो दर में कटौती के बाद रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.95 पर कारोबार समाप्त किया था. मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी की मानें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी और कमजोर घरेलू बाजारों के कारण रुपये के दबाव में रहने की संभावना है. उन्होंने आगे बताया कि दिसंबर में फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के बीच डॉलर में कमजोरी रुपये को निचले स्तर पर कुछ समर्थन दे सकती है. आरबीआई का संभावित हस्तक्षेप भी रुपये को सहारा मिल सकता है. चौधरी का कहना है कि डॉलर-रुपया हाजिर दर 90.05 से 90.75 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है. वहीं, रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये के लिए किसी निश्चित दायरे को तय नहीं करता, बल्कि घरेलू मुद्रा को बाज़ार की परिस्थितियों के अनुरूप अपना वास्तविक स्तर खोजने की स्वतंत्रता देता है. निफ्टी-50 भी 139.55 अंक फिसलकर 25,821.00 पर पहुंच गया. ब्रेंट क्रूड 0.19% गिरकर 62.37 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को 655.59 करोड़ रुपये की बिकवाली के साथ बाजार से बाहर रहे. ये भी पढ़ें: सोने की चमक हुई फीकी, जानें 9 दिसंबर को दिल्ली से चेन्नई तक कितना सस्ता हुआ रेट
Dollar vs Rupee: भारतीय रुपया गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है और अमेरिकी डॉलर की तुलना में 90 का स्तर पार कर चुका है. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे टूटकर 90.15 प्रति डॉलर पर आ गया. यह गिरावट यूएस फेड के फैसले से ठीक पहले देखने को मिल रही है. इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील में अब तक खास प्रगति न होने को भी रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह माना जा रहा है.
और टूटा रुपया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय कृषि उत्पादों, विशेषकर चावल पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है. इसके साथ ही कनाडा की खाद पर भी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि सस्ते आयात अमेरिकी किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग से निवेशक सतर्क हो गए हैं.
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.15 पर खुला, जो सोमवार के 90.05 के मुकाबले गिरावट दर्शाता है. इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.04% टूटकर 99.04 पर आ गया. घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 381.91 अंक टूटकर 84,720.78 पर खुला और बाद में 700 अंक तक गिर गया.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
शुक्रवार को आरबीआई की तरफ से 6 महीने में पहली बार रेपो दर में कटौती के बाद रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.95 पर कारोबार समाप्त किया था. मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी की मानें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी और कमजोर घरेलू बाजारों के कारण रुपये के दबाव में रहने की संभावना है. उन्होंने आगे बताया कि दिसंबर में फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के बीच डॉलर में कमजोरी रुपये को निचले स्तर पर कुछ समर्थन दे सकती है. आरबीआई का संभावित हस्तक्षेप भी रुपये को सहारा मिल सकता है.
चौधरी का कहना है कि डॉलर-रुपया हाजिर दर 90.05 से 90.75 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है. वहीं, रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये के लिए किसी निश्चित दायरे को तय नहीं करता, बल्कि घरेलू मुद्रा को बाज़ार की परिस्थितियों के अनुरूप अपना वास्तविक स्तर खोजने की स्वतंत्रता देता है.
निफ्टी-50 भी 139.55 अंक फिसलकर 25,821.00 पर पहुंच गया. ब्रेंट क्रूड 0.19% गिरकर 62.37 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को 655.59 करोड़ रुपये की बिकवाली के साथ बाजार से बाहर रहे.
ये भी पढ़ें: सोने की चमक हुई फीकी, जानें 9 दिसंबर को दिल्ली से चेन्नई तक कितना सस्ता हुआ रेट
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