मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कहां तक पहुंचा काम?, अश्विनी वैष्णव ने जापानी मंत्री के साथ लिया जायजा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जापान के भूमि, अवसंरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्री हिरोमासा नाकानो ने शुक्रवार (03 अक्टूबर, 2025) को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के सूरत और मुंबई साइटों का दौरा किया है.  गुजरात के सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जापानी मंत्री का पहले पारंपरिक गरबा के साथ स्वागत किया गया. इसके दोनों मंत्रियों ने सूरत में ट्रैक स्लैब साइट का निरीक्षण किया. दोनों मंत्रियों ने सूरत हाई-स्पीड रेल साइट पर ट्रैक निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जहां वे वायाडक्ट पर J-स्लैब बैलास्टलेस ट्रैक सिस्टम की स्थापना के साथ ही ट्रैक और रेल बिछाने के काम का भी निरीक्षण किया.  वंदे भारत ट्रेन की गुणवत्ता की सराहना कुछ दिनों पहले ही रेल मंत्री वैष्णव ने सूरत के पास पहला ट्रैक टर्नआउट भी देखा था. इसके बाद दोनों मंत्रियों ने BKC स्टेशन का भी निरीक्षण किया. इसके लिए दोनों मंत्री वंदे भारत एक्सप्रेस से सूरत से मुंबई पहुंचे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण कार्य की समीक्षा की. इसके बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल ने वंदे भारत ट्रेन की गुणवत्ता की सराहना की. आपको बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के सबसे अहम BKC स्टेशन को करीब 30 मीटर गहराई में बनाया जा रहा है. तुलनात्मक तौर पर देखें तो 10 मंजिला इमारत जितना जमीन के नीचे है, इसमें कुल तीन स्तर होंगे, प्लेटफॉर्म, कंसकोर्स और सर्विस फ्लोर. इस स्टेशन पर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ दो प्रवेश/निकास द्वार बनाए जा रहे हैं.   Visited the Surat HSR site with H.E. @Hiro_NAKANO_ today. Witnessed track slab laying & adjustment facility.The quality standards and rapid pace of work reflect the strong Bharat–Japan partnership. ???????????????? pic.twitter.com/sPyhtbuuqP — Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) October 3, 2025 सितंबर 2025 तक बुलेट ट्रेन परियोजना का इतना काम पूरा स्टेशनों पर यात्रियों के लिए व्यापक सुविधाएं और प्राकृतिक रोशनी के लिए स्काईलाइट डिजाइन शामिल हैं. इसके लिए अब तक 84% खुदाई का काम पूरा हो चुका है. सितंबर 2025 तक देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के कुल 508 किमी कॉरिडोर में से 323 किमी का वायाडक्ट तैयार किया जा चुका है, जबकि 399 किमी पियर्स का निर्माण पूरा हो चुका है.  इसके अलावा 17 रिवर ब्रिज, 5 PSC पुल और 9 स्टील पुल बन चुके हैं. 211 किमी का ट्रैकबेड तैयार और 4 लाख से अधिक नॉइज बैरियर्स भी लगाए जा चुके हैं. महाराष्ट्र के पालघर में 7 माउंटेन सुरंगों की खुदाई चल रही है. BKC से शिलफाटा तक 21 किमी NATM सुरंग में से 5 किमी में ब्रेकथ्रू हो चुका है. इसके अलावा सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो निर्माणाधीन हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपरस्ट्रक्चर का काम भी तेजी से चल रहा है. महाराष्ट्र के तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है. ये भी पढ़ें:- 'आई लव मोदी' ठीक है तो 'आई लव मोहम्मद' पर विवाद क्यों? असदुद्दीन ओवैसी का सरकार से सवाल

Oct 4, 2025 - 01:30
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कहां तक पहुंचा काम?, अश्विनी वैष्णव ने जापानी मंत्री के साथ लिया जायजा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जापान के भूमि, अवसंरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्री हिरोमासा नाकानो ने शुक्रवार (03 अक्टूबर, 2025) को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के सूरत और मुंबई साइटों का दौरा किया है. 

गुजरात के सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जापानी मंत्री का पहले पारंपरिक गरबा के साथ स्वागत किया गया. इसके दोनों मंत्रियों ने सूरत में ट्रैक स्लैब साइट का निरीक्षण किया. दोनों मंत्रियों ने सूरत हाई-स्पीड रेल साइट पर ट्रैक निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जहां वे वायाडक्ट पर J-स्लैब बैलास्टलेस ट्रैक सिस्टम की स्थापना के साथ ही ट्रैक और रेल बिछाने के काम का भी निरीक्षण किया. 

वंदे भारत ट्रेन की गुणवत्ता की सराहना

कुछ दिनों पहले ही रेल मंत्री वैष्णव ने सूरत के पास पहला ट्रैक टर्नआउट भी देखा था. इसके बाद दोनों मंत्रियों ने BKC स्टेशन का भी निरीक्षण किया. इसके लिए दोनों मंत्री वंदे भारत एक्सप्रेस से सूरत से मुंबई पहुंचे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन स्टेशन के निर्माण कार्य की समीक्षा की. इसके बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल ने वंदे भारत ट्रेन की गुणवत्ता की सराहना की.

आपको बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के सबसे अहम BKC स्टेशन को करीब 30 मीटर गहराई में बनाया जा रहा है. तुलनात्मक तौर पर देखें तो 10 मंजिला इमारत जितना जमीन के नीचे है, इसमें कुल तीन स्तर होंगे, प्लेटफॉर्म, कंसकोर्स और सर्विस फ्लोर. इस स्टेशन पर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ दो प्रवेश/निकास द्वार बनाए जा रहे हैं.

 

सितंबर 2025 तक बुलेट ट्रेन परियोजना का इतना काम पूरा

स्टेशनों पर यात्रियों के लिए व्यापक सुविधाएं और प्राकृतिक रोशनी के लिए स्काईलाइट डिजाइन शामिल हैं. इसके लिए अब तक 84% खुदाई का काम पूरा हो चुका है. सितंबर 2025 तक देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के कुल 508 किमी कॉरिडोर में से 323 किमी का वायाडक्ट तैयार किया जा चुका है, जबकि 399 किमी पियर्स का निर्माण पूरा हो चुका है. 

इसके अलावा 17 रिवर ब्रिज, 5 PSC पुल और 9 स्टील पुल बन चुके हैं. 211 किमी का ट्रैकबेड तैयार और 4 लाख से अधिक नॉइज बैरियर्स भी लगाए जा चुके हैं. महाराष्ट्र के पालघर में 7 माउंटेन सुरंगों की खुदाई चल रही है. BKC से शिलफाटा तक 21 किमी NATM सुरंग में से 5 किमी में ब्रेकथ्रू हो चुका है. इसके अलावा सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो निर्माणाधीन हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपरस्ट्रक्चर का काम भी तेजी से चल रहा है. महाराष्ट्र के तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है.

ये भी पढ़ें:- 'आई लव मोदी' ठीक है तो 'आई लव मोहम्मद' पर विवाद क्यों? असदुद्दीन ओवैसी का सरकार से सवाल

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