भैरव, रुद्र, शक्ति बाण और दिव्यास्त्र... चीन और पाकिस्तान से निपटेंगी ये भारतीय सेना की ये बटालियन, जानें कब होंगी शामिल

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को ऑपरेशन सिंदूर और सेना को लेकर कई अहम जानकारी देश के सामने रखीं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सटीक, संतुलित और दृढ़ प्रतिक्रिया ने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की तैयारी, दृढ़ निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक कौशल को स्पष्ट तौर पर दिखाया है. इसके अलावा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना में शामिल होने वाले नए बटालियनों के बारे में भी जानकारी साझा की. भारतीय सैन्य प्रमुख ने दी जानकारी जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सेना में नए सैन्य संगठनों को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि हम भारतीय सेना में 25 भैरव बटालियनों को शामिल करने वाले हैं. इसके साथ, शक्ति बाण की 15 बटालियन शुरुआती तौर पर भारतीय सेना में शामिल किए जाएंगी. इसके बाद शक्ति बाण की 11 और बटालियनों को सेना में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, भारतीय सेना में 34 दिव्यास्त्र बैटरीज को भी शामिल किया जाएगा. रुद्र ब्रिगेड में किया जाएगा दूसरे फेज का इंडक्शन: जनरल द्विवेदी वहीं, उन्होंने कहा कि हम रुद्र ब्रिगेड में भी 7 और बटालियन का इंडक्शन करने वाले हैं. सेना प्रमुख ने कहा भारतीय सेना में रूद्र ब्रिगेड के दो बटालियन पहले से शामिल हैं. इसके बाद दूसरे फेज में चार और बटालियनों को कमीशन किया जाएगा.           View this post on Instagram                       A post shared by Asian News International (@ani_trending) ऑपरेशन सिंदूर को लेकर क्या बोले सेना प्रमुख? भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो टर्निंग पॉइंट्स का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकी ठिकानों पर 22 मिनट के हमले को अंजाम दिया. इसमें पहला टर्निंग पॉइंट ये था कि भारतीय सेना के कार्रवाई से उनके फैसले लेने के सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ा गया था और उन्हें यह समझने में काफी वक्त लग गया कि क्या हो रहा है. वहीं, दूसरे टर्निंग पॉइंट का जिक्र करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि 10 मई, 2025 की सुबह तीनों सेनाओं के प्रमुखों को कुछ ऐसे निर्देश दे दिए गए थे कि अगर यह युद्ध आगे बढ़ता है, तो इसके बाद क्या किया जाएगा. यह भी पढ़ेंः ‘पूरा PoK भारत का है’, शक्सगाम घाटी पर चीन के दावे को लद्दाख LG कविंदर गुप्ता ने किया खारिज

Jan 14, 2026 - 03:30
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भैरव, रुद्र, शक्ति बाण और दिव्यास्त्र... चीन और पाकिस्तान से निपटेंगी ये भारतीय सेना की ये बटालियन, जानें कब होंगी शामिल

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को ऑपरेशन सिंदूर और सेना को लेकर कई अहम जानकारी देश के सामने रखीं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सटीक, संतुलित और दृढ़ प्रतिक्रिया ने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की तैयारी, दृढ़ निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक कौशल को स्पष्ट तौर पर दिखाया है. इसके अलावा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना में शामिल होने वाले नए बटालियनों के बारे में भी जानकारी साझा की.

भारतीय सैन्य प्रमुख ने दी जानकारी

जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सेना में नए सैन्य संगठनों को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि हम भारतीय सेना में 25 भैरव बटालियनों को शामिल करने वाले हैं. इसके साथ, शक्ति बाण की 15 बटालियन शुरुआती तौर पर भारतीय सेना में शामिल किए जाएंगी. इसके बाद शक्ति बाण की 11 और बटालियनों को सेना में शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, भारतीय सेना में 34 दिव्यास्त्र बैटरीज को भी शामिल किया जाएगा.

रुद्र ब्रिगेड में किया जाएगा दूसरे फेज का इंडक्शन: जनरल द्विवेदी

वहीं, उन्होंने कहा कि हम रुद्र ब्रिगेड में भी 7 और बटालियन का इंडक्शन करने वाले हैं. सेना प्रमुख ने कहा भारतीय सेना में रूद्र ब्रिगेड के दो बटालियन पहले से शामिल हैं. इसके बाद दूसरे फेज में चार और बटालियनों को कमीशन किया जाएगा.

 
 
 
 
 
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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर क्या बोले सेना प्रमुख?

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो टर्निंग पॉइंट्स का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकी ठिकानों पर 22 मिनट के हमले को अंजाम दिया. इसमें पहला टर्निंग पॉइंट ये था कि भारतीय सेना के कार्रवाई से उनके फैसले लेने के सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ा गया था और उन्हें यह समझने में काफी वक्त लग गया कि क्या हो रहा है.

वहीं, दूसरे टर्निंग पॉइंट का जिक्र करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि 10 मई, 2025 की सुबह तीनों सेनाओं के प्रमुखों को कुछ ऐसे निर्देश दे दिए गए थे कि अगर यह युद्ध आगे बढ़ता है, तो इसके बाद क्या किया जाएगा.

यह भी पढ़ेंः ‘पूरा PoK भारत का है’, शक्सगाम घाटी पर चीन के दावे को लद्दाख LG कविंदर गुप्ता ने किया खारिज

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