'भारी मन से ले रहा फैसला...' गेमिंग सेक्टर की एक और कंपनी छंटनी का शिकार, काम से निकाले गए 120 लोग
Layoffs in Gameskraft: Rummy Culture की ऑपरेटर कंपनी Gameskraft ने 120 कर्मचारियों की छंटनी की है. भारत में रमी, पोकर, लूडो और फंतारी स्पोर्ट्स जैसे रियल मनी गेम्स पर सरकार के लगाए गए प्रतिबंध के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया. Tracxn की डेटा के मुताबिक, बेंगलुरु की इस कंपनी में लगभग 448 कर्मचारियों की अपनी टीम से 120 लोग अब काम से बाहर निकाले जाएंगे. कंपनी ने कहा है कि सरकार के लाए नए कानून के चलते उनका कोर बिजनेस बंद हो गया है, ऐसे में यह छंटनी मैनेजमेंट को रीकंस्ट्रक्ट करने का एक हिस्सा है. साथ में कंपनी ने इस ओर भी इशारा किया कि बदलते व्यावसायिक निर्णयों के कारण और भी नौकरियों में कटौती हो सकती है. कंपनी को वर्कर्स को निकाले जाने का दुख कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, काफी सोच-विचार के बाद हम अलग-अलग टीम और फंक्शंस से लगभग 120 क्राफ्टर्स (कर्मचारियों) को नौकरी से निकाल रहे हैं. यह फैसला हम बहुत भारी मन से ले रहे हैं. बाहर जिस तरह का माहौल है कंपनी का बिजनेस उस तरीके से ढल रहा है इसलिए आगे और संरचनात्मक परिवर्तनों की आवश्यकता हो सकती है. कंपनी ने यह भी कहा कि जितने भी लोग काम से निकाले जा रहे हैं, उनके लिए हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मार्च 2026 तक प्रभाव में रहेंगी. जिन कर्मचारियों ने आश्रित माता-पिता के कवरेज का विकल्प चुना था, उनकी भी निरंतरता समान रहेगी. गेमिंग सेक्टर ने लगातार निकाले जा रहे लोग गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर और (सीईओ) पृथ्वी सिंह ने कहा, "हालांकि यह कदम पूरी तरह से बाहरी माहौल और नई वास्तविकता के अनुकूल होने की जरूरत से प्रेरित है, लेकिन यह किसी भी तरह से उनकी प्रतिभा या समर्पण को नहीं दर्शाता है. हमारे लोगों के प्रति हमारा सम्मान अपरिवर्तित है और हम उनके अगले पड़ाव में उनका समर्थन करने की पूरी कोशिश करेंगे." इसी के साथ यह कंपनी उन दूसरी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने रियल मनी गेमिंग पर पाबंदी लगाए जाने के बाद कर्मचारियों की छंटनी की है. ये भी पढ़ें: क्या अपने घर का सपना कभी नहीं होगा पूरा? करोड़ों में पहुंच रही घरों की कीमत, लाखों की सैलरी भी पड़ रही कम
Layoffs in Gameskraft: Rummy Culture की ऑपरेटर कंपनी Gameskraft ने 120 कर्मचारियों की छंटनी की है. भारत में रमी, पोकर, लूडो और फंतारी स्पोर्ट्स जैसे रियल मनी गेम्स पर सरकार के लगाए गए प्रतिबंध के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया. Tracxn की डेटा के मुताबिक, बेंगलुरु की इस कंपनी में लगभग 448 कर्मचारियों की अपनी टीम से 120 लोग अब काम से बाहर निकाले जाएंगे. कंपनी ने कहा है कि सरकार के लाए नए कानून के चलते उनका कोर बिजनेस बंद हो गया है, ऐसे में यह छंटनी मैनेजमेंट को रीकंस्ट्रक्ट करने का एक हिस्सा है. साथ में कंपनी ने इस ओर भी इशारा किया कि बदलते व्यावसायिक निर्णयों के कारण और भी नौकरियों में कटौती हो सकती है.
कंपनी को वर्कर्स को निकाले जाने का दुख
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, काफी सोच-विचार के बाद हम अलग-अलग टीम और फंक्शंस से लगभग 120 क्राफ्टर्स (कर्मचारियों) को नौकरी से निकाल रहे हैं. यह फैसला हम बहुत भारी मन से ले रहे हैं. बाहर जिस तरह का माहौल है कंपनी का बिजनेस उस तरीके से ढल रहा है इसलिए आगे और संरचनात्मक परिवर्तनों की आवश्यकता हो सकती है. कंपनी ने यह भी कहा कि जितने भी लोग काम से निकाले जा रहे हैं, उनके लिए हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मार्च 2026 तक प्रभाव में रहेंगी. जिन कर्मचारियों ने आश्रित माता-पिता के कवरेज का विकल्प चुना था, उनकी भी निरंतरता समान रहेगी.
गेमिंग सेक्टर ने लगातार निकाले जा रहे लोग
गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर और (सीईओ) पृथ्वी सिंह ने कहा, "हालांकि यह कदम पूरी तरह से बाहरी माहौल और नई वास्तविकता के अनुकूल होने की जरूरत से प्रेरित है, लेकिन यह किसी भी तरह से उनकी प्रतिभा या समर्पण को नहीं दर्शाता है. हमारे लोगों के प्रति हमारा सम्मान अपरिवर्तित है और हम उनके अगले पड़ाव में उनका समर्थन करने की पूरी कोशिश करेंगे." इसी के साथ यह कंपनी उन दूसरी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने रियल मनी गेमिंग पर पाबंदी लगाए जाने के बाद कर्मचारियों की छंटनी की है.
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