भारतीय सेना के बहादुर डॉग टायसन की अब कैसी है तबीयत? ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पैरों में लगी थी गोली, मिल गया अपडेट

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 (22 फरवरी) के दौरान भारतीय सेना के बहादुर डॉग स्क्वाड के हीरो टायसन के पैरों में गोली लग गई थी. अब उनका इलाज किया जा रहा है. यह जानकारी सेना की तरफ से दी गई है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह घायल हैं, लेकिन अभी भी हौसला बुलंद है.  टायसन ने आतंकवादी ठिकाने में घुसने की हिम्मत दिखाई थी. जर्मन शेफर्ड ने रविवार को चटरू इलाके में पासेरकुट की तलहटी में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को उनके मडहाउस ठिकाने (ढोक) के अंदर अहम भूमिका निभाई. इस दौरान उनकी सच्ची भारतीय भावना नजर आई. सेना ने टायसन के हेल्थ अपडेट के बारे में क्या जानकारी दी? सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हाल ही में किश्तवाड़ में हुए ऑपरेशन त्राशी-1 में असॉल्ट डॉग टायसन ने आतंकवादियों के ठिकाने में घुसते समय पहली गोली खाकर बहुत हिम्मत दिखाई. अपनी चोटों से घबराए बिना, वह आगे बढ़ा और जोरदार हमला किया. इससे आतंकवादियों को गोली चलाने पर मजबूर होना पड़ा. इस तरह उनकी मौजदूगी पक्की हो गई.   #???????????????????????????????????????????????????????????????? | #????????????????????????????????-???? | #???????????????????????????????????????????????????????????????????????????????? (???????????????? ???????????????????????????? ????????????) | ???????????????????????? | ???????????????????????????????????????? ???????????????? In the recent ???????????????????????????????????? ????????????????????????-???? at #????????????????????????????????, ???????????????????????????? ????????????… pic.twitter.com/VHuoecm4V1 — White Knight Corps (@Whiteknight_IA) February 24, 2026   सेना ने टायसन की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि टायसन की निडरता ने व्हाइट नाइट कॉर्प्स, पुलिस और सीआरपीएफ के सैनिकों को पाकिस्तान के तीन स्पॉन्सर्ड आतंकवादियों से ठीक से भिड़ने और उन्हें बेअसर करने में मदद की. सेना ने बताया कि घायल होने के बावजूद जोश में टायसन ने ड्यूटी के प्रति सच्ची लगन की मिसाल पेश की. एक सच्चे योद्धा और एक सच्चे सैनिक की तरह. तलाश जारी है. जो भी शांति को भंग करना चाहते हैं, उन्हें कोई पनाह नहीं मिलेगी.  अधिकारियों ने कहा कि के9 सैनिक के अगले पैर में चोट आई. इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालकर जानवरों के अस्पताल में एडमिट कराया. साथ ही बताया कि व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा टायसन से अस्पताल में मिले हैं. उनके हेल्थ अपडेट की जानकारी ली. इसके अलावा वहां मौजूद टीम से भी बात की. साथ ही अच्छे से देखभाल करने का निर्देश दिया. आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में आर्मी डॉग यूनिट की भूमिका की तारीफ भी की. 

Feb 24, 2026 - 20:30
 0
भारतीय सेना के बहादुर डॉग टायसन की अब कैसी है तबीयत? ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान पैरों में लगी थी गोली, मिल गया अपडेट

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 (22 फरवरी) के दौरान भारतीय सेना के बहादुर डॉग स्क्वाड के हीरो टायसन के पैरों में गोली लग गई थी. अब उनका इलाज किया जा रहा है. यह जानकारी सेना की तरफ से दी गई है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह घायल हैं, लेकिन अभी भी हौसला बुलंद है. 

टायसन ने आतंकवादी ठिकाने में घुसने की हिम्मत दिखाई थी. जर्मन शेफर्ड ने रविवार को चटरू इलाके में पासेरकुट की तलहटी में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को उनके मडहाउस ठिकाने (ढोक) के अंदर अहम भूमिका निभाई. इस दौरान उनकी सच्ची भारतीय भावना नजर आई.

सेना ने टायसन के हेल्थ अपडेट के बारे में क्या जानकारी दी?

सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हाल ही में किश्तवाड़ में हुए ऑपरेशन त्राशी-1 में असॉल्ट डॉग टायसन ने आतंकवादियों के ठिकाने में घुसते समय पहली गोली खाकर बहुत हिम्मत दिखाई. अपनी चोटों से घबराए बिना, वह आगे बढ़ा और जोरदार हमला किया. इससे आतंकवादियों को गोली चलाने पर मजबूर होना पड़ा. इस तरह उनकी मौजदूगी पक्की हो गई.

 

 

सेना ने टायसन की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि टायसन की निडरता ने व्हाइट नाइट कॉर्प्स, पुलिस और सीआरपीएफ के सैनिकों को पाकिस्तान के तीन स्पॉन्सर्ड आतंकवादियों से ठीक से भिड़ने और उन्हें बेअसर करने में मदद की. सेना ने बताया कि घायल होने के बावजूद जोश में टायसन ने ड्यूटी के प्रति सच्ची लगन की मिसाल पेश की. एक सच्चे योद्धा और एक सच्चे सैनिक की तरह. तलाश जारी है. जो भी शांति को भंग करना चाहते हैं, उन्हें कोई पनाह नहीं मिलेगी. 

अधिकारियों ने कहा कि के9 सैनिक के अगले पैर में चोट आई. इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालकर जानवरों के अस्पताल में एडमिट कराया. साथ ही बताया कि व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा टायसन से अस्पताल में मिले हैं. उनके हेल्थ अपडेट की जानकारी ली. इसके अलावा वहां मौजूद टीम से भी बात की. साथ ही अच्छे से देखभाल करने का निर्देश दिया. आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में आर्मी डॉग यूनिट की भूमिका की तारीफ भी की. 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow