भारतीय बाजार में कारोबार पर रोक के सेबी के एक्शन आया अमेरिकी फर्म का रिएक्शन
Jane Stree Reactions On SEBI Actions: अमेरिकी फर्म Jane Street के ऊपर मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति विनियम बोर्ड यानी सेबी ने बड़ा एक्शन लेते हुए उसके भारतीय बाजार में कारोबार पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. सेबी ने उसके ऊपर हेराफेरी और अवैध तरीके से पैसा बनाने का आरोप लगाया है. इसके बाद अब जेन स्ट्रीट का सेबी के इस एक्शन पर बयान आया है. जेन स्ट्रीट ने शुक्रवार को कहा कि सेबी की तरफ से जो कुछ भी उसके अंतरिम आदेश में कहा गया है, वे उससे सहमत नहीं है. समाजार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, जेन स्ट्रीट का कहना है कि वे जहां भी किसी देश में काम करती है तो उस देश के नियमों का पूरी तरह से पालन करती है. क्या है जेन स्ट्रीट पर आरोप दरअसल साल 2000 में बनी जेन स्ट्रीट एक अमेरिकी ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म है और दुनिया में ये एक प्रभावी कंपनी है. अमेरिेका से लेकर एशिया और यूरोप तक जैन स्ट्रीट का कारोबार दुनियाभर में फैला हुआ है. लेकिन, सेबी की तरफ से एक्शन भारतीय शेयर बाजार में बैंक निफ्टी के जरिए मैनिपुलेशन की गहन जांच के बाद ये लिया गया है. सेबी ने अपने आदेश की कॉपी में कहा कि 2023 के जनवरी से लेकर 2025 के मार्च तक जेन स्ट्रीट ने करीब 36500 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कमाया है. मार्केट रेगुलेटर का मानना है कि बैंक निफ्टी में ट्रेडिंग कर ये मुनाफा बनाया गया है और इसमें कई तरह की रणनीति अपनाई गई है. इसके साथ ही, जेन स्ट्रीट की ओर से बाजार को मैनुपुलेट भी किया गया है. जेन स्ट्रीट के भारत में चार फर्म JS Investment private Ltd, JSI2 Investment Private Limited, Jane Street Singapore private Ltd और Jane Street Asia Trading Ltd के जरिए काम करती है. इसमें करीब छब्बीस सौ से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: वन बिग ब्यूटीफुल बिल लाकर ट्रंप ने अपने ही पैर पर मार ली कुल्हाड़ी, अब बीजिंग हो जाएगा दुनिया का सुपरपावर
Jane Stree Reactions On SEBI Actions: अमेरिकी फर्म Jane Street के ऊपर मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति विनियम बोर्ड यानी सेबी ने बड़ा एक्शन लेते हुए उसके भारतीय बाजार में कारोबार पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. सेबी ने उसके ऊपर हेराफेरी और अवैध तरीके से पैसा बनाने का आरोप लगाया है. इसके बाद अब जेन स्ट्रीट का सेबी के इस एक्शन पर बयान आया है.
जेन स्ट्रीट ने शुक्रवार को कहा कि सेबी की तरफ से जो कुछ भी उसके अंतरिम आदेश में कहा गया है, वे उससे सहमत नहीं है. समाजार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, जेन स्ट्रीट का कहना है कि वे जहां भी किसी देश में काम करती है तो उस देश के नियमों का पूरी तरह से पालन करती है.
क्या है जेन स्ट्रीट पर आरोप
दरअसल साल 2000 में बनी जेन स्ट्रीट एक अमेरिकी ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म है और दुनिया में ये एक प्रभावी कंपनी है. अमेरिेका से लेकर एशिया और यूरोप तक जैन स्ट्रीट का कारोबार दुनियाभर में फैला हुआ है. लेकिन, सेबी की तरफ से एक्शन भारतीय शेयर बाजार में बैंक निफ्टी के जरिए मैनिपुलेशन की गहन जांच के बाद ये लिया गया है.
सेबी ने अपने आदेश की कॉपी में कहा कि 2023 के जनवरी से लेकर 2025 के मार्च तक जेन स्ट्रीट ने करीब 36500 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कमाया है. मार्केट रेगुलेटर का मानना है कि बैंक निफ्टी में ट्रेडिंग कर ये मुनाफा बनाया गया है और इसमें कई तरह की रणनीति अपनाई गई है. इसके साथ ही, जेन स्ट्रीट की ओर से बाजार को मैनुपुलेट भी किया गया है.
जेन स्ट्रीट के भारत में चार फर्म JS Investment private Ltd, JSI2 Investment Private Limited, Jane Street Singapore private Ltd और Jane Street Asia Trading Ltd के जरिए काम करती है. इसमें करीब छब्बीस सौ से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं.
What's Your Reaction?