भारतीय एयरफोर्स की बढ़ने वाली है ताकत, थर-थर कांपेंगे दुश्मन! फ्रांस से 114 राफेल खरीद को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को भारतीय वायुसेना के लिए 114 रफाल फाइटर जेट देश में बनाने की मंजूरी दी. अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आने वाले हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि तब इसकी घोषणा की की जाएगी. इस सौदे की कुल कीमत 3.25 लाख करोड़ हो सकती है, जो देश की सबसे बड़ी डिफेंस डील हो सकती है. 36 रफाल की तरह ये भी G2G यानी गर्वमेंट टू गर्वमेंट डील होगी. अभी इस सौदे को एक लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा, जिसमें कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी शामिल है. भारत में ही बनाए जाएंगे 114 राफेल लड़ाकू जेट फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट से 114 राफेल लड़ाकू जेट मेक इन इंडिया के तहत देश में ही बनाए जाएंगे. पिछले साल भारतीय वायु सेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 और राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा था. भारत और फ्रांस अगले महीने ही 114 लड़ाकू जेट के अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. अप्रैल 2025 में भारतीय नौसेना को और अधिक ताकत देने के लिए भारत ने फ्रांस के साथ 26 राफेल-मरीन फाइटर जेट खरीदने के लिए 63,000 करोड़ रुपए का एक ऐतिहासिक समझौता किया था. नौसेना को कब मिलेगा राफेल-मरीन फाइटर जेट यह खरीद अंतर-सरकारी समझौते (Inter-governmental Agreements) के तहत की जाएगी, जिससे बिना किसी मध्यस्थ के सीधे विमानों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी. इसके तहत 22 सिंगल-सीटर जेट और चार टू-सीटर प्रशिक्षण विमानों के लिए समझौता किया गया है, जिनकी आपूर्ति 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है. डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने पिछले साल जून में भारत में राफेल लड़ाकू विमान के निर्माण के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जो देश की एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने और ग्लोबल सप्लाई चेन को समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. राफेल फाइटर जेट की मेन बॉडी, जिसे फ्यूजलाज कहा जाता है वो अब हैदराबाद में बनेगी. फ्यूजलाज यूनिट 2028 में असेंबली लाइन से बाहर आएगी. मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से हर महीने दो पूरी मेन बॉडी तैयार होने की उम्मीद है.
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को भारतीय वायुसेना के लिए 114 रफाल फाइटर जेट देश में बनाने की मंजूरी दी. अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमनुएल मैक्रों भारत दौरे पर आने वाले हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि तब इसकी घोषणा की की जाएगी. इस सौदे की कुल कीमत 3.25 लाख करोड़ हो सकती है, जो देश की सबसे बड़ी डिफेंस डील हो सकती है. 36 रफाल की तरह ये भी G2G यानी गर्वमेंट टू गर्वमेंट डील होगी. अभी इस सौदे को एक लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा, जिसमें कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी शामिल है.
भारत में ही बनाए जाएंगे 114 राफेल लड़ाकू जेट
फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट से 114 राफेल लड़ाकू जेट मेक इन इंडिया के तहत देश में ही बनाए जाएंगे. पिछले साल भारतीय वायु सेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 और राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा था. भारत और फ्रांस अगले महीने ही 114 लड़ाकू जेट के अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. अप्रैल 2025 में भारतीय नौसेना को और अधिक ताकत देने के लिए भारत ने फ्रांस के साथ 26 राफेल-मरीन फाइटर जेट खरीदने के लिए 63,000 करोड़ रुपए का एक ऐतिहासिक समझौता किया था.
नौसेना को कब मिलेगा राफेल-मरीन फाइटर जेट
यह खरीद अंतर-सरकारी समझौते (Inter-governmental Agreements) के तहत की जाएगी, जिससे बिना किसी मध्यस्थ के सीधे विमानों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी. इसके तहत 22 सिंगल-सीटर जेट और चार टू-सीटर प्रशिक्षण विमानों के लिए समझौता किया गया है, जिनकी आपूर्ति 2031 तक पूरी होने की उम्मीद है. डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने पिछले साल जून में भारत में राफेल लड़ाकू विमान के निर्माण के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जो देश की एयरोस्पेस विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने और ग्लोबल सप्लाई चेन को समर्थन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
राफेल फाइटर जेट की मेन बॉडी, जिसे फ्यूजलाज कहा जाता है वो अब हैदराबाद में बनेगी. फ्यूजलाज यूनिट 2028 में असेंबली लाइन से बाहर आएगी. मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से हर महीने दो पूरी मेन बॉडी तैयार होने की उम्मीद है.
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